मौसम:3 जून को महाराष्ट्र और गुजरात से टकराएगा तूफान, मानसून को लेकर मौसम विभाग ने फिर कहा- 1 या 2 जून को ही केरल पहुंंचेगा

नई दिल्ली2 वर्ष पहले
पिछले साल मानसून आठ दिन की देरी से 8 जून को केरल के समुद्र तट से टकराया था। भारत में जून से सितंबर के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून से बारिश होती है।- फाइल फोटो
  • स्काईमेट ने शनिवार को दावा किया था कि दक्षिण-पश्चिमी मानसून ने केरल में दस्तक दे दी है
  • दरअसल, केरल के दक्षिण तटीय इलाकों और लक्षद्वीप में तीन दिन से बारिश हो रही है

मौसम विभाग ने रविवार को फिर दावा किया कि मानसून अब तक केरल नहीं पहुंचा है। मौसम विभाग के महानिदेशक एम. मोहपात्रा ने कहा कि हम लगातार इसकी निगरानी कर रहे हैं। हम हमारे पहले के पूर्वानुमान के साथ है कि मानसून एक जून के बाद आने के लिए स्थितियां अनुकूल हैं। इससे पहले, निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट ने शनिवार को दावा किया था कि दक्षिण-पश्चिमी मानसून ने केरल में दस्तक दे दी है। दरअसल, केरल के दक्षिण तटीय इलाकों और लक्षद्वीप में तीन दिन से बारिश हो रही है।

मोहपात्रा ने कहा कि दक्षिणपूर्व अरब सागर  और लक्षद्वीप में आज कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। हमें उम्मीद है कि कल यह और गहराया जाएगा और इसके एक दिन बाद यह साइक्लोन में बदल जाएगा। यह उत्तर की ओर बढ़ेगा और गुजरात के करीब पहुंचेगा। इसके बाद, 3 जून को महाराष्ट्र तट पर पहुंचेगा।

मौसम विभाग ने शनिवार को कहा था कि यह मानसून-पूर्व की बारिश है और एक या दो जून को मानसून केरल तट से टकराएगा। शनिवार को यह मालदीव और कोमोरिन क्षेत्र में सक्रिय है और लगातार दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर की बढ़ रहा है तथा परिस्थितियां मानसून के अनुकूल बनी हुई हैं।

स्काईमेट का कहना है कि मानसून आ गया
स्काईमेट ने शनिवार को दावा किया था कि 30 मई (शनिवार) को मानसून केरल के तट से टकरा गया। 

मौसम विभाग ने अप्रैल में कहा था कि इस बार मानसून औसत ही रहने वाला है। विभाग के मुताबिक, 96 से 100% बारिश को सामान्य मानसून माना जाता है। पिछले साल यह आठ दिन की देरी से 8 जून को केरल के समुद्र तट से टकराया था। भारत में जून से सितंबर के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून से बारिश होती है। 

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