सुरक्षा / भारतीय सेना लंबी दूरी तक हमलों के लिए अमेरिका से गोला-बारूद खरीदेगी



प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।
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प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।

  • यह गोला-बारूद होवित्जर तोपों के लिए खरीदा जाएगा, इससे 50 किमी से ज्यादा दूरी तक हमला किया जा सकता है
  • होवित्जर अमेरिका में बनी बेहद हल्की तोप है, इसे अफगानिस्तान और इराक युद्ध में इस्तेमाल किया गया

Dainik Bhaskar

Jul 07, 2019, 10:05 PM IST

नई दिल्ली. भारतीय सेना अमेरिकन होवित्जर तोपों के लिए अमेरिका से गोला-बारूद खरीदेगी। इससे 50 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक के लक्ष्यों को निशाना बनाया जा सकता है। अत्याधुनिक तकनीक की मदद से घनी आबादी में भी यह आसानी से दुश्मनों को निशाना बना सकती है। न्यूज एजेंसी ने सरकार के सूत्रों के हवाले से कहा कि सेना के आपातकालीन प्रावधानों के तहत गोला-बारूद खरीदेगी।

 

14 फरवरी को हुए पुलवामा हमले के कुछ दिनों के बाद ही तीनों सेनाओं को आपातकालीन शक्तियां दी गई थीं। इसके तहत सेना अपनी जरूरत के हिसाब से 300 करोड़ रुपए के हथियार खरीद सकती है। इसके बाद से सेना ऐसे हमलों से निपटने के लिए हथियारों को खरीद रही है।

 

सूत्रों के मुताबिक, भारतीय सेना अमेरिकी से एक्सकैलिबर आर्टीलरी एम्युनेशन खरीदने की योजना बना रही है। इसे नियंत्रण रेखा पर तैनात जवानों को दिया जाएगा। जहां आए दिन पाकिस्तान द्वारा गोलीबारी की जाती है। हाल ही में एक बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिका से हथियार खरीदने की अपनी योजनाओं के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि जीपीएस सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए यह 50 किमी से लंबी दूरी तक हमला कर सकती है।

 

होवित्जर अमेरिका में बनी बेहद हल्की तोप है। इसे अफगानिस्तान और इराक युद्ध में इस्तेमाल किया जा चुका है। सेना ने अमेरिका में बनी एम-777 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर को भी अपने बेड़े में शामिल करना शुरू कर दिया है। अमेरिका अफगानिस्तान के साथ करीब दो दशक से लड़ाई में उलझा हुआ है।

 

रूस से एंटी-टैंक मिसाइल खरीदा जाएगा

भारत रूस से एंटी-टैंक मिसाइल ‘स्ट्रम अटाका’ भी खरीदेगा। पिछले दिनों इसके लिए दोनों देशों के बीच 200 करोड़ रुपए का समझौता हुआ है। मिसाइल को एमआई-35 हेलिकॉप्टर में लगाया जाएगा। एमआई-35 भारतीय वायुसेना का अटैकिंग हेलिकॉप्टर है। इसे अमेरिका के अपाचे की जगह लाया गया है।

 

बालाकोट हमले में स्पाइस 2000 बम का इस्तेमाल हुआ

सरकार के सूत्र के मुताबिक, तुरंत युद्ध की स्थिति के मद्देनजर आपातकालीन प्रावधान के तहत वायुसेना ने कई देशों के साथ स्पाइस 2000 स्टैंड ऑफ वेपन सिस्टम और कई स्पेयर और एयर टू एयर मिसाइल की डील की है। इसके साथ ही वायुसेना स्पाइस 2000 बम का एडवांस बंकर बस्टर वर्जन खरीदने की तैयारी में है। यह बम किसी भी इमारत और बंकर को पूरी तरह नष्ट करने की क्षमता रखता है। वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में की गई एयर स्ट्राइक में इजरायल से खरीदे गए स्पाइस 2000 बम का इस्तेमाल किया था।

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