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पुलवामा का जवाब / भारत ने पीओके में आतंकी कैंपों पर किया हमला, 1000 किलो के बम गिराए

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  • बताया जा रहा है कि 10 मिराज विमानों से हमला किया गया

Feb 26, 2019, 08:37 AM IST
  • भारतीय वायुसेना ने मंगलवार तड़के 3:45 से 4:05 बजे के बीच कार्रवाई की
  • पाकिस्तान ने भी माना- उसके क्षेत्र में दिखे थे भारत के विमान
  • भारत ने कहा- जैश देश में फिर फिदायीन हमलों की तैयारी में था, इसलिए कार्रवाई जरूरी थी
  • बालाकोट में भारत ने जिस आतंकी कैम्प पर हमला किया, उसे कंधार विमान हाईजैक में शामिल रहा यूसुफ अजहर चलाता था


नई दिल्ली. पुलवामा हमले के 13वें दिन भारतीय वायुसेना ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ कार्रवाई की। मंगलवार तड़के 3:45 बजे मिराज-2000 लड़ाकू विमानों ने पाक की सीमा में हमला किया। 12 मिराज विमानों ने कुल 1000 किलो भार वाले लेजर गाइडेड 6 बम गिराए। इस हमले में 350 आतंकी मारे गए हैं। इनमें 25 ट्रेनर थे। भारत ने पूरी कार्रवाई को सिर्फ 21 मिनट में अंजाम दिया। हमले वाली जगह एलओसी से करीब 50 किलोमीटर दूर है। 14 फरवरी को पुलवामा फिदायीन हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे। जैश-ए-मोहम्मद ने इसकी जिम्मेदारी ली थी।


भारतीय सेना ने 1971 की जंग में सीमा पार की थी और पाकिस्तान के ठिकानों पर बम बरसाए थे। तब भारतीय विमानों ने पश्चिमी सीमा पर 4000 उड़ानें और पाक के कब्जे वाले बांग्लादेश की तरफ पूर्वी सीमा से 2000 बार उड़ानें भरी थीं।

 

विदेश मंत्रालय ने हमले की पुष्टि की

हमले के बाद भारतीय विदेश सचिव विजय गोखले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया, ‘जैश-ए-मोहम्मद ने पुलवामा में हमला किया था। इसमें हमारे 40 जवान शहीद हुए थे। पिछले दो दशक से जैश पाकिस्तान में सक्रिय है। इसका सरगना मसूद अजहर है। वह पाकिस्तान के बहावलपुर में रहता है। भारतीय संसद पर 2001 में और 2016 में पठानकोट एयरबेस पर हमले में इसी आतंकी संगठन का हाथ रहा है। हमने समय-समय पर पाकिस्तान को इसकी जानकारी दी, लेकिन उसने हर बार इनकार किया। उसने आतंकियों के ठिकाने खत्म करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए।’

 

हमले में जैश के आला कमांडर्स मारे गए

उन्होंने बताया, ‘हमले में जैश के आला कमांडर्स और कई आतंकी मारे गए। मसूद के रिश्तेदार समेत कई आतंकी इसमें मारे गए। इन कैम्प्स को मसूद अजहर का साला यूसुफ अजहर चलाता था।’  बाद में विजय गोखले ने अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, तुर्की और चीन समेत पांच एशियाई देशों के राजनयिकों को बुलाकर हवाई हमले की जानकारी दी।

 

पीओके के मुजफ्फराबाद और चकोटी में भी बमबारी
वायुसेना के सूत्रों ने बताया कि बालाकोट के अलावा एलओसी के पार पीओके के मुजफ्फराबाद और चकोटी इलाके में भी बमबारी की गई। सैन्य सूत्रों ने बताया, इस मिशन के दौरान बैकअप के लिए 16 सुखोई-30 विमान भी तैनात किए गए थे। पूरे ऑपरेशन की निगरानी अवाक्स विमान से हो रही थी। जैश का कंट्रोल रूम अल्फा-3 उड़ा दिया गया। 

 

इंटरपोल की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में था यूसुफ अजहर

खुफिया सूत्रों ने बताया, ‘बालाकोट में जहां हमला हुआ वहां 200 से ज्यादा एके राइफल्स, बेहिसाब हैंड ग्रैनेड, डेटोनेटर और विस्फोटक जमा करके रखा गया था। वायुसेना ने मसूद के जिस साले यूसुफ अजहर को निशाना बनाया वह इंटरपोल की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में था। हमले में मसूद अजहर के भाई तलहा सैफ, कश्मीर में आतंकी कार्रवाइयों में शामिल रहे अम्मार, अजहर खान कश्मीरी और 1999 में आईसी-814 विमान के हाईजैक में शामिल रहे मसूद अजहर के बड़े भाई इब्राहिम अजहर को भी निशाना बनाया गया।’

