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Surgical Strike in Myanmar: भारत की सेना ने म्यांमार के साथ मिलकर की आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई, कई आतंकी कैम्प तबाह

Dainik Bhaskar

Mar 15, 2019, 06:39 PM IST

ये मिशन दोनों देशों ने अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को बचाने के लिए किया था

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नेशनल डेस्क, नई दिल्लीजब एक तरफ 26 फरवरी को इंडियन एयरफोर्स के फाइटर जेट पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकियों का खात्मा कर रहे थे। उस वक्त देश के दूसरे छोर पर भारतीय फौज एक बेहद खास और खुफिया मिशन को अंजाम दे रही थी। भारत और म्यांमार फौज के ज्वाइंट ऑपरेशन में भारत-म्यांमार बॉर्डर पर एक्टिव आतंकियों और उनके कैम्प का खात्मा कर दिया है। ये मिशन 17 फरवरी से 2 मार्च तक चला था। बता दें कि कुछ दिन पहले गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने तीन सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र किया था। इसमें से दो सर्जिकल स्ट्राइक (2016 में पीओके में और दूसरी बालाकोट में) के बारे में हम जानते हैं। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या आतंकियों के खिलाफ तीसरी सर्जिकल स्ट्राइक क्या यही थी।

- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये मिशन दोनों देशों के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को बचाने के लिए किया गया था। म्यांमार में सितवे बंदरगाह के जरिए कोलकाता से मिजोरम को जोड़ा जा रहा है। लेकिन ये प्रोजेक्ट इस एरिया में एक्टिव आतंकी संगठनों के निशाने पर था।
- म्यांमार के विद्रोही समूह अराकान आर्मी ने मिजोरम सीमा पर कई आतंकी कैम्प बनाए थे। ये भारत के कालादान प्रोजेक्ट को काफी समय से टारगेट कर रहे थे। यही कालादान प्राेजेक्ट काेलकाता से म्यांमार के सितवे पोर्ट को कनेक्ट करने वाला है। ये फ्यूचर प्रोजेक्ट नॉर्थ-ईस्ट का नया गेटवे होगा।
- इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही कोलकाता से मिजोरम के बीच हजार किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी। अभी ये दूरी तय करने में करीब चार दिन का समय लगता था।
- कालादान प्रोजेक्ट पर खतरे को लेकर इंटलीजेंस रिपोर्ट मिली थी। इसके बाद इंडियन आर्मी ने म्यांमार में मिजाेरम के दक्षिण में आतंकी गुटों के सफाए के लिए मिशन प्लान किया था।
- बता दें कि अराकान आर्मी को म्यांमार के आतंकी संगठन काचिन इंडिपेंडेंस आर्मी की ओर से ट्रेनिंग दी गई है।

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