पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • National
  • India China Army Ladakh Galwan Valley Clash Updates | Indian Amry News | 5 Chinese People Liberation Army (PLA) Soldiers Dead, 11 Injured In Scuffle With Indian Army

गालवन की कहानी:1962 की जंग में गालवन घाटी में गोरखा सैनिकों की पोस्ट को चीनी सेना ने 4 महीने तक घेरे रखा था, 33 भारतीयों की जान गई थी

3 महीने पहले
गालवन वैली की सैटेलाइट इमेज।
  • गालवन घाटी में चीन के कब्जे के बाद गोरखा सैनिकों ने चीनी सप्लाई नेटवर्क को काट दिया था
  • भारत ने चार महीने तक इस पोस्ट पर हेलीकॉप्टर के जरिए खाद्य और सैन्य सप्लाई को जारी रखा था

नई दिल्ली. चीन ने जिस गालवन घाटी में भारत के तीन जवानों की जान ले ली है। वह गालवन घाटी लद्दाख में एलएसी पर स्थित है। बगल में गालवन नदी बहती है। यह वही अक्साई चिन इलाका है, जिसे चीन ने अपने कब्जे में ले रखा है। गालवन नदी काराकोरम रेंज की पूर्वी छोर समांगलिंग से निकलती है। फिर पश्चिम में बहते हुए श्योक नदी में मिल जाती है।
गालवन घाटी का पूरा इलाका रणनीतिक रूप से भारत के लिए काफी अहम है। भारतीय सैनिक गालवन नदी में भी नाव के जरिए नियमित गश्त करते हैं, ताकि चीन के अतिक्रमण को रोका जा सके। 1962 के युद्ध में भी गालवन उन प्रमुख जगहों में था, जहां भारतीय-चीनी सेना के बीच युद्ध हुआ था। 

  • गोरखा पोस्ट पर चीन ने हमला बोला था

1962 में चीन के भारतीय इलाकों पर कब्जों के दावों के बाद दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे सामने आ गई थीं। दरअसल, भारतीय गोरखा सैनिकों ने 4 जुलाई 1962 में घाटी में पहुंचने के लिए एक पोस्ट बनाई थी। इस पोस्ट ने समांगलिंग के एक चीनी पोस्ट के कम्युनिकेशन नेटवर्क को काट दिया। जिसे चीन ने अपने ऊपर हमला बताया था। इसके बाद चीन सैनिकों ने गोरखा पोस्ट को 100 गज की दूरी पर घेर लिया था। भारत ने चीन को धमकी दी थी कि वह इसे किसी भी कीमत पर खाली कराकर रहेगा। इसके बाद भारत ने चार महीने तक इस पोस्ट पर हेलिकॉप्टर के जरिए खाद्य और सैन्य सप्लाई जारी रखी थी।

  • गालवन पोस्ट पर भारी बमबारी के लिए चीन ने बटालियन भेजी थी

भारत-चीन युद्ध 20 अक्टूबर 1962 को शुरू हुआ। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने इस गालवन पोस्ट पर भारी गोलीबारी और बमबारी के लिए एक बटालियन को भेजा था। इस दौरान यहां 33 भारतीय मारे गए थे, कई कंपनी कमांडर और अन्य लोगों को चीनी सेना ने बंदी बना लिया। इसके बाद से चीन ने अक्साई-चिन पर अपने दावों वाले पूरे क्षेत्र पर कब्जा कर लिया।

  • गालवन के पश्चिम इलाके पर चीन 1956 से कब्जे का दावा करता आ रहा

गालवन घाटी अक्साई चिन क्षेत्र में है। इसके पश्चिम इलाके पर 1956 से चीन अपने कब्जे का दावा करता आ रहा है। 1960 में अचानक गालवन नदी के पश्चिमी इलाके, आसपास की पहाड़ियों और श्योक नदी घाटी पर चीन अपना दावा करने लगा। लेकिन भारत लगातार कहता रहा है कि अक्साई चिन उसका इलाका है। इसके बाद ही 1962 में भारत-चीन के बीच युद्ध हुआ था। 

  • गुलाम रसूल गालवन के नाम पर है घाटी का नाम

इस नदी का नाम गुलाम रसूल गालवन के नाम पर रखा गया है। रसूल गालवन लेह के रहने वाले थे। माना जाता है कि उन्होंने ही इस नदी को खोजा था। उन्हीं के नाम पर इस घाटी का नाम भी पड़ा। उन्होंने 1899 में इस नदी का पता लगाया था।

चीन से जुड़े विवाद पर आप ये खबरें भी पढ़ सकते हैं...
1. चाइना बॉर्डर पर 45 साल बाद हिंसा: लद्दाख की गालवन वैली में कर्नल और 2 जवान शहीद

2. चीन का डैमेज कंट्राेल और धमकियां: लद्दाख में अपने सैनिकों के मारे जाने के बाद चीन ने सुबह 7:30 बजे मीटिंग की मांग की, लेकिन 6 घंटे बाद धमकी दी- भारत एकतरफा कार्रवाई न करे
3. भारत-चीन के बीच जंग के 5 साल बाद भी झड़प हुई थी: 1967 में सिक्किम में दोनों देशों के सैनिकों के बीच टकराव हुआ था, चीन के 340 सैनिक मारे गए थे
4. बातचीत के बाद भी नहीं मान रहा चीन: पिछले महीने 3 बार सैनिक आमने-सामने हुए; इस महीने 4 मीटिंग के बाद तनाव कम हुआ था, बातचीत चल ही रही थी लेकिन हिंसक झड़प हो गई

5. कौन कितना ताकतवर: चीन और पाकिस्तान के पास भारत से ज्यादा परमाणु हथियार; एटमी ताकत के लिहाज से रूस सबसे आगे

6. दुनिया की सबसे लंबी अनसुलझी सीमा पर एक्सपर्ट व्यू: 1967 के बाद से भारत-चीन सीमा पर एक भी गोली नहीं चली, 1986 के 27 साल बाद 2013 से फिर होने लगे विवाद

0

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- समय की गति आपके पक्ष में रहेगी। सामाजिक दायरा बढ़ेगा। पिछले कुछ समय से चल रही किसी समस्या का समाधान मिलने से राहत मिलेगी। कोई बड़ा निवेश करने के लिए समय उत्तम है। नेगेटिव- परंतु दोपहर बाद परिस...

और पढ़ें