पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • National
  • Chandrayaan 2: ISRO Chandrayaan 2 Vikram Lander Today Updates; Vikram Lander Had Hard Landing Within 500 Meters

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

विक्रम ने चांद की सतह पर 500 मीटर ऊपर से हार्ड लैंडिंग की थी: संसद में सरकार का जवाब

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
  • पहले चरण में विक्रम के चंद्रमा से 30 किमी से 7.4 किमी दूरी पर आने में सब सामान्य था, वेग 1683 मीटर/सेकंड से घटकर 146 मीटर/ सेकंड आ गया था: जितेंद्र सिंह
  • ‘दूसरे चरण के दौरान विक्रम का वेग तय सीमा से कहीं ज्यादा था, लिहाजा सॉफ्ट लैंडिंग नहीं हो पाई’
  • इसरो ने 7 सितंबर को बताया था कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने से 2.1 किमी पहले विक्रम लैंडर से संपर्क टूट गया था

नई दिल्ली. सरकार ने बुधवार को संसद में बताया कि चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम की चांद पर हार्ड लैंडिंग इस वजह से हुई, क्योंकि तय पैरामीटरों के हिसाब से उसका वेग कम नहीं हो पाया। चांद से करीब 500 मीटर की ऊंचाई से विक्रम ने हार्ड लैंडिंग की। 7 सितंबर को विक्रम को चांद के दक्षिण ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करनी थी, लेकिन इसमें वह नाकाम रहा था। विक्रम का अब तक कोई पता भी नहीं चला।
 
लोकसभा में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक प्रश्न के लिखित जवाब में बताया, ‘‘लैंडिंग कराए जाने के पहले फेज में विक्रम के चंद्रमा से 30 किमी से 7.4 किमी ऊंचाई पर आने तक सबकुछ सामान्य था। इस दौरान विक्रम का वेग भी 1683 मीटर प्रति सेकंड से घटकर 146 मीटर प्रति सेकंड आ गया था।’’ सिंह के पास अंतरिक्ष विभाग का भी प्रभार है।
 

‘दूसरे फेज में वेग बढ़ गया’
सिंह ने यह भी बताया, ‘‘दूसरे चरण के दौरान विक्रम का वेग तयशुदा सीमा से कहीं ज्यादा था। लैंडर के इस असामान्य व्यवहार के चलते उन परिस्थितियों में बदलाव आया, जिसके तहत सॉफ्ट लैंडिंग होनी थी। नतीजतन चांद से महज 500 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद विक्रम की हार्ड लैंडिंग हो गई। इस बात को छोड़ दें तो चंद्रयान की लॉन्चिंग, उसका ऑर्बिट (कक्षा) बदलना, लैंडर का ऑर्बिटर से अलग होना, डी-बूस्टिंग जैसी कई चीजों में हमें सफलता मिली।’’
 
‘‘चंद्रयान-2 ने ऑर्बिट में पहुंचने के बाद सभी 8 चरणों में उसमें मौजूद डेटा के हिसाब से ही काम किया। हमने जिस तरह से लॉन्चिंग की और चंद्रयान-2 ने ऑर्बिट बदले, उससे मिशन की लाइफ 7 साल तक बढ़ गई है।’’
 

नासा ने भी हार्ड लैंडिंग की बात कही थी
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने 27 सितंबर को चंद्रयान-2 पर अपनी रिपोर्ट पेश की। इसमें कहा गया था कि चांद की सतह पर विक्रम लैंडर की हार्ड लैंडिंग हुई। एजेंसी ने उस जगह की कुछ तस्वीरें भी जारी कीं, जहां विक्रम की लैंडिंग होनी थी। हालांकि, विक्रम कहां गिरा, इस बारे में पता नहीं चला पाया। वैज्ञानिकों के मुताबिक, चांद पर रात हो चुकी है, इसके चलते ज्यादातर सतह पर सिर्फ परछाइयां ही दिखाई दे रही हैं। ऐसे में हो सकता है कि लैंडर किसी परछाई में छिप गया हो।
 

 

2.1 किमी पहले विक्रम लैंडर से संपर्क टूट गया
इसरो ने 7 सितंबर को बताया था कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने से 2.1 किमी पहले विक्रम लैंडर से संपर्क टूट गया था। विक्रम 2 सितंबर को चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर से अलग हुआ था। इस मिशन को 22 जुलाई को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया था।
 


 

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज ऊर्जा तथा आत्मविश्वास से भरपूर दिन व्यतीत होगा। आप किसी मुश्किल काम को अपने परिश्रम द्वारा हल करने में सक्षम रहेंगे। अगर गाड़ी वगैरह खरीदने का विचार है, तो इस कार्य के लिए प्रबल योग बने हुए...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...
  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser