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आज का इतिहास:आजाद भारत का संयुक्त राष्ट्र महासभा को पहला संबोधन; नेहरू बोले थे- नफरत और हिंसा की बुनियाद पर शांति नहीं मिल सकती

3 महीने पहले
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आजाद भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर जवाहर लाल नेहरू ने 3 नवंबर 1948 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित किया था। पेरिस में तीसरे UNGA में कई विषयों पर बोलते हुए नेहरू ने इस अंतरराष्ट्रीय संगठन को भविष्य की राह दिखाई थी। उन्होंने कहा था कि नफरत और हिंसा से दुनिया की समस्या का समाधान नहीं निकलने वाला। इसके लिए आर्थिक समस्याओं को दूर करना होगा।

आज अक्सर यूनाइटेड नेशंस के प्रभाव और प्रासंगिकता पर सवाल उठते हैं, लेकिन नेहरू का भाषण ध्यान में रखने की आवश्यकता है। नेहरू ने UN में अपने पहले भाषण में कहा था, 'मैं ऐसे देश से आया हूं, जिसने लंबे, शांतिपूर्ण संघर्ष के बाद आजादी पाई है। हमारे महान नेता (महात्मा गांधी) ने संघर्ष के दिनों में हमें सिखाया कि अच्छे उद्देश्य को हासिल करना है, तो रास्ते भी अच्छे होने चाहिए।'

1961 में UN असेंबली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नेहरू।
1961 में UN असेंबली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नेहरू।

उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध का डर क्यों होना चाहिए? आइए, हम अपने आपको हर तरह की आक्रामकता के खिलाफ तैयार करें। यूनाइटेड नेशंस यहां किसी भी डर और चोट से बचाने के लिए है, लेकिन हम सभी को आक्रामकता के विचार को त्यागना होगा, फिर चाहे वह शब्द से हो या काम से।

1957: सोवियत संघ ने स्पेस में कुत्ते को भेजकर रचा था इतिहास

1957 में 3 नवंबर को ही सोवियत संघ ने स्पूतनिक 2 लॉन्च किया, जिसमें लाईका नाम के एक कुत्ते को भी अंतरिक्ष में पृथ्वी की कक्षा में भेजा गया था। इस तरह लाईका ने इतिहास रच दिया। वह स्पेस में जाने वाली पहली जीवित प्राणी बनी। लाईका 6 किलो की थी। वह दो साल की मिक्स ब्रीड फीमेल डॉग थी।

स्पेस में जाने वाली पहली जीवित प्राणी लाईका।
स्पेस में जाने वाली पहली जीवित प्राणी लाईका।

सोवियत स्पेसफ्लाइट प्रोग्राम के लिए उसे सड़कों से उठाया गया था। छोटी जगहों पर मेल डॉग्स के मुकाबले फीमेल डॉग्स बेहतर ढंग से एडजस्ट कर सकते हैं, इस वजह से लाईका को चुना गया। उसे सैटेलाइट में जिंदा रहने की स्किल भी सिखाई गई थी। उसे लेकर गया सैटेलाइट 14 अप्रैल 1958 को पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते समय नष्ट हो गया था। हालांकि, वह कितने समय जीवित रही, यह एक बड़ा रहस्य है। रूसी भाषा में लाईका भौंकने को कहा जाता है, और वहीं से इसका नाम पड़ा। मॉस्को में 2008 में लाईका की मूर्ति के साथ एक छोटा सा स्मारक भी बनाया गया है।

3 नवंबर के दिन को इतिहास में और किन-किन महत्वपूर्ण घटनाओं की वजह से याद किया जाता है...

2014: सितंबर 2001 के आतंकी हमले के बाद वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को वन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर नाम से दोबारा शुरू किया गया।

2001ः अमेरिका ने लश्कर व जैश-ए-मोहम्मद पर प्रतिबंध लगाया।

2000ः भारत सरकार ने डायरेक्ट-टु-होम (D2H) प्रसारण सेवा सभी के लिए शुरू की।

1984ः भारत में सिख विरोधी दंगों में तीन हजार से ज्यादा लोग मारे गए।

1962ः चीन के हमले के मद्देनजर भारत में गोल्ड बाॅन्ड स्कीम की घाेषणा की गई।

1903ः पनामा को कोलंबिया से आजादी मिली।

1762ः ब्रिटेन और स्पेन के बीच पेरिस की संधि हुई।

1493ः क्रिस्टोफर कोलंबस ने डोमिनिका द्वीप की खोज की।