संशोधन / आयकर विभाग ने फॉर्म-16 में बदलाव किया, वेतन के अलावा दूसरे स्त्रोतों से हुई आय भी बतानी होगी



IT dept revises format of TDS certificate form 16 issued by employers
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IT dept revises format of TDS certificate form 16 issued by employers

  • नियोक्ता से मिले फॉर्म-16 के आधार पर रिटर्न भरते हैं कर्मचारी
  • अभी तक इसमें वेतन और निवेश की जानकारियां होती थीं शामिल 
  • नियोक्ताओं को अब कर्मचारियों के अन्य भत्ते-भुगतान भी बताने होंगे

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2019, 11:03 AM IST

नई दिल्ली. आयकर विभाग ने फॉर्म-16 के फॉर्मेट में बदलाव किया है। यह फॉर्म जारी करने वाले (नियोक्ता) को अब इसमें कर्मचारी के बारे में ज्यादा जानकारियां देनी होंगी। कर्मचारी की प्रॉपर्टी से हुई कमाई, उसे दूसरे नियोक्ताओं की ओर से मिले भुगतान की डिटेल अब फॉर्म-16 में दी जाएगी। इससे आयकर विभाग को टैक्स चोरी की जांच में मदद मिलेगी।

किस मद में कितनी कटौती हुई, यह बताना पड़ेगा

  1. नए फॉर्म-16 में अलग-अलग टैक्स सेविंग्स स्कीम के तहत किए गए निवेश, उससे जुड़ी कटौतियां, कर्मचारी को मिले अलग-अलग भत्तों और दूसरे स्त्रोतों से हुई आय का ब्यौरा भी शामिल होगा।

  2. आयकर विभाग द्वारा संशोधित फॉर्म-16 इसी साल 12 मई से प्रभावी हो जाएगा। यानी वित्त वर्ष 2018-19 का रिटर्न संशोधित फॉर्म के आधार पर भी भरना होगा।

  3. नियोक्ता अपने कर्मचारियों के लिए वित्त वर्ष खत्म होने के बाद फॉर्म-16 जारी करते हैं। इसमें कर्मचारियों के टीडीएस की जानकारी होती है। फॉर्म-16 के आधार पर ही कर्मचारी अपना आयकर रिटर्न भरते हैं। नियोक्ता आमतौर पर जून में फॉर्म-16 जारी करते हैं।

  4. फॉर्म-16 में बदलाव का असर क्या होगा ?

    इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की इंदौर ब्रांच के चेयरमैन पंकज शाह के मुताबिक रिटर्न फाइलिंग के स्टैंडर्डाइजेशन के लिए फॉर्म-16 में बदलाव किया गया है। कई बार फॉर्म-16 और रिटर्न फाइलिंग के आंकड़ों में फर्क देखा जाता है। लेकिन, फॉर्म-16 में कर्मचारी के निवेश और आय की सभी जानकारियां होंगी तो ऐसा नहीं होगा। जिन अलाउंस पर टैक्स छूट मिलती है वो मिलती रहेगी लेकिन नियोक्ता को सभी मदों में की जाने वाली कटौती का पूरा ब्यौरा फॉर्म-16 में देना होगा। शाह के मुताबिक इन अलाउंस पर टैक्स छूट मिलती है- 

     

    • डेली अलाउंस
    • ट्रैवलिंग 
    • कन्वेंस
    • हेल्पर
    • एकेडमिक 
    • यूनिफॉर्म

  5. सवाल- सीटीसी के अलावा दूसरे भत्ते जैसे मोबाइल का अलाउंस आदि टैक्सेबल इनकम में माने जाएंगे ?
     

    एक्सपर्ट का जवाब- मोबाइल अलाउंस पर टैक्स छूट नहीं मिलती, जिन अलाउंस पर छूट मिलती है उन्हीं को क्लेम कर पाएंगे

     

    सवाल- कर्मचारी ने टैक्स में छूट लेने के लिए 1 लाख रुपए का निवेश किया लेकिन नियोक्ता को फाइनल डिक्लेरेशन देने के वक्त 70 हजार के सूबत पेश कर पाया तो क्या रिटर्न फाइल करते वक्त बाकी 30 हजार पर क्लेम कर पाएगा?
     

    एक्सपर्ट का जवाब- कर्मचारी पहले की तरह अब भी ऐसा कर सकेंगे। निवेश वास्तविक होना चाहिए। जांच के दायरे में आए तो आयकर विभाग सबूत मांग सकता है।

  6. फॉर्म 24 क्यू में भी बदलाव

    नियोक्ता आयकर विभाग को यह फॉर्म देता है। इसमें अब उन गैर-संस्थागत इकाइयों का पैन नंबर भी बताना होगा जहां से कर्मचारी ने घर खरीदने या बनाने के लिए लोन लिया है।

  7. 31 जुलाई तक रिटर्न फाइल करना है

    इनकम टैक्स विभाग वित्त वर्ष 2018-19 के लिए आयकर रिटर्न फॉर्म नोटिफाई कर चुका है। सैलरीड के अलावा ऐसे लोग जिनके खातों का ऑडिट नहीं होना है उन्हें 31 जुलाई तक रिटर्न फाइल करना है।

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