पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • National
  • Indian Army In Kashmir Contact Tracing Helping Army Wean Youths Away From Terrorism

कश्मीर में सेना की मुहिम:कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के जरिए युवाओं को आतंकी बनने से रोक रही सेना, इससे आतंक की चेन तोड़ने में मदद मिल रही

श्रीनगर6 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
दक्षिण कश्मीर के डीआईजी अतुल गोयल ने बताया था कि इस साल करीब 80 स्थानीय युवाओं ने अलग-अलग आतंकी संगठनों को ज्वाइन किया। (फाइल फोटो)
  • लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू ने कहा- पुलवामा, अनंतनाग, शोपियां और कुलगाम जिलों पर हमारी खास नजर
  • एनकाउंटर में मारे गए किसी भी स्थानीय आतंकी के परिवार का पता लगाकर उनकी काउंसिलिंग की जा रही

कश्मीर घाटी में युवाओं को आतंकी बनने से रोकने के लिए सेना कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की मदद ले रही है। एक आर्मी ऑफिसर ने बताया कि एनकाउंटर में मारे गए या स्थानीय आतंकवादियों के परिवार और दोस्तों की पहले पहचान की जाती है। इसके बाद काउंसिलिंग के जरिए उन्हें बदले में हथियार न उठाने के लिए प्रेरित किया जाता है।

सही समय पर युवाओं का मार्गदर्शन जरूरी
कश्मीर में विक्टर फोर्स 15-कॉर्प्स के हेड लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू ने बताया कि सही समय पर या कमजोर हालात में सही मार्गदर्शन के जरिए भटके हुए युवाओं को गलत कदम उठाने से रोका जा सकता है। उन्होंने न्यूज एजेंसी को बताया कि फोर्स पुलवामा, अनंतनाग, शोपियां और कुलगाम जिलों को देख रही है। सेना का फोकस आतंक की चेन तोड़ने पर रहता है और इसे मैंने अपनी टीम के साथ शुरू से ही फॉलो किया है।

मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की
उन्होंने बताया कि दक्षिण कश्मीर में मुठभेड़ में मारे गए और आतंकी भर्तियों का सेना ने रिव्यू किया। इसके बाद अधिकारियों ने एनकाउंटर में मारे गए किसी भी स्थानीय आतंकी की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की प्रोसेस शुरू की। इसके नतीजे काफी अच्छे रहे और कई युवाओं को आतंकवाद की ओर जाने से रोक लिया गया।

उन्होंने ज्यादा जानकारी या ऐसे लोगों की संख्या के बारे में बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने घाटी के स्थानीय लोगों की संख्या के बारे में बताने से भी इनकार कर दिया, जिन्होंने इस साल हथियार उठा लिए थे। उन्होंने कहा कि संख्या का कोई महत्व नहीं है। हमारा लक्ष्य हथियार उठाने के आइडिया को काउंटर करना है।

हालांकि, दक्षिण कश्मीर के डीआईजी अतुल गोयल ने बताया था कि इस साल करीब 80 स्थानीय युवाओं ने अलग-अलग आतंकी संगठनों को ज्वाइन किया।

परिवार और समाज की भी अहम भूमिका
जनरल राजू ने बताया कि ऐसे कई मामले हैं, जिनमें मां और परिवार ने सोशल मीडिया पर अपने चाहने वालों से आतंक छोड़कर घर लौटने की अपील की। भटके हुए युवाओं को वापस लाने के लिए परिवार और समाज की भी भूमिका काफी अहम हो जाती है। उन्होंने कहा कि जब समाज ऐसे लोगों को अपनाने के लिए तैयार होता है, तो उसका बहुत ही ज्यादा असर पड़ता है।

2016 में अनंतनाग के युवक ने किया था सरेंडर
विक्टर फोर्स के हेड के रूप में जनरल राजू को 2016 में अनंतनाग के 20 साल के माजिद खान के फेमस सरेंडर का श्रेय दिया जाता है। माजिद लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हो गया था। जब उस तक उसकी मां की अपील पहुंची, तो वह लौट आया। उसे भरोसा दिया गया था कि उसकी जिंदगी बदल जाएगी और ऐसा किया भी गया। उन्होंने बताया कि आज वह जम्मू-कश्मीर के बाहर पढ़ाई कर रहा है और इससे ज्यादा मैं कुछ नहीं बता सकता।

0

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव - आज उन्नति से संबंधित शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों में भी कुछ समय व्यतीत होगा। किसी विशेष समाज सुधारक का सानिध्य आपके अंदर सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करेगा। बच्चे त...

और पढ़ें