 

मिराज की फॉर्मेशन को देखकर पाकिस्तानी विमान लौट गए

वायुसेना सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान के एफ-16 विमानों ने जवाबी कार्रवाई की कोशिश की, लेकिन मिराज-2000 लड़ाकू विमान की फॉर्मेशन को देखकर वापस लौट गए। पश्चिमी वायु कमान ने ऑपरेशन का कोआर्डिनेशन किया। मिराज ने पाक के प्रांत खैबर पख्तूनख्वाह में एक ठिकाने को तबाह किया। खुफिया एजेंसियों ने इसकी लोकेशन मुहैया कराई थी।

 

वायुसेना हाईअलर्ट पर

हमले के बाद भारतीय वायुसेना हाईअलर्ट पर है। पश्चिमी सीमा पर एयरफोर्स के फाइटर्स कॉम्बैट पेट्रोलिंग कर रहे हैं। यह पाक के जवाबी हमले की स्थिति में विमानों को भारतीय सीमा में घुसते ही उड़ा देने की क्षमता रखते हैं। पाक से सटी पश्चिमी सीमा पर जामनगर, उत्तरलाई, जैसलमेर, जोधपुर, फलौदी, नाल सहित पंजाब के सभी एयरबेस पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। उत्तरप्रदेश सरकार ने भी एयरफोर्स के कैम्पों की सुरक्षा बढ़ाए जाने के साथ पूरे राज्य में अलर्ट जारी किया। कुंभ में विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है।

 

वायुसेना की कार्रवाई की सभी दलों ने तारीफ की

  • हमले के बाद विदेश मंत्री सुंषमा स्वराज ने 5:30 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई। उन्होंने कहा, ‘मैं खुश हूं कि सभी पार्टियों ने एक स्वर में वायुसेना की कार्रवाई की तारीफ की। सभी ने आतंक के खिलाफ सरकार के एक्शन का समर्थन किया।’
  • बैठक के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, ‘हम वायुसेना की कार्रवाई की तारीफ करते हैं। आतंक को खत्म करने के लिए सेनाओं को हमारा समर्थन है। यह ऑपरेशन आतंकियों और उनके कैम्पों को निशाना बनाने के लिए हुआ।’
  • केंद्रीय प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, ‘नरेंद्र मोदी ने सेना को पूरी छूट दी थी। वायुसेना ने जबरदस्त पराक्रम किया है, उसके लिए उन्हें बहुत बधाई।’
  • जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने भारत की कार्रवाई पर कहा, ‘अगर यह बात सच है तो यह छोटा हमला नहीं है। यह हमारी उम्मीद से परे है।’
  • यहां ट्वीट लगाना है।


भारतीय सेना ने रामधारी सिंह दिनकर की कविता ट्वीट की।

 

पाकिस्तान ने बदला लेने की धमकी दी

प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद पाकिस्तानी राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने कहा, ‘भारत ने बेवजह भड़काने वाली कार्रवाई की है। अब पाकिस्तान अपने हिसाब से जगह और वक्त तय करके जवाब देगा।’ बालाकोट के पुलिस चीफ सगीर हुसैन शाह ने कहा, ‘महमने इलाके में टीमों को भेजा। टीम ने पाया कि किसी भी तरह की जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है, क्योंकि जहां बम गिराए गए थे वह खाली मैदान था।’ पाक सेना के प्रवक्ता मेजर-जनरल आसिफ गफूर ने ने कहा, ‘हमारी सेना भारतीय विमानों के पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में घुसने के पहले से ही तैयार थी और उनका इंतजार कर रही थी। हमें बिल्कुल भी ताज्जुब नहीं हुआ। हम तैयार थे, हम जवाब देंगे। हम आपको सरप्राइज देंगे। हम अलग तरह से जवाब देंगे। यह आप खुद देखेंगे। जवाब दिया जाएगा और निश्चित तौर पर जवाब दिया जाएगा।’

 

