• Hindi News
  • National
  • In barmer rajasthan Around many people died as Ram Katha pandal falls on devotees

राजस्थान / बाड़मेर हादसा: मरने वालों की संख्या 15 पहुंची, जंग लगे ढांचे पर खड़ा पंडाल कथावाचक का ही था



In barmer rajasthan Around many people died as Ram Katha pandal falls on devotees
In barmer rajasthan Around many people died as Ram Katha pandal falls on devotees
In barmer rajasthan Around many people died as Ram Katha pandal falls on devotees
In barmer rajasthan Around many people died as Ram Katha pandal falls on devotees
In barmer rajasthan Around many people died as Ram Katha pandal falls on devotees
In barmer rajasthan Around many people died as Ram Katha pandal falls on devotees
In barmer rajasthan Around many people died as Ram Katha pandal falls on devotees
X
In barmer rajasthan Around many people died as Ram Katha pandal falls on devotees
In barmer rajasthan Around many people died as Ram Katha pandal falls on devotees
In barmer rajasthan Around many people died as Ram Katha pandal falls on devotees
In barmer rajasthan Around many people died as Ram Katha pandal falls on devotees
In barmer rajasthan Around many people died as Ram Katha pandal falls on devotees
In barmer rajasthan Around many people died as Ram Katha pandal falls on devotees
In barmer rajasthan Around many people died as Ram Katha pandal falls on devotees

  • बाड़मेर में बालोतरा के जसोल कस्बे की घटना, मृतकों में दो महिला और 13 पुरुष
  • पंडाल में एक हजार से ज्यादा लोग मौजूद थे, करंट फैलने और दम घुटने से मौतें हुईं
  • गहलोत सरकार ने हादसे के बाद मुख्य सचिव समेत पांच उच्च अधिकारियों की टीम गठित की

Dainik Bhaskar

Jun 25, 2019, 01:51 AM IST

बालोतरा/बाड़मेर (भवदीपसिंह चारण). बाड़मेर के जसोल में रामकथा के दौरान डोम गिरने के बाद करंट फैलने से हुए हादसे में सोमवार को एक और घायल पोकरराम (81) की मौत हो गई। मृतक संख्या 15 पहुंच गई है। 70 से ज्यादा जख्मी हैं। जांच में सामने आया है कि जिस जंग लगे ढांचे से पांडाल को खड़ा किया गया था, वह राम कथा सुना रहे कथावाचक मुरलीधर महाराज का ही था।

 

ये भी पढ़ें

Yeh bhi padhein

 

भटि्टयाणी मंदिर ट्रस्ट के व्यवस्थापक जेठू सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि महाराज ने ही डोम लगवाया था। जब भास्कर ने महाराज से संपर्क किया तो उनके अस्सिटेंट बोले- डोम सोनिया टेंट जोधपुर की ओर से लगाया गया था। भास्कर ने इस टेंट के रामकिशोर शर्मा से बात की तो उन्होंने बताया कि डोम महाराज का अपना है। यही डोम महाराज जाेधपुर में भी लगवा चुके हैं। यह कथा 10 से 18 अप्रैल तक जोधपुर के गांधी मैदान में हुई थी। यही नहीं डोम में अर्थिंग भी नहीं की गई थी। इससे करंट पूरे पांडाल में फैल गया।


बिजली का भी अवैध कनेक्शन ले रखा था
पड़ताल में यह भी सामने आया है कि डोम की फाउंडेशन कमजाेर थी। इसीलिए वह दबाव नहीं झेल पाया। डोम की फाउंडेशन प्लेटों में लगने वाली फिक्सिंग रॉड भी नाम मात्र की लगाई गई है, जबकि एक प्लेट में चार रॉड व एक फ्रेम की दोनों प्लेटों में आठ फिक्सिंग रोड लगनी चाहिए। पुलिस में जसोल निवासी हिमांशु की ओर से दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि इतने बड़े पांडाल और कथा के आयोजन के लिए अवैध बिजली कनेक्शन ले रखा था। डिस्कॉम के अधिकारियों ने भी ध्यान नहीं दिया। बिजली के लिए जनरेटर लगाए गए थे, लेकिन मास्टर सर्किट नहीं लगाया गया। इससे हादसे के समय बिजली कट नहीं हुई और अधिक जनहानि हुई।

 

लापरवाही ने लीं 15 जानें

लोगों की मौतों का प्रमुख कारण आयोजन की व्यवस्थाओं में घोर लापरवाही और जिम्मेदारों की अनदेखी करना रहा।  हादसे के कारणों को जानने के लिए  भास्कर ने सोमवार को एक्सपर्ट के साथ घटनास्थल पर जाकर बारिकी से पड़ताल की तो हर स्तर पर अनियमितताएं और गैरजिम्मेदारी सामने आई। प्रशासन की ओर से यह कहकर पल्ला झाड़ने कि हमसे किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई थी, इस पर भी कानून विशेषज्ञों से बात की। इधर इसी बीच इस हादसे में घायल जोधपुर के एक और व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। 

 

जांच टीम गठित

राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्य की निगरानी के लिए मुख्यमंत्री के मुख्य सचिव समेत पांच उच्च अधिकारियों की टीम गठित की है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मृतकों को 5-5 लाख और घायलों को 2 लाख रु. तक की आर्थिक मदद का ऐलान किया। डीएम हिमांशु गुप्ता ने बताया कि पंडाल में एक हजार से ज्यादा लोग मौजूद थे, जिनमें ज्यादातर बुजुर्ग थे। माना जा रहा है कि ज्यादातर लोगों की मौत पंडाल में करंट फैलने से हुई। हादसे का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कथावाचक मुरलीधर लोगों से पंडाल खाली करने के लिए कह रहे हैं। हालांकि, कुछ ही सेकंड्स में पूरा पंडाल गिर जाता है। स्थानीय लोगों ने कई घायलों को निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया।

 

कथा कराने वालों को लेनी चाहिए अनुमति: सीएम

मुख्यमंत्री अशाेक गहलोत ने जसोल में हुए हादसे के पीड़ितों से मिलने के बाद सोमवार दोपहर को कहा कि कथाएं चलती रहती हैं, कथा कराने वालों को प्रशासन से अनुमति लेनी चाहिए। कथा के दौरान टेंट लगाने का काम भी कथा वाले ही करने लगे हैं। टेंट लगाते समय यह सुनिश्चित करना चाहिए कि टेंट पूरी तरह से सुरक्षित है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हाें। 

 

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख जताया

 

घटना अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण- गहलोत

अशोक गहलोत ने कहा, स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य किया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों को हादसे की जांच करने, घायलों का शीघ्र इलाज सुनिश्चित करने और प्रभावितों, उनके परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

 

घटना की खबर सुनकर दुखी हूं- वसुंधरा राजे

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना