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चीन, अमेरिका और यूरोप की रिपोर्ट्स बताती हैं कि संक्रमण के 5 से 10% मामले ही गंभीर होते हैं; अब तक 29% लोग ठीक हो चुके हैं

2 वर्ष पहले
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  • कोरोनावायरस से संक्रमित 1 लाख लोग पूरी तरह ठीक हो चुके हैं, युवाओं पर इसका असर बुजुर्गों के मुकाबले बहुत कम
  • यूरोपियन यूनियन की रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोनावायरस के संपर्क में आने वाले 80% लोग मामूली बीमार पड़ते हैं
  • इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के मुताबिक- सिर्फ 5% को ही हॉस्पिटल में भर्ती करने की जरूरत होगी

नई दिल्ली. दुनिया के सभी 195 देशों में कोरोनावायरस दस्तक दे चुका है। करीब साढ़े तीन लाख लोग अब तक संक्रमित हुए और 16 हजार से ज्यादा मौतें हुईं। हर दिन सैकड़ों नए मामले सामने आ रहे हैं और मौतों का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है। इन सब के बीच एक अच्छी बात ये भी है कि एक लाख से ज्यादा (29%) लोग संक्रमित होने के बाद ठीक भी हो चुके हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित दो देशों इटली और चीन के मेडिकल संस्थानों की रिपोर्ट देखें तो स्थिति कुछ और साफ होती दिखती है। दोनों ही देशों में बुजुर्ग और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोग इस वायरस के ज्यादा शिकार हुए।

इटली के नेशनल हेल्थ इंस्टीट्यूट की 20 मार्च को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोनावायरस से हुई 3200 मौतों में से से 50 साल से कम उम्र के 36 लोग ही थे। यहीं के एक मेडिकल जर्नल द लॉसेंट में 11 मार्च को छपे एक आर्टिकल के मुताबिक, इटली में मरने वालों की औसत उम्र 81 है। यानी इस वायरस से सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों को ही है। चीन में मौतों पर हुई शुरुआती एनालिसिस में भी यही बात सामने आई थी कि कोरोना के संक्रमण से मरने वाले 86% बुजुर्ग ही हैं। हालांकि, इटली में अब तक 6 हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। 

1) इटली की रिपोर्ट : 20 मार्च तक 3200 मौतें, इनमें से सिर्फ 36 ऐसे जिनकी उम्र 50 से कम
इटली में अब तक 53 हजार 500 से ज्यादा केस आए हैं और 4 हजार 800 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। इटली के नेशनल हेल्थ इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के मुताबिक, 20 मार्च तक इटली में 3,200 लोगों की जान गई थी, इनमें से 2,443 लोगों की उम्र 70 साल से ज्यादा थी। महज 1.1% (36) लोग ही ऐसे थे, जिनकी उम्र 50 साल से कम थी।

2) चीन की रिपोर्ट : 80+ उम्र वालों को इससे ज्यादा खतरा
चीन के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल ने फरवरी के आखिरी में एक रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट को कोरोनावायरस से संक्रमित 72 हजार 314 मरीजों के के डेटा के आधार पर तैयार किया गया था। इसके मुताबिक, बच्चों और युवाओं में इसकी फैटेलिटी रेट (मृत्यु दर) बहुत ही कम है। लेकिन 80 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में इसकी फैटेलिटी रेट सबसे ज्यादा 18% है। इसका मतलब हुआ कि 80 साल से ज्यादा उम्र के 100 लोग कोरोनावायरस से संक्रमित हैं, तो उनमें से 18 लोगों की मौत हो सकती है। रिपोर्ट यह भी कहती है कि कोरोनावायरस से संक्रमित हो जाने पर हार्ट डिसीज से जूझ रहे लोगों को ज्यादा खतरा होता है।

3) यूरोपियन यूनियन की रिपोर्ट : 80% लोग मामूली बीमार पड़े
यूरोपियन यूनियन के सेंटर फॉर डिसीज प्रिवेन्शन एंड कंट्रोल की रिपोर्ट बताती है कि कोरोनावायरस के संपर्क में आने वाले 80% लोग मामूली बीमार पड़ते हैं और इनमें से भी ज्यादातर मामलों में रिकवर भी हो जाते हैं। 14% लोग ही गंभीर रूप से और सिर्फ 6% लोग ही बहुत ज्यादा गंभीर रूप से बीमार पड़े। इस रिपोर्ट के मुताबिक, जो लोग बहुत ज्यादा गंभीर रूप से बीमार पड़े या जिनकी इससे मौत हो गई, उन्हें पहले से ही किसी तरह की कोई बीमारी थी या फिर उनकी उम्र ज्यादा थी। 


4) अमेरिका की रिपोर्ट : जिन्हें गंभीर बीमारी, उनमें कोरोना संक्रमण का ज्यादा अ
सर
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 60% अमेरिकी कम से कम एक बीमारी से जूझ रहे हैं। 40% अमेरिकी ऐसे हैं, जिन्हें एक से ज्यादा बीमारी है। अगर किसी व्यक्ति को हार्ट डिसीज, कैंसर या डायबिटीज जैसी बीमारी है, तो उस पर कोरोनावायरस का असर स्वस्थ व्यक्ति की तुलना में ज्यादा तेजी से हो सकता है। वंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी में इन्फेक्शियस डिसीज स्पेशलिस्ट डॉ. विलियम शैफनर कहते हैं, अगर आपकी उम्र 60 साल से ज्यादा है और आप किसी बीमारी से जूझ रहे हैं, तो आपको ज्यादा सतर्क और सावधान रहना चाहिए।

5) और भारत में : आईसीएमआर का कहना है कि सिर्फ 5% को भर्ती करने की जरूरत होगी
पिछले 10-12 दिन से देश में कोरोनावायरस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। रविवार तक देश में कोरोनावायरस के 396 मामले आ गए थे। इस बीच इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के डायरेक्टर जनरल डॉ. बलराम भार्गव का कहना है कि कोरोनावायरस से संक्रमित 80% लोग खुद-ब-खुद ठीक हो जाएंगे। उनकी तबीयत भी ज्यादा खराब नहीं होगी। 15% लोगों को सर्दी-जुकाम या बुखार होगा। सिर्फ 5% लोग ही ऐसे होंगे, जिन्हें अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत होगी।