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आयकर विभाग ने 18 हजार करोड़ के हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट का पर्दाफाश किया

4 वर्ष पहले
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  • 12 फर्जी कंपनियां लोगों को फर्जी बिलों के जरिए पहुंचा रही थीं फायदा
  • दिल्ली के नया बाजार में सर्वे और छापे के जरिए आईटी विभाग ने किया पर्दाफाश

नई दिल्ली. आयकर विभाग (आईटी) ने दिल्ली में सोमवार को बड़े हवाला कारोबार का भंडाभोड़ किया। आईटी अधिकारी के मुताबिक, पिछले कई हफ्तों से छापे और सर्वे के दौरान तीन रैकेट सामने आए, जिनके पास करीब 18 हजार करोड़ रुपए की फर्जी बिलिंग मिले।

1) फर्जी खरीद-बिक्री के जरिए फर्मों और लोगों को पहुंचाया फायदा

अधिकारी ने बताया कि इन समूहों ने फर्जी बिल और हवाला लेनदेन के लिए कई लोगों को शामिल कर रखा था। नया बाजार इलाके में एक समूह के सर्वे में 18 हजार करोड़ की फर्जी बिलिंग सामने आई है। इस ग्रुप ने फर्जी बिल उपलब्ध कराने के लिए 12 फर्जी कंपनियां भी बना रखी थीं।

अधिकारी ने बताया कि इन कंपनियों ने सेल्स के जरिए 1462 लोगों और फर्मों को फर्जी बिलों के जरिए 8,211 करोड़ का फायदा कराया। खरीद के जरिए 1095 लोगों को 5,590 करोड़ का फायदा कराया गया। निर्यात के माध्यम से 299 फर्मों को फर्जी बिलों के जरिए 3,851 करोड़ का फायदा पहुंचाया गया।

एक अन्य मामले में मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट का पर्दाफाश किया गया। इस मामले में नामी कंपनियों के शेयरों को धोखाधड़ी के जरिए बेचा जा रहा था। अधिकारी ने बताया कि इसके जरिए लोग लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन का फर्जी दावा पेश कर रहे थे। इसके जरिए करीब एक हजार करोड़ रुपए के घोटाले की आशंका है। हालांकि, यह घोटाले का बहुत छोटा सा हिस्सा हो सकता है, क्योंकि इस तरह का कारोबार कई सालों से जारी है।

अधिकारी के मुताबिक, तीसरे समूह के सर्वे में अघोषित विदेशी खातों का पता चला है। इस मामले में समूह फर्जी बिलों के जरिए जीएसटी का दावा कर रहा था। इसके तहत 1500 करोड़ का घोटाला होने की आशंका है। लोगों के लिए विदेश यात्राओं और विदेशी मुद्रा का प्रबंध कराए जाने के भी सबूत मिले हैं।