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4 देशों को 40 लाख वैक्सीन एक्सपोर्ट करेगा भारत:बांग्लादेश, नेपाल और म्यांमार को 10-10 लाख कोवीशील्ड तो ईरान को 10 लाख कोवैक्सिन भेजी जाएगी

नई दिल्ली10 दिन पहले
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सीरम इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर प्रकाश कुमार सिंह ने अगस्त में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया से वैक्सीन एक्सपोर्ट करने की अनुमति मांगी थी। -फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
सीरम इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर प्रकाश कुमार सिंह ने अगस्त में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया से वैक्सीन एक्सपोर्ट करने की अनुमति मांगी थी। -फाइल फोटो

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) बांग्लादेश, नेपाल और म्यांमार को कोवीशील्ड वैक्सीन के 10 लाख डोज भेजेगा। केंद्र सरकार ने कंपनी को इसकी अनुमति दे दी है। इसके अलावा भारत बायोटेक भी कोवैक्सिन के 10 लाख डोज ईरान भेजेगा। टीकों का एक्सपोर्ट वैक्सीन मैत्री कार्यक्रम के तहत अक्टूबर में किया जाएगा।

सीरम को कीवीशील्ड के 3 करोड़ टीके ब्रिटेन की एस्ट्राजेनेका कंपनी को भेजने की अनुमति भी मिल गई है। जानकारी के मुताबिक सीरम के डायरेक्टर प्रकाश कुमार सिंह ने अगस्त में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया से इसकी अनुमति मांगी थी। स्वास्थ्य मंत्री ने 20 सितंबर को कहा था कि वैक्सीन मैत्री कार्यक्रम के तहत भारत बचे हुए टीके जल्द ही जरूरतमंद देशों को निर्यात करना शुरू कर देगा।

क्या है वैक्सीन मैत्री
वैक्सीन मैत्री 20 जनवरी 2021 को भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक पहल है। इसके पहल का मकसद दुनियाभर के देशों में वैक्सीन डोज एक्सपोर्ट करना और उनके साथ बेहतर संबंध स्थापित करना है। बीजेपी के विदेश मामलों के विभाग प्रभारी और वैज्ञानिक विजय चौथाईवाले वैक्सीन मैत्री का फायदा बताते हुए कहते हैं कि कई देशों के साथ हमारी सीमा लगी हुई है। इसलिए वहां कोरोना संक्रमण फैलने पर असर हमारे देश में भी दिखाई दे सकता है। हमारे पड़ोसी देशों में वैक्‍सीनेशन होने का मतलब है, हमें भी मजबूती मिलेगी।

पीएम मोदी के बर्थडे पर बना था वर्ल्ड रिकॉर्ड
भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन (17 सितंबर) के दिन वैक्सीनेशन का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। इस दिन 2.50 करोड़ से ज्यादा लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई गई थी। स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा था कि दुनिया में अब तक एक दिन कहीं भी वैक्सीन की इतनी डोज नहीं दी गई।

12-18 साल के बच्चों का वैक्सीनेशन जल्द शुरू होगा
तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए भारत में जल्द ही 12-18 साल के बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू हो सकता है। कैडिला हेल्थकेयर बच्चों की वैक्सीन जायकोव-डी लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इसके इमरजेंसी यूज के लिए ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) ने पिछले महीने मंजूरी दे दी थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जायडस कैडिला हर महीने 1 करोड़ डोज बनाएगी।

बच्चों को वैक्सीन लगवानी क्यों जरूरी है?
भारत जैसे घनी आबादी वाले देश में बच्चों का वैक्सीनेशन जल्द से जल्द होना जरूरी है। इसे बेहतर तरीके से समझने के लिए महाराष्ट्र का उदाहरण सामने है। मुंबई में कोरोना की पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर में बच्चों में संक्रमण बढ़ गया था। वहीं माइक्रोबायोलॉजिस्ट प्रोफेसर डॉ. गगनदीप कंग का कहना है कि बड़ों को वैक्सीन लगने के बाद बच्चे ही ऐसे होंगे जो प्रोटेक्टेड नहीं होंगे। इस वजह से तीसरी लहर में उनके संक्रमित होने की आशंका बढ़ जाती है।

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