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इंटरव्यू / कश्मीर में 15 अगस्त के बाद ही पाबंदियों में धीरे-धीरे ढील देना शुरू करेंगे: राज्यपाल मलिक



Satyapal Malik Interview: Satyapal Malik On Article 370 Jammu Kashmir Investor Summit, JK Independence Day Aug 15
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Satyapal Malik Interview: Satyapal Malik On Article 370 Jammu Kashmir Investor Summit, JK Independence Day Aug 15

  • राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा, फोन और इंटरनेट देश के दुश्मनों के लिए हथियार, हम अपना ही गला काटने के लिए उन्हें ये नहीं दे सकते
  • उन्होंने कहा- मैंने राहुल गांधी को कश्मीर आने का न्योता नहीं दिया, उन्हें कश्मीर पर समझ दुरुस्त करने को कहा है

Dainik Bhaskar

Aug 14, 2019, 11:07 AM IST

श्रीनगर. (राजभवन से हेमंत अत्री/उपमिता वाजपेयी). डल झील के किनारे राजा हरिसिंह के महल में बने गवर्नर हाउस में राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मिलने वालों में सिर्फ अपाइंटमेंट लेकर पहुंचने वाले ही नहीं हैं, बल्कि वे भी हैं जो बिन बताए मदद मांगने पहुंच रहे हैं। मलिक कहते हैं, " इन दिनों मिलने वाले कम हैं, तो काम कम है।" जब वे कश्मीर के राज्यपाल बने तो 30 साल बाद कोई नेता इस कुर्सी पर बैठा था। लोग ट्विटर और वॉट्सएप पर मदद मांगते और वे करते भी। अभी राज्य में इंटरनेट बंद है। अफवाहों और आशंकाओं के बीच मलिक का प्लान तैयार है। घाटी के मौजूदा हालातों पर राज्यपाल ने पहली बार बात की।

 

 

सवाल : आपको पीपुल्स गवर्नर कहा जाता है। लोग आपको ट्विटर पर मुश्किलें बताते हैं। इंटरनेट बंद है तो लोग समस्या कैसे बताएंगे?
जवाब : मैं खुद ही लोगों की दिक्कतें समझकर समाधान कर रहा हूं। श्रीनगर में 1600 और कश्मीर में 10 हजार कर्मी चौबीसों घंटे काम में जुटे हैं। 15 अगस्त के बाद पाबंदियों में ढील देना शुरू करेंगे। फोन-इंटरनेट उपद्रवियों, दुश्मनों और पाकिस्तानियों का हथियार है। हम उनके हाथ में अपना गला काटने का हथियार नहीं पकड़ा सकते।
 

सवाल : क्या 15 अगस्त को कर्फ्यू में छूट दी जाएगी? हर पंचायत में तिरंगा फहराने के लिए कोई खास योजना बनाई है?
जवाब : 15 अगस्त हर साल की तरह ही मनाएंगे। रिहर्सल हो चुकी है। जब तक कार्यक्रम चलेंगे, पाबंदियां रहेंगी।
 

सवाल : आपको अनुच्छेद-370 हटाने की जानकारी कब मिली?
जवाब : मैं जब यहां आया, चर्चा तभी से थी कि 370 हटेगा। मैंने यहां के राजनेताओं को बता दिया था। यह कोई जेब से निकाला हुआ फैसला नहीं है। इसे संसद में लाया गया। वोटिंग हुई, तब जाकर अनुच्छेद हटाया गया।
 

सवाल : चुनाव कब होंगे? केंद्र शासित प्रदेश की प्रक्रिया कब पूरी होगी?
जवाब : चुनाव नए परिसीमन के आधार पर होंगे। परिसीमन आयोग का गठन किसी भी वक्त हो सकता है। इसमें छह महीने से एक साल तक लगेगा। उसके बाद चुनाव होंगे। यूटी की प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी हो जाएगी।
 

सवाल : विदेशी मीडिया में कुछ जगहों पर पत्थरबाजी और हिंसक प्रदर्शनों की खबरें हैं? ये खबरें कितनी सच हैं?
जवाब : वो झूठ दिखा रहे हैं। वहां उर्स था और दूसरी ओर से नमाज पढ़ने वालों की भीड़ आ रही थी। वीडियो ऐसे लिए गए कि भीड़ दिखे। फिर उपद्रवियों ने पथराव शुरू कर दिया। चार लोगों के पैरों पर पैलेट के छर्रे लगे हैं।
 

