पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • In The Decades old Case Of Corruption, Only Khanapurti, Enjoying Creamy Posts, Officer Posts, Power And Promotion To Tainted People In Kashmir

वाॅर अगेंस्ट करप्शन:भ्रष्टाचार के दशकों पुराने केस में महज खानापूर्ति, कश्मीर में दागियों को मलाईदार पद, अधिकारी पद, पावर और पदोन्नति का आनंद ले रहे

श्रीनगर2 महीने पहलेलेखक: मोहित कंधारी
  • कॉपी लिंक
जम्मू कश्मीर में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कुछ साल पहले जोर-शोर से हुआ ‘वॉर अगेंस्ट करप्शन’ का अभियान का नहीं दिखा असर। (सिंबॉलिक फोटो) - Dainik Bhaskar
जम्मू कश्मीर में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कुछ साल पहले जोर-शोर से हुआ ‘वॉर अगेंस्ट करप्शन’ का अभियान का नहीं दिखा असर। (सिंबॉलिक फोटो)

जम्मू कश्मीर में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कुछ साल पहले जोर-शोर से ‘वॉर अगेंस्ट करप्शन’ का अभियान शुरू हुआ। एक तरफ, एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ घूस लेने और पावर का गलत इस्तेमाल करने पर भ्रष्टाचार के केस दर्ज कर रही है।

दूसरी तरफ, तमाम बड़े सरकारी अधिकारी भ्रष्टाचार के मुकदमें दर्ज होने के बाद भी पावर, पद और प्रमोशन का आनंद ले रहे हैं। ज्यादातर के मामले में जांच की रफ्तार बैलगाड़ी की गति से चल रही है या चल ही नहीं रही है। कुछ नौकरशाहों के खिलाफ एक दशक पहले दर्ज मामलों में अभी भी जांच जारी है या उनकी फाइलें, सत्ता के वजन से दबी हुई हैं।

यूटी प्रशासन अक्सर दावा करता है कि अज्ञात स्रोतों और भ्रष्टाचार के खिलाफ वो लगातार अभियान चला रहा है। हालांकि चल रही जांचों की पड़ताल करने पर कुछ अलग ही तस्वीर दिखती है। 31 मार्च 2019 के लिए सोशल, जनरल, इकोनॉमिक और रेवेन्यू सेक्टर पर हालिया कैग रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर की वर्किंग कल्चर का भी खुलासा होता है। सालों से विकास के कार्यों के लिए आए फंड का उपयोग ही नहीं हुआ है। वहीं, विभिन्न मामलों में पैसे की लूट के लिए गैर जरूरी खर्च किए गए। ज्यादातर मामलों में किसी को सजा नहीं मिली है।

केस-1: गुलमर्ग जमीन घोटाले के आरोपी बशीर अभी गवर्नर के सलाहकार

साल 2009 में चर्चित गुलमर्ग जमीन घोटाले में बशीर अहमद खान का नाम आया। खान तब बारामूला के डिप्टी कमिशनर थे, जब कोरोड़ों की सरकारी जमीनों को गैरकानूनी तरीके से प्राइवेट होटलों को देने का आरोप लगा। मार्च 2009 में कानून सहित 20 लोगों के खिलाफ केस (FIR No. 08/2009 P/S VOK) दर्ज हुआ। 2016 में खान का प्रमोशन हुआ। 2019 में रिटायरमेंट के बाद एक्सटेंशन मिला।

केस-2: रोशनी जमीन घोटाले के आरोपी सीईओ हिर्देश अब प्रधान सचिव
मई 2014 में रोशनी जमीन घोटाले में हिर्देश कुमार का नाम आया। कोर्ट के आदेश पर जम्मू, ऊधमपुर, श्रीनगर और पुलवामा में चार एफआईआर दर्ज हुईं। 2019 में एंटी करप्शन के स्पेशल जज ने फाइनल रिपोर्ट को रिजेक्ट कर दिया। तल्ख टिप्पणी करते हुए नए सिरे से जांच करने को कहा। वर्तमान में इस घोटाले की जांच सीबीआई कर रही है और हिर्देश के पास प्रधान सचिव का अतिरिक्त प्रभार है।

केस-3: फेक गन लाइसेंस घोटाले के आरोपी आईएएस अब सेक्रेटरी
आईएएस कुमार राजीव रंजन का नाम फेक गन लाइसेंस घोटाले में आया। सीबीआई द्वारा गिरफ्तार होने के पहले वे मार्च 2020 में सस्पेंड हुए। गिरफ्तारी के वक्त रंजन एडिशनल सीईओ, मेट्रोपोलिटन रेगुलेटरी अथॉरिटी जम्मू थे। वाइस चेयरमैन, जम्मू डेवलेपमेंट अथॉरिटी का एडिशन चार्ज था। फरवरी 2021 में राजीव का सस्पेंशन खत्म कर दिया गया। अब वे रेवेन्यू विभाग में एडिशनल सेक्रेटरी हैं।

केस-4: 25 हजार करोड़ के रोशनी घोटाले के अधिकतर आरोपी पावर में
गुलमर्ग जमीन घोटाले को आम बोलचाल में रोशनी जमीन घोटाले के नाम से भी जाना जाता है। 2009 का यह घोटाला 25 हजार करोड़ रुपए का माना जाता है। जम्मू-हाइ कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने इस मामले में कई केस दर्ज किए हैं। इसमें सरकारी और जंगल की जमीन को गैरकानूनी तरीके से प्राइवेट लोगों को देकर फायदा पहुंचाया गया। इस घोटाले के ज्यादातर आरोपी अधिकारी पद और पावर का मजा ले रहे हैं।

  • साल 2020 में 33 केस जम्मू में और कश्मीर में 38 केस दर्ज हुए। ज्यादातर में बस जांच चल रही है।
  • साल 2019 में 40 केस जम्मू और 33 केस कश्मीर में दर्ज हुए। इनमें भी महज खानापूर्ति जैसा मामला।
  • ज्यादातर अज्ञात स्रोत से आय, घूस, डिफॉल्ट लोन पेमेंट और फंड का दुरुपयोग करने जैसे केस हैं।
  • सरकारी सूत्रों के मुताबिक पांच दर्जन से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के केस चल रहे हैं।