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  • Jamtara district of Jharkhand is famous across the country, 500 thugs have been caught, web series based on this came on Netflix

जामताड़ा / झारखंड का यह जिला देशभर में कुख्यात, यहां साइबर क्राइम की ट्रेनिंग, भाषा की क्लास; 22 राज्यों की पुलिस पीछे

यह आलिशान मकान ठग सीताराम का है। यह आलिशान मकान ठग सीताराम का है।
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यह आलिशान मकान ठग सीताराम का है।यह आलिशान मकान ठग सीताराम का है।

  • जामताड़ा में पांच सौ ठग पकड़े जा चुके हैं, अब नेटफ्लिक्स पर आई इस पर आधारित वेब सीरीज
  • करमाटांड कभी ईश्वर चंद्र विद्यासागर की कर्मस्थली था, आज यहां साइबर क्राइम का माफिया है

दैनिक भास्कर

Jan 26, 2020, 05:43 AM IST

धनबाद (विकास सिंह). झारखंड का जामताड़ा चर्चाओं में है। हाल ही में नेटफ्लिक्स पर जामताड़ा पर आधारित वेब सीरीज रिलीज हुई है। आखिर ऐसा क्या है यहां, जो यह जिला इतना कुख्यात हो गया? क्यों देश के 22 राज्यों की पुलिस को यहां दबिश देने आना पड़ा? अचानक ऐसा क्या हुआ कि जिन युवकों को साइकिलें तक नसीब नहीं थीं वे महंगी एसयूवी और स्पोर्ट्स बाइक पर घूमने लगे। लाल कार्ड (राशन कार्ड) को तरसने वाले इन लोगों की जेबें एटीएम कार्डों से फटने लगीं?

दरअसल, जामताड़ा से 17 किलोमीटर दूर है करमाटांड। कभी ईश्वर चंद्र विद्यासागर की कर्मस्थली था, आज यहां साइबर क्राइम का माफिया है। बेहद कम-पढ़े लिखे यहां के युवक मोबाइल के जरिए बॉलीवुड हस्तियों, नेताओं, ब्यूरोक्रेट्स तक के बैंक खातों में सेंध लगा चुके हैं।

इस तरह यहां के बेरोजगार युवकों ने पूरे देश को चपत लगाई है

शुरुआत हुई यहां के सरगना सीताराम मंडल से। जामताड़ा पुलिस की फाइलों के अनुसार- दस साल पहले यहीं के एक गांव सिंदरजोरी में रहने वाला सीताराम मुंबई गया था। यहां मोबाइल रिचार्ज की दुकान में नौकरी की। यहीं ठगी करना सीखा। छुटि्टयों में जब लौटा तो ठगी के इसी हथकंडे को आजमाया। जाली सिमकार्ड लगाकर, नकली बैंक मैनेजर बनकर ग्राहकों को फोन लगाता। कहता- आपका कार्ड ब्लॉक हो गया है। इस बहाने एटीएम नंबर, ओटीपी और सीवीवी नंबर जैसी जानकारियां मांग लेता। फोन कट होते-होते ग्राहक की जेब भी कट चुकी होती थी।

इस पैसे को वह मोबाइल रिचार्ज रिटेलर की आईडी में ट्रांसफर करता। तीस फीसदी रखकर रिटेलर उसे बाकी 70 फीसदी कैश दे देता। सीताराम ने कमीशन का लालच देकर कई लोगों के बैंक खाते व चेकबुक हासिल कर ली। ठगी की रकम वह इन्हीं खातों में ट्रांसफर करता। सीताराम पकड़ा गया। डेढ़ साल की सजा हुई। जमानत पर छूटा ही था कि दूसरे केस में पुलिस ने उसे पकड़ लिया। लेकिन सीताराम के शार्गिदों ने गांव में कई गैंग बना रखे हैं, जो यहीं से देशभर में ठगी का खेल बदस्तूर कर रहे हैं।

दो साल में 156 केस, 220 गिरफ्तार

वर्ष  केस दर्ज गिरफ्तारी
2019 67 109
2018 89 111

ईडी ठगों के आलीशान मकान जब्त करेगी
जामताड़ा एसपी अंशुमान कुमार पुलिस की चूक स्वीकारते हुए कहते हैं कि अब हम बैंकों और ईडी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। यहां पांच सौ से ज्यादा साइबर ठगों को पकड़ा गया है। हालांकि, पुलिस के दावों से इतर सजा सिर्फ सात को ही हो पाई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एेसे दो दर्जन से अधिक अपराधियों को चिह्नित कर रखा है। कार्रवाई के तहत ठगों के आलीशान मकानों को जब्त किया जाएगा।
 

ठगे जाने वालों में नेता-अभिनेता

  • सालभर पहले दिल्ली पुलिस ने सीताराम को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बताया था कि सीताराम ने एक बड़े अभिनेता के अकाउंट से 5 लाख रु. उड़ाए थे। नाम का खुलासा नहीं किया गया था।
  • जामताड़ा के अताउल अंसारी ने पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की पत्नी परणीत कौर से 23 लाख रुपए की ठगी की थी। उसने खुद को बैंक मैनेजर बता परणीत से फोन पर बात की थी।
  • अपराधियों ने केरल के एक सांसद से 1.60 लाख की ठगी की। मामला संसद भवन दिल्ली थाने में दर्ज कराया गया था। उस कांड में भी यहां से धनंजय व पप्पू मंडल की गिरफ्तारी हुई थी।

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