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इसरो / लैंडर विक्रम की लोकेशन का पता लगा, संपर्क के प्रयास जारी



ISRO news update: agency racing against time to salvage lander-rover part of Chandrayaan-2 mission
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ISRO news update: agency racing against time to salvage lander-rover part of Chandrayaan-2 mission

  • चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम का संपर्क चांद की सतह पर लैंडिंग से पहले टूट गया था
  • स्पेस एजेंसी के मुताबिक लैंडर विक्रम अभी भी चांद की सतह पर सलामत है
  • केवल हार्ड लैंडिंग की वजह से वह सतह पर झुक गया है, ऐसे में संपर्क में मुश्किल आ रही है

Dainik Bhaskar

Sep 10, 2019, 07:23 PM IST

बेंगलुरु. इसरो इस कोशिश में जुटा हुआ है कि चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम से संपर्क स्थापित किया जा सके। मंगलवार को इसरो ने बताया कि चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर ने लैंडर विक्रम की लोकेशन का पता लगा लिया है। हालांकि अभी तक उससे संपर्क नहीं हो पाया है। 

 

इससे पहले शुक्रवार-शनिवार की मध्यरात्रि में चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम का संपर्क चांद से महज 2.1 किमी की दूरी पर ग्राउंड स्टेशन से टूट गया था। सोमवार को इसरो ने बताया था कि विक्रम लैंडर चांद की सतह पर सलामत है। स्पेस एजेंसी के मुताबिक लैंडर विक्रम अभी टूटा नहीं है। केवल हार्ड लैंडिंग के कारण झुक गया है। उससे संपर्क के प्रयास जारी हैं।

 

इसरो ने कोई अधिकृत टिप्पणी नहीं की

चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम के साथ रोवर प्रज्ञान भी शामिल है। लैंडर और रोवर की लाइफ एक लुनर डे के बराबर होती है, जो कि पृथ्वी के 14 दिनों के बराबर होता है। वैसे इसरो ने अधिकृत रूप से लैंडर विक्रम की स्थिति को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की है। 

 

14 दिनों तक संपर्क का प्रयास करेंगे: इसरो चेयरमैन

इसरो चेयरमैन के.सिवन ने शनिवार शाम कहा था कि स्पेस एजेंसी 14 दिनों तक लैंडर से संपर्क करने की हर संभव कोशिश जारी रखेगी। इसरो के एक अधिकारी के मुताबिक विक्रम ने लुनर सरफेस पर तय जगह से 500 मीटर दूरी पर लैंडिंग की है।

 

चंद्रयान-2 एक यूनिक मिशन: सूत्र

सूत्रों के मुताबिक इसरो की टीम की कोशिश है कि किसी भी तरह से लैंडर से एक बार संपर्क साध लिया जाए। यह एक यूनिक मिशन था जिसका मकसद केवल चांद के एक हिस्से का अध्ययन करना नहीं था बल्कि इसे सभी हिस्सों का आंकलन करना था। इनमें एक्सोस्फेयर, सरफेस, सब-सरफेस भी शामिल था। 

 

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