पाक रक्षा मंत्री का हास्यास्पद बयान
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री परवेज खट्टक ने आर्मी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हास्यास्पद बयान दिया। उन्होंने कहा, ‘वे (भारतीय सेना) 4-5 किलोमीटर अंदर आए और बम गिराए। हम तैयार थे, लेकिन अंधेरे की वजह से हमारी एयरफोर्स कार्रवाई नहीं कर पाई। फिर ऐसा हमला हुआ तो हम जरूर जवाब देंगे।’


पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया

वायुसेना की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने मंगलवार शाम सीमा पर सीजफायर का उल्लंघन किया। उसकी सेना ने राजौरी के नौशेरा सेक्टर और कृष्णा घाटी सेक्टर में फायरिंग की। भारतीय सेना ने गुजरात में कच्छ के अब्दासा गांव में पाकिस्तान का खुफिया ड्रोन मार गिराया। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सेना प्रमुख बिपिन रावत और वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने एलओसी पर सुरक्षा हालात का जायजा लिया।

 

भारत ने फ्रांस से लिए थे मिराज-2000

मिराज-2000 सिंगल इंजन का लड़ाकू विमान है। इसे फ्रांसीसी विमानन कंपनी दैसो ने बनाया है। 1970 में इसकी डिजाइन तैयार की गई थी। 1982 में भारत ने फ्रांस से मिराज विमानों को खरीदने का फैसला किया था। पहली बार 36 सिंगल सीट मिराज 2000 एच और चार दो सीटों वाले मिराज टीएचएस विमानों के लिए आर्डर दिए गए।

 

20 साल पहले मिराज ने पाक ठिकानों पर बम बरसाए थे

1999 में करगिल युद्ध के दौरान मिराज ने हिमालय की ऊंची पहाड़ियों पर पाक ठिकानों पर जमकर बम बरसाए थे। सफेद सागर ऑपरेशन के तहत जुलाई 1999 में मिराज विमानों को दो स्क्वॉड्रनों ने 514 छोटी उड़ानें भरीं। 1 नंबर स्क्वॉड्रन ने एयर डिफेंस तैयार किया, जबकि 7 नंबर स्क्वॉड्रन ने 240 हमले करके पाक सेना पर 55000 किलो बम गिराए। वायुसेना के पास फिलहाल मिराज 2000 के दो बेड़े हैं। एक बेड़े में 16 से 18 विमान होते हैं।
 

पाक में सक्रिय आतंकियों पर पहली एयर स्ट्राइक

 इससे पहले 1971 की जंग और 1999 की कारगिल की जंग के वक्त भारतीय वायुसेना ने इस तरह की कार्रवाई की थी। दोनों ही मौकों पर भारत की कार्रवाई पाकिस्तान की सेना के खिलाफ थी। किसी आतंकी संगठन के खिलाफ भारत की यह पहली बड़ी एयर स्ट्राइक है। 2016 के उड़ी हमले के बाद भी भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक की थी, लेकिन उसमें वायुसेना की जगह पैराट्रूपर्स को आतंकी कैम्पों को तबाह करने भेजा गया था।

 

बालाकोट दक्षिण एशिया में जिहाद का केंद्र

बालाकोट पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत में हैं। 2005 में भूकंप के कारण यहां भयंकर तबाही मची थी। इतिहासकार आयशा जलाल के मुताबिक, बालाकोट कई मायनों में दक्षिण एशिया में जिहाद का केंद्र है। बालाकोट कश्मीर के दक्षिण और पूर्व में स्थित खगान घाटी जाने के लिए गेटवे भी है।

 

भारत ने सितंबर 2016 में की थी सर्जिकल स्ट्राइक

भारतीय जवानों ने उड़ी हमले के बाद 28-29 सितंबर 2016 की दरमियानी रात पीओके में घुसकर आतंकियों के लॉन्चिंग पैड तबाह किए थे। ऑपरेशन इतना सीक्रेट था कि उसकी जानकारी सिर्फ 7 लोगों को थी। उस ऑपरेशन का हिस्सा रहे लेफ्टिनेंट जनरल राजेंद्र रामराव निंभोरकर ने एक कार्यक्रम में बताया था कि ऑपरेशन सिर्फ 2 घंटे में पूरा हुआ था। भारतीय सेना तड़के 3.30 बजे लक्ष्य पर पहुंच गई थी और ऑपरेशन खत्म कर करीब साढ़े पांच बजे बेस कैंप में लौट आई थी। कार्रवाई में करीब 38-40 आतंकी मारे गए थे। उस वक्त पीओके में 42 आतंकी कैम्प एक्टिव थे। जिस इलाके में स्ट्राइक हुई, वहां 11-12 कैम्प थे।

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