• Hindi News
  • National
  • New Delhi । 100 home Chinese Village । Arunachal Pradesh । US Department Of Defence Report । China Construction Activities । India Chinese Claims । Arindam Bagchi Said Today

ड्रैगन को भारत का कड़ा जवाब:विदेश मंत्रालय ने कहा- चीन का अवैध कब्जा न स्वीकार किया है, न करेंगे

6 महीने पहले

भारत ने गुरुवार को चीन पर कड़ा निशाना साधा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को कहा है कि भारत ने चीन के अवैध कब्जों को कभी स्वीकार नहीं किया है और आगे भी नहीं करेगा। यह बात उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का कुछ हिस्से पर चीन की मौजूदगी को लेकर कही।उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश सहित सीमा से सटे इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किए जा रहे हैं। बॉर्डर से सटे इलाकों में सड़क और पुलों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार देश की सीमा पर होने वाली एक्टिविटी का राजनयिक माध्यमों के जरिए विरोध करती आई है।

अफगानिस्तान के मुद्दे पर विदेश मंत्रालय का रुख
अफगानिस्तान के मसले पर होने वाली सभी बैठकों में भारत शामिल होता आया है। इस मुद्दे पर दिल्ली में हुई राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में पाकिस्तान नहीं आया है। इससे पता चलता है कि वे अफगानिस्तान के मसले को लेकर कितने चिंतित हैं।

सोशल मीडिया पर यह फोटो वायरल कर बताया जा रहा है कि यह वही चीनी गांव है, जिसमें 100 घर बनाए गए हैं।
सोशल मीडिया पर यह फोटो वायरल कर बताया जा रहा है कि यह वही चीनी गांव है, जिसमें 100 घर बनाए गए हैं।

पेंटागन ने रिपोर्ट में विवादित इलाके में गांव बसने का दावा किया
रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया था कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा मजबूत करने के लिए तिब्बत ऑटोनोमस रीजन और LAC के बीच विवादित जगह पर अपना एक गांव बसा दिया है। इस गांव में 100 घर बनाकर नागरिक बसाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने यह गांव साल 2020 में दोनों देशों के बीच पूर्वी लद्दाख में गतिरोध शुरू होने के बाद बसाया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस गांव को बसाने के अलावा भी चीन ने बहुत सारे पक्के इंफ्रास्ट्रक्चर LAC से सटे इलाकों में बनाए हैं। इस दौरान चीन की तरफ से सीमा पर यथास्थिति बनाए रखने के लिए लगातार बातचीत भी जारी रखी गई है।

रिपोर्ट पर भारत ने क्या कहा था?
पेंटागन की रिपोर्ट सामने आने के बाद भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठान ने कहा था कि अरुणाचल के ऊपरी सुबनसिरी जिले में विवादित सीमा पर जहां गाव के निर्माण की बात कही जा रही है, उस पर 1959 से ही चीन का कब्जा है। इस बारे में कुछ नहीं किया जा सकता है।
हालांकि, त्सारी चू नदी के तट पर बनाए गए इस गांव के इलाके को भारत अपना क्षेत्र मानता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 1959 में चीनी सेना ने एक ऑपरेशन में असम राइफल्स की इस चौकी पर कब्जा कर लिया था।

पेंटागन की रिपोर्ट में और क्या था?
रिपोर्ट में बताया गया था कि अमेरिका की ताकत को चुनौती देते चीन ने अब US को सीधे धमकी देना शुरू कर दिया है। अमेरिका रिपोर्ट में कहा गया था कि ड्रैगन ने अमेरिका को भारत-चीन के रिश्तों में दखलअंदाजी न करने की धमकी दी है।
पेंटागन ने अमेरिकी कांग्रेस में 'मिलिटरी एंड सिक्योरिटी डेवलपमेंट इनवॉल्विंग द पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना' नाम से यहां रिपोर्ट जारी की थी। इसमें कहा गया था कि चीन पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर अपना दावा मजबूत करने आक्रामक तेवर दिखा रहा है।