इंदौर / राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान में भ्रम, पार्षद जन गण मन बीच में रोककर वंदे मातरम् गाने लगे



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  • इंदौर नगर निगम के बजट सत्र की घटना, विपक्ष ने राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाया
  • विपक्षी पार्षदों ने निगम कमिश्नर से शिकायत की, कहा- एफआईआर दर्ज होनी चाहिए
  • परंपरा के मुताबिक, बजट सत्र की शुरुआत वंदे मातरम् और अंत जन गण मन से होता है

Dainik Bhaskar

Jun 13, 2019, 03:19 PM IST

इंदौर. मध्य प्रदेश के इंदौर में निगम के बजट सत्र के दौरान पार्षदों के बीच राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई। बुधवार को सत्र की शुरुआत में पार्षद वंदे मातरम की जगह जन गण मन गाने लगे, लेकिन हस्तक्षेप के बाद इसे बीच में रोककर फिर वंदे मातरम् पर आ गए और इसे पूरा किया। घटना का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें महापौर और भाजपा विधायक मालिनी गौड़, निगम कमिश्नर आशीष सिंह, चेयरमैन अजय सिंह नरुका और सभी पार्षद नजर आ रहे हैं।

 

राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाते हुए विपक्षी पार्षदों ने निगम कमिश्नर आशीष सिंह से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए, इसे माफ नहीं किया जा सकता। सूत्रों के मुताबिक, जान-बूझकर राष्ट्रगान के गायन में बाधा डालने या इसे बीच में रोकने पर तीन साल की सजा का प्रावधान है।

 

पार्षदों की जुबान फिसलने से गलती हुई: चेयरमैन

चेयरमैन अजय सिंह नरुका ने कहा, ''पार्षदों की जुबान फिसलने से यह गलती हुई है। मुझे नहीं लगता कि इसके पीछे कोई दुर्भावना हो। इसलिए मामले को ज्यादा न बढ़ाया जाए। निगम की परंपरा के हिसाब से बजट सत्र की शुरुआत वंदेमातरम के गायन से होती है और जन गण मन के साथ खत्म होता है।''

 

विपक्षी पार्षदों ने निगम कमिश्नर से कार्रवाई की मांग की।

इस बार घाटे का बजट पेश हुआ
इंदौर नगर निगम पर भाजपा का कब्जा है। महापाैर मालिनी गाैड़ ने नगर निगम में बजट सत्र-2019-20 के दौरान 96 करोड़ 79 लाख 56 हजार रुपए के घाटे का अनुमानित बजट पेश किया। इसमें 5647 करोड़ 18 लाख 10 हजार रुपए की आय और 5574 करोड़ 40 लाख 68 हजार रुपए की अनुमानित व्यय बताई।

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