सवाल : पाकिस्तान में भी काफी कुछ घट रहा है। आपने कहा था उसने कुछ किया तो भीतर घुसकर जवाब देंगे। क्या कुछ इनपुट हैं?
जवाब : पाक सेना के शीर्ष अफसरों के चॉपर सरहदी इलाकों में गश्त कर रहे हैं। पाक या तो डरा हुआ है या कुछ करने की फिराक में है। वह फिदायीन हमला करवाना चाहता है और हम खतरनाक जवाब देने की तैयारी में हैं।
 

सवाल : स्थानीय नेताओं की बेनामी संपत्ति और भ्रष्टाचार के सबूत मिलने की बात कही थी, उनकी जांच कहां तक पहुंची?
जवाब : जिनकी जांच मेरे हाथ में थी, उनसे पूछताछ हुई है। जो बड़ी मछलियां हैं, वे जांच शुरू होने पर जेल में होंगी। 
 

सवाल : क्या मुकेश अंबानी के अलावा किसी और व्यवसायी ने भी जम्मू-कश्मीर में निवेश के लिए संपर्क किया है?
जवाब : डालमिया का मैसेज आया था। कुछ लोग संपर्क में हैं। 12-14 अक्टूबर को इंवेस्टर मीट होगी। 

 

सवाल : अब तक किसी की मौत हुई है? कितने लोग गिरफ्तार किए गए हैं?
जवाब :  बुरहान वानी के मारे जाने के बाद हफ्तेभर में 50 लोगों की मौत हुई थी। लेकिन, 4 अगस्त से अभी तक एक भी नहीं। कुछ पत्थरबाजी की घटनाएं हुई हैं, पर किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई है। 500 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 150 नेता हैं। अन्य पत्थरबाज और आतंकियों के मददगार हैं। 
 

सवाल : साउथ कश्मीर और डाउन टाउन में आतंकवाद से कैसे निपटेंगे?
जवाब : कश्मीर के सिर्फ ढाई जिले में आतंकवाद रह गया है। हम यहां के युवाओं को आतंकवाद से दूर ले जाने का हर प्रयास कर रहे हैं। उनके लिए काम करके और मुहब्बत से उन्हें हम जीत लेंगे, ऐसी मुझे पूरी उम्मीद है।
 

सवाल : यहां करीब 95% लोग नहीं जानते कि 370 क्या है और इससे क्या होगा? आप उन्हें कैसे एजुकेट करेंगे? 
जवाब : दुर्भाग्य है कि 370 केवल झूठे आत्मगौरव की कहानी है। यहां नेता, अधिकारी तक अभी इसके बारे में नहीं जानते। मैं सेक्रेटरी और बाकी अधिकारियों से मिलकर उन्हें समझा रहा हूं। कह रहा हूं कि जिनसे वो मिलते हैं, उन्हें भी बताएं कि ये था क्या और इसके न होने से क्या होगा? हम टीवी, रेडियो और अखबार के जरिए लोगों को समझाने का प्रयास करेंगे।
 

सवाल : जो लोग पहले अलगाववाद या आतंकवाद का विरोध करते थे, कहीं वो तो इस ओर आकर्षित नहीं होंगे?
जवाब :  ऐसी कोई स्थिति नहीं बनेगी। जो नेता जेलों में हैं वो भी जब बाहर आएंगे तो इन लोगों को अलगाववाद और आतंकवाद से दूर रहना सिखाएंगे। ये नेता बाहर आकर बदले हुए मिलेंगे। टूटने के बाद वे मुख्यधारा में आ जाएंगे। 
 

सवाल : बतौर राज्यपाल ये ऐतिहासिक फैसला कितना चुनौतीपूर्ण था?
जवाब : यदि आप सच और सही काम दृढ़ता के साथ करें तो कुछ भी चुनौतीपूर्ण नहीं होता। मैं जिस लक्ष्य को लेकर दिल्ली से यहां भेजा गया था, मैं बस वही काम कर रहा हूं और प्रधानमंत्री हमारे काम से खुश हैं।  
 

सवाल : राहुल गांधी ने कश्मीर आने का आपका न्योता स्वीकार कर लिया है?
जवाब :  मैंने कभी राहुल गांधी को यहां आने का न्योता नहीं दिया। वो जो कह रहे थे, मैंने उन्हें यहां आकर मसले को समझने को कहा था, ताकि वह अनाप-शनाप न कहें। मैंने सुरक्षाबलों से हालात जांचने को कहा है, उसके बाद ही किसी को भी आने की इजाजत दी जा सकती है। मैंने उनकी कोई भी शर्त नहीं मानी है और न ही मानूंगा। वह लोकतंत्र की बात करते हैं, लेकिन उनकी दादी ने इमरजेंसी के वक्त हमें अपने बच्चों से भी नहीं मिलने दिया था।

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