इंडिगो विवाद / प्रमोटर राकेश गंगवाल ने कहा- पान की दुकान भी इससे बेहतर तरीके से चलती है



इंडिगो के प्रमोटर राहुल भाटिया (बाएं) और राकेश गंगवाल। (फाइल) इंडिगो के प्रमोटर राहुल भाटिया (बाएं) और राकेश गंगवाल। (फाइल)
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इंडिगो के प्रमोटर राहुल भाटिया (बाएं) और राकेश गंगवाल। (फाइल)इंडिगो के प्रमोटर राहुल भाटिया (बाएं) और राकेश गंगवाल। (फाइल)

  • प्रमोटरों के विवाद की वजह से इंडिगो का शेयर 11% नीचे बंद, इंट्रा-डे में 19% लुढ़क गया था
  • गंगवाल ने को-फाउंडर राहुल भाटिया पर गड़बड़ियों के आरोप लगाए
  • कहा- एयरलाइन मूल्यों से भटक चुकी, तुरंत कदम नहीं उठाए तो नतीजे दुर्भाग्यपूर्ण होंगे
  • गंगवाल की शिकायत पर सेबी ने इंडिगो के बोर्ड से 19 जुलाई तक जवाब मांगा

Dainik Bhaskar

Jul 10, 2019, 06:20 PM IST

नई दिल्ली. इंडिगो एयरलाइन के प्रमोटरों का विवाद मंगलवार को खुलकर सामने आ गया। प्रमोटर राकेश गंगवाल (66) ने को-फाउंडर राहुल भाटिया (58) पर गंभीर गड़बड़ियों (गवर्नेंस लेप्सेज) के आरोप लगाए हैं। गंगवाल ने कहा है कि कंपनी अपने सिद्धांतों और संचालन के मूल्यों से भटक चुकी है। एक पान की दुकान इससे ज्यादा बेहतर तरीके से मामलों को सुलझा सकती है।

 

प्रमोटर्स के विवाद से कामकाज पर असर नहीं होगा: इंडिगो के सीईओ
सीईओ रॉनजॉय दत्ता ने बुधवार को कर्माचरियों को पत्र लिखकर कहा कि प्रमोटरों का विवाद कभी ना कभी सुलझ जाएगा लेकिन, स्पष्ट करना चाहता हूं कि इन मामलों से एयरलाइन का लक्ष्य और कामकाज प्रभावित नहीं होगा। अपना काम सामान्य तरीके से करते रहें।

 

इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है। 2004 में राकेश गंगवाल और राहुल भाटिया ने इसकी स्थापना की थी। उड़ान 4 अगस्त 2006 को शुरू हुई थी।

तुरंत कदम उठाने की जरूरत: गंगवाल

  1. गंगवाल ने मार्केट रेग्युलेटर सेबी से शिकायत की है। सेबी ने एयरलाइन के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से 19 जुलाई तक जवाब मांगा है। इंडिगो की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने मंगलवार को रेग्युलेटरी फाइलिंग में यह जानकारी दी। न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि मई में इंडिगो के प्रमोटर्स के बीच मतभेद की खबर आने के बाद से ही सेबी की जांच जारी है।

  2. गंगवाल ने कुछ रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शंस (आरपीटी) पर सवाल उठाते हुए कहा है कि शेयरहोल्डर्स के एग्रीमेंट से भाटिया को इंडिगो पर असामान्य नियंत्रण का अधिकार मिल गया है। संचालन से जुड़े मलूभूत नियम और कानूनों का पालन नहीं किया जा रहा। तुरंत प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो नतीजे दुर्भाग्यपूर्ण होंगे।

  3. गंगवाल ने इंडिगो के बोर्ड को पत्र लिखकर 12 जून को ईजीएम रखने की मांग की थी लेकिन, भाटिया ने प्रस्ताव का विरोध किया था। भाटिया ने कंपनी के बोर्ड से कहा था कि गंगवाल ईगो हर्ट होने की वजह से ऐसी बातें कर रहे हैं। उनकी गैर-वाजिब मांगों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।

  4. भाटिया ने 12 जून को लिखे पत्र में आरोप लगाए कि गंगवाल हिडन एजेंडे के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने एक पैकेज का प्रस्ताव दिया था। वे रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शंस के मुद्दे पर अलग से बात करने के लिए तैयार नहीं हैं। बता दें राकेश गंगवाल की इंडिगो में 37% और राहुल भाटिया की 38% हिस्सेदारी है।

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