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भारत की ताकत बढ़ेगी / हथियारों से लैस 6 राफेल अगले महीने मिल सकते हैं, फाइटर जेट में 150 किमी रेंज वाली मीटियर मिसाइल भी रहेगी

भारत ने सितंबर 2016 में फ्रांस के साथ 36 राफेल की डील की थी। यह डील 60 हजार करोड़ रुपए की है। -फाइल फोटो
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  • फ्रांस से भारत के बीच 7 हजार किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करेंगे राफेल जेट, मिडिल ईस्ट में ब्रेक भी लेंगे
  • भारत को फ्रांस से 36 राफेल मिलने हैं, 60 हजार करोड़ रुपए की यह डील सितंबर 2016 में फाइनल हुई थी

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 05:41 AM IST

नई दिल्ली. लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर चीन से जारी तनाव के बीच भारतीय वायुसेना की ताकत में इजाफा होने जा रहा है। भारत को अगले महीने के आखिर तक पूरी तरह हथियारों से लैस 6 राफेल फाइटर जेट मिल सकते हैं।

न्यूज एजेंसी एएनआई ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि इन राफेल में 150 किलोमीटर तक टारगेट हिट करने वाली मीटियर मिसाइल भी रहेगी। इससे चीन एयरफोर्स के मुकाबले भारतीय एयरफोर्स को काफी बढ़त हासिल होगी।

कुछ ही दिन में ऑपरेशन के लिए रेडी होंगे जेट्स- सूत्र
सूत्रों ने बताया- वायुसेना के पायलटों की फ्रांस में जारी ट्रेनिंग पर काफी कुछ निर्भर करता है। जुलाई के आखिर तक हमें 6 राफेल मिल सकते हैं। यह पूरी तरह हथियारों से लैस होंगे और कुछ ही दिनों के भीतर ये किसी ऑपरेशन में शामिल होने के लिए तैयार होंगे।

हालांकि, पहले प्लान यह था कि अम्बाला में 4 राफेल आएंगे। इनमें 3 दो-सीटर ट्रेनर वर्जन एयरक्राफ्ट होंगे, जिनके जरिए अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर पायलटों को ट्रेनिंग दी जाएगी। अम्बाला ही भारत में राफेल जेट्स का पहला बेस होगा। दूसरा बेस बंगाल के हाशीमारा में होगा।

ग्राउंड इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर जोर
जानकारी के मुताबिक, भारत आने वाले इन एयरक्राफ्ट की संख्या ज्यादा हो सकती है। इस पर फैसला मौजूदा जरूरत और फ्रांस में ट्रेनिंग ले रहे पायलटों की ट्रेनिंग रिक्वायरमेंट को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। कोरोनावायरस संक्रमण के हालात में भी एयरफोर्स पूरी कोशिश कर रही है कि जेट्स के भारत पहुंचने से पहले जमीनी इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लिया जाए।

गोल्डन एरो का पायलट उड़ाएगा पहला राफेल
एयरफोर्स के एक अधिकारी ने बताया- विमानों के आने पर फैसला जुलाई के बीच में लिया जाएगा। इस दौरान कई फैक्टर्स को ध्यान में रखना होगा। पहला राफेल उड़ानें के लिए 17 गोल्डन एरो स्क्वॉड्रन के कमांडिंग ऑफिसर का चयन किया गया है। उनके साथ एक फ्रांसीसी पायलट भी रहेगा।

फ्रांस से मिडिल ईस्ट आने के दौरान फ्रांस एयरफोर्स का एक टैंकर एयरक्राफ्ट हवा में ही राफेल की री-फ्यूलिंग करेगा। मिडिल ईस्ट में विमान उतरेगा और फिर भारत के लिए उड़ान भरेगा। इस दौरान इंडियन एयर फोर्स का विमान राफेल की मिड एयर री-फ्यूलिंग करेगा। राफेल फ्रांस से सीधे भारत के लिए उड़ान भर सकता है, लेकिन छोटे कॉकपिट में 10 घंटे तक की उड़ान पायलट के लिए काफी थकाने वाली हो जाएगी।

सितंबर 2016 में हुई थी डील
भारत ने सितंबर 2016 में फ्रांस के साथ 36 राफेल की डील की थी। यह डील 60 हजार करोड़ रुपए की है। एयर चीफ मार्शल बीएस भदौरिया तब डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ थे। पाकिस्तान और चीन को ध्यान में रखते हुए मीटियर और स्काल्प जैसी मिसाइल से लैस राफेल भारत को एयर स्ट्राइक और ऐसे ऑपरेशन बढ़त हासिल होगी।

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