पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

इमरान ने कहा- भारत में आगामी चुनाव में भाजपा जीती तो शांति वार्ता होने की बेहतर संभावना

2 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
  • विदेशी पत्रकारों के साथ बातचीत में पाक प्रधानमंत्री ने कहा- भाजपा के जीतने पर कश्मीर मुद्दे का हल निकल सकता है 
  • \'कांग्रेस की अगुआई वाली सरकार कश्मीर मुद्दे को हल करने से पीछे हट सकती है\'
  • \'सालों पहले भारतीय मुस्लिम अपनी स्थिति से खुश थे, आज वे अतिवादी हिंदू राष्ट्रवाद से चिंतित\'

इस्लामाबाद. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि अगर भारत में आगामी चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भाजपा दोबारा सत्ता पर काबिज होती है तो शांति वार्ता होने की बेहतर उम्मीद है। अब विपक्ष ने इमरान के इस बयान को हाथों-हाथ लिया है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि पाकिस्तान आधिकारिक तौर पर मोदी के साथ हो गया है। मोदी को वोट करने का मतलब पाकिस्तान को वोट करना है। 

 

सुरजेवाला ने आगे लिखा, “मोदीजी, पहले नवाज शरीफ से प्यार और अब इमरान खान आपका चहेता यार। ढोल की पोल खुल गई।” 

1) पाक ने मोदी का दूसरे कार्यकाल के लिए समर्थन किया

विदेशी पत्रकारों के साथ बातचीत में इमरान ने कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो कश्मीर मुद्दे का कोई हल निकल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भारत में अगली सरकार कांग्रेस की अगुआई में बनी तो वह पाक के साथ कश्मीर मुद्दे को हल करने से पीछे हट सकती है। 

इमरान ने कहा- “मोदी के शासन में कश्मीर ही नहीं पूरे भारत में मुसलमान बड़े पैमाने पर अलगाव महसूस कर रहे हैं। मैं कभी सोच भी नहीं सकता जो इस वक्त भारत में हो रहा है। मुस्लिम विचारधारा पर हमले हो रहे हैं। कई साल पहले भारतीय मुस्लिम वहां अपनी स्थिति को लेकर खुश थे। लेकिन आज वे अतिवादी हिंदू राष्ट्रवाद को लेकर चिंतित हैं।”

इमरान ने कहा- इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तरह मोदी एक तरह का डर और राष्ट्रवाद की भावना जगाकर चुनाव जीतना चाहते हैं। भाजपा ने कश्मीर में बरसों से चले आ रहे उस कानून में बदलाव का प्रस्ताव रखा है जिसके तहत किसी बाहरी व्यक्ति के राज्य में संपत्ति खरीदने पर प्रतिबंध है। यह चिंता की बात है। यह भी भाजपा का चुनावी दांव हो सकता है।

इमरान ने यह भी कहा कि पाकिस्तान अपनी जमीन पर पल रहे आतंकी गुटों पर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए पाक सरकार को आर्मी का पूरा सहयोग मिल रहा है। जिन गुटों को खत्म किया जाएगा, उनमें से कुछ कश्मीर में सक्रिय हैं। 

इमरान ने पिछले साल अगस्त में सत्ता संभाली थी। उन्होंने कहा कि कश्मीर में एक राजनीतिक संघर्ष था। सैन्य ताकत से मुद्दे का हल नहीं निकाला जा सकता। अगर पाक की तरफ से हथियारबंद आतंकी कश्मीर जाते हैं तो भारतीय सेना उन पर कार्रवाई करेगी।

फरवरी से भारत-पाक के बीच तनाव बढ़ गया है। 14 फरवरी को कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर फिदायीन हमला हुआ था। इसमें 40 जवान शहीद हो गए थे। हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। भारत ने 26 फरवरी को पाक में घुसकर बालाकोट, चकोटी और मुजफ्फराबाद में एयर स्ट्राइक की थी। 27 फरवरी को पाक के विमानों ने भारतीय सीमा का उल्लंघन किया था। जवाबी कार्रवाई में भारतीय विमानों ने पाक का एक एफ-16 मार गिराया था। भारत पाक से लगातार आतंकी गुटों पर कार्रवाई करने को कह रहा है।

दूसरी तरफ जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने भी भाजपा पर तंज कसा। अब्दुल्ला ने कहा कि अब तक मोदीजी कहते थे कि पाकिस्तान और उसके साथ संवेदना रखने वाले भाजपा को हारते देखना चाहते हैं। लेकिन अब तो खुद इमरान ने ही दूसरे कार्यकाल के लिए मोदी का समर्थन कर दिया है। वहीं, महबूबा ने कहा कि भक्त अभी भी अपना सिर खुजा रहे हैं और सोच रहे हैं कि उन्हें इमरान खान की तारीफ करनी चाहिए या नहीं।