• Hindi News
  • National
  • India lifted 271 million people out of poverty between 2006 and 2016 says United Nations

रिपोर्ट / देश में 10 साल में 27 करोड़ लोगों की गरीबी दूर हुई, इस मामले में भारत 101 देशों में सबसे तेज



सिंबॉलिक इमेज। सिंबॉलिक इमेज।
X
सिंबॉलिक इमेज।सिंबॉलिक इमेज।

  • 2006 से 2016 के आंकड़ों के आधार पर संयुक्त राष्ट्र ने यह रिपोर्ट जारी की
  • गरीबी के इंडेक्स में संपत्तियों के अलावा, स्वच्छता और पोषण जैसे पैमाने भी शामिल

Dainik Bhaskar

Jul 12, 2019, 01:36 PM IST

नई दिल्ली. भारत में 10 साल (2006 से 2016) में 27.1 करोड़ लोग गरीबी के दायरे से बाहर हुए। संयुक्त राष्ट्र की ओर से गुरुवार को जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक गरीबी के ग्लोबल इंडेक्स (एमपीआई) में भारत सबसे ज्यादा तेजी से नीचे आया है। देश में संपत्तियों, खाना पकाने का ईंधन, स्वच्छता और पोषण जैसे क्षेत्रों में काफी सुधार हुआ है। ये क्षेत्र गरीबी के इंडेक्स को मापने के पैमानों में शामिल हैं। 

 

रिपोर्ट के मुताबिक 2005-2006 में देश में 64 करोड़ यानी 55.1% लोग गरीब थे। 2015-16 में यह संख्या घटकर 36.9 करोड़ (27.9%) रह गई। भारत की एमपीआई वैल्यू 2005-2006 के 0.283 से घटकर 2015-16 में 0.123 रह गई। एमपीआई में कुल 10 पैमाने शामिल हैं।

 

पैमाना 2005-2006 2015-16
पोषण की कमी 44.3% 21.2%
शिशु मृत्यु दर 4.5% 2.2%
खाना बनाने के ईंधन का अभाव 52.9% 26.2%
स्वच्छता का अभाव 50.4% 24.6%
पेयजल का अभाव 16.6% 6.2%
बिजली का अभाव 29.1% 8.6%
घरों का अभाव 44.9% 23.6%
संपत्तियों का अभाव 37.6% 9.5%

 

इनके अलावा स्कूल जाने के वर्ष और स्कूल में उपस्थिति की दर भी इंडेक्स में शामिल है। रिपोर्ट में दुनिया के 101 देशों के अध्ययन को शामिल किया गया। इनमें 31 कम आय वाले, 68 मध्यम आय वाले और 2 उच्च आय वाले देश शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में 1.3 अरब लोग बहुआयामी रूप से गरीब हैं। बहुआयामी गरीबी के पैमानों में कम आय के साथ ही खराब स्वास्थ्य, काम की गुणवत्ता में कमी और हिंसा का खतरा भी शामिल हैं।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना