रिपोर्ट / जेट एयरवेज के शेयर खरीदने के लिए साझीदार कंपनी एतिहाद ने बोली लगाई



Jet Airways Thursday suspended its international operations for a day
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Jet Airways Thursday suspended its international operations for a day

  • नरेश गोयल के भी बोली लगाने की चर्चा थी लेकिन उन्होंने कागजात जमा नहीं किए
  • जेट के पास अब सिर्फ 14 विमान, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक संभव 
  • घरेलू रूट के लिए 20 विमान होने पर ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की अनुमति

Dainik Bhaskar

Apr 12, 2019, 09:50 AM IST

नई दिल्ली. जेट एयरवेज के प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया कि जेट ने 12-15 अप्रैल के बीच इंटरनेशनल ऑपरेशन रद्द कर दिए हैं। यात्रियों को होने वाली असुविधा में मदद के लिए सोशल मीडिया रिस्पांस टीम, गेस्ट रिलेशन टीम और कॉन्टेक्ट सेंटर 24 घंटे अपनी सेवाएं दे रहे हैं। प्रवक्ता के मुताबिक एयरलाइन की वर्तमान स्थिति में सुधार लाने के लिए मैनेजमेंट के साथ-साथ हिस्सेदार, कर्जदाता संघ लगातार प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