• Hindi News
  • National
  • India declines to comment on NASA's assessment that debris from ASAT test could endanger ISS

एसैट टेस्ट / नासा के आरोप पर भारत ने प्रतिक्रिया देने से इनकार किया



मिशन शक्ति (फाइल फोटो) मिशन शक्ति (फाइल फोटो)
X
मिशन शक्ति (फाइल फोटो)मिशन शक्ति (फाइल फोटो)

  • अमेरिका ने मंगलवार को भारत के एंटी सैटेलाइट वेपन टेस्ट के खिलाफ प्रतिक्रिया दी थी
  • नासा प्रमुख ने कहा था- टेस्ट से अंतरिक्ष में मलबे के 400 टुकड़े फैल गए
     

Dainik Bhaskar

Apr 04, 2019, 10:53 AM IST

नई दिल्ली. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के आरोप पर भारत ने कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है। एजेंसी का कहना है कि रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस बारे में पूछे गए सवाल को टाल दिया। नासा का आरोप है कि भारत के एसैट टेस्ट से अंतरिक्ष में मलबे के 400 टुकड़े फैल गए। 

भारत ने 27 मार्च को किया था परीक्षण

  1. एंटी सैटेलाइट वेपन टेस्ट बीती 27 मार्च को किया गया था। इसके तहत भारत ने अपनी ही एक सैटेलाइट को नष्ट किया था। जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल से अंतरिक्ष में मार की गई थी। 

  2. सूत्रों का कहना है कि एसैट के सफल प्रयोग ने भारत को एक अंतरिक्ष शक्ति के रूप में स्थापित कर दिया है। अभी तक यह क्षमता केवल अमेरिका, रूस और चीन के पास है। चीन इस मामले में बाकी दोनों देशों से काफी आगे है। 

  3. ब्रिडेनस्टाइन ने कहा था- यह टेस्ट बेहद भयावह

    एंटी सैटेलाइट वेपन टेस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए नासा प्रमुख जिम ब्रिडेनस्टाइन ने मंगलवार को कहा कि यह टेस्ट बेहद भयावह है। इससे अंतरिक्ष में मलबे के 400 टुकड़े फैल गए। सभी टुकड़े इतने बड़े नहीं हैं कि उन्हें ट्रैक किया जा सके। केवल बड़े टुकड़े ट्रैक हो रहे हैं। 

  4. उसका कहना था कि इन मलबों से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) में अंतरिक्ष यात्रियों के लिए खतरा पैदा हो गया है। अब तक 6 इंच से बड़े 60 टुकड़े ट्रैक किए जा चुके हैं। यह टेस्ट आईएसएस सहित कक्षा में मौजूद अन्य सैटलाइटों से नीचे किया गया था। 

  5. मलबे के 24 टुकड़े इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर चले गए हैं। ऐसे में आगे इंसानों को अंतरिक्ष में भेजना मुश्किल हो जाएगा। पिछले 10 दिनों में इंटररेशनल स्पेस स्टेशन में 44% जोखिम बढ़ा है। नासा ऐसे टेस्ट नहीं स्वीकार करेगा। अगर कोई एक देश ऐसा करेगा तो दूसरे भी यही करना चाहेंगे। 

  6. ब्रिडेनस्टाइन पहले अमेरिकी अधिकारी हैं, जिन्होंने भारत के एसैट टेस्ट की आलोचना की है। इससे पहले अमेरिका के कार्यवाहक रक्षा मंत्री पैट्रिक शनाहन ने कहा था कि इस टेस्ट से अंतरिक्ष में उथल-पुथल हो सकती है, लेकिन उनका देश अभी अध्ययन कर रहा है। 

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना