इजरायल से स्पाइस-2000 बमों की पहली खेप मिली, बालाकोट स्ट्राइक में इनका इस्तेमाल हुआ था

2 वर्ष पहले
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स्पाइस-2000 बम।- फाइल - Dainik Bhaskar
स्पाइस-2000 बम।- फाइल
  • स्पाइस-2000 को ‘बिल्डिंग ब्लास्टर’ के नाम से भी जाना जाता है
  • वायुसेना ने इसे हासिल करने के लिए जून में इजरायल से समझौता किया था

नई दिल्ली. भारतीय वायुसेना ने बालाकोट एयर स्ट्राइक में सफलतापूर्वक इस्तेमाल की गई ‘बिल्डिंग ब्लास्टर’ के नाम से प्रसिद्ध स्पाइस-2000 बमों की पहली खेप हासिल कर ली है। वायुसेना सूत्रों ने न्यूज एजेंसी को बताया कि इजरायली कंपनी ने भारत को स्पाइस-2000 बमों की डिलीवरी शुरू कर दी है और हाल ही में इसकी पहली खेप मिली है।
 
उन्होंने बताया कि यह बम मिराज-2000 फाइटर एयरक्राफ्ट के घरेलू बेस ग्वालियर को हासिल हुआ है क्योंकि यही एयरक्राफ्ट इजरायली बमों को फायर करने में सक्षम है। भारतीय वायुसेना ने इजरायल के साथ मार्क 84 वारहेड और बमों को हासिल करने के लिए 250 करोड़ रु. के समझौते पर हस्ताक्षर किया था। इसमें बिल्डिंग को पूरी तरह ध्वस्त करने की क्षमता है।
 

वायुसेना को इजरायल से 100 स्पाइस बम मिलेंगे
उन्होंने बताया कि यह समझौता इसी साल जून में 100 स्पाइस बमों को हासिल करने के लिए हुआ था। वायुसेना बालाकोट स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर सफलतापूर्वक एयर स्ट्राइक करने के बाद इन बमों को हासिल करना चाहती थी। वायुसेना ने आतंकियों के ठिकानों पर मिराज-2000 लड़ाकू विमान से स्पाइस-2000 बमों को गिराया था।
 


 

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