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  • Bombay Highcourt: ICICI demands to validate recovery of bonus from Chanda Kochhar, next hearing on 20 January

बॉम्बे हाईकोर्ट / आईसीआईसीआई बैंक की अपील- पूर्व सीईओ चंदा कोचर से बोनस की वसूली को मंजूरी दी जाए

चंदा कोचर और आईसीआईसीआई बैंक के बीच विवाद पर बॉम्बे हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है। चंदा कोचर और आईसीआईसीआई बैंक के बीच विवाद पर बॉम्बे हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है।
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चंदा कोचर और आईसीआईसीआई बैंक के बीच विवाद पर बॉम्बे हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है।चंदा कोचर और आईसीआईसीआई बैंक के बीच विवाद पर बॉम्बे हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है।

  • बैंक ने 3250 करोड़ रुपए का लोन देने में नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए चंदा कोचर को बर्खास्त किया
  • 30 नवंबर, 2019 को चंदा कोचर ने हाईकोर्ट में आईसीआईसीआई बैंक के फैसले के खिलाफ अपील की

दैनिक भास्कर

Jan 13, 2020, 09:57 PM IST

मुंबई. आईसीआईसीआई बैंक ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील कर कार्यकारी निदेशक (मैनेजिंग डायरेक्टर) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद से चंदा कोचर की बर्खास्तगी को वैध ठहराने की मांग की। बैंक ने उनसे अलग-अलग मदों में दी गई बोनस की वसूली की मांग भी की।

चंदा कोचर पर 3250 करोड़ रुपए का लोन देने में नियमों को ताक पर रखने का आरोप है। आईसीआईसीआई बैंक ने उन पर पति दीपक कोचर को फायदा पहुंचाने के लिए वीडियोकॉन समूह को लोन देने का आरोप लगाया है। इसी आरोप में उन्हें बर्खास्त किया गया था। बैंक ने उनका बकाया भुगतान करने से भी इनकार कर दिया था। कोचर ने 30 नवंबर, 2019 को हाईकोर्ट में इसको चुनौती दी थी। इसके जवाब में दाखिल हलफनामें में बैंक ने कहा- याचिकाकर्ता के आचरण ने बैंक को खासी क्षति पहुंचाई और उसकी प्रतिष्ठा को बड़ा नुकसान पहुंचाया।

बैंक ने 'क्लाबेक' के तहत रकम वापस मांगी
10 जनवरी को मॉनिटरी सूट दाखिल कर बैंक ने कोचर की याचिका खारिज करने की मांग की। बैंक ने कहा कि इस मामले का फैसला व्यापारिक केस के जरिए भी किया जा सकता है। बैंक के हलफनामे में कहा गया, “आईसीआईसीआई ने याचिकाकर्ता (चंदा कोचर) को सेवा से बर्खास्त कर 'क्लाबेक' के तहत उन्हें 2006 से 2018 के बीच दिए गए बोनसों की रकम वसूल करने को वैध करार देने की मांग की है।” क्लाबेक एक ऐसा प्रावधान है, जिसमें गड़बड़ी पाए जाने या लाभ में कटौती होने पर किसी कर्मचारी से इंसेंटिव आधारित वेतन या बोनस को वापस लिया जा सकता है।

चंदा के वकील ने बैंक के फैसले को गैरकानूनी बताया
चंदा कोचर ने नौकरी छोड़ने के कई महीनों बाद उन्हें बर्खास्त किए जाने को चुनौती दी थी। अदालत में चंदा के वकील कांटावाला ने कहा था- चंदा कोचर ने 5 अक्टूबर, 2018 को इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्हें बर्खास्त करने का बैंक का फैसला गैर कानूनी है। सोमवार को जस्टिस आरवी मोरे और जस्टिस एसपी तावडे की बेंच ने कोचर के वकील सुजॉय कांटावाला को बैंक के हलफनामे का अध्ययन कर जवाब दाखिल करने को कहा। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 20 जनवरी की तारीख तय कर दी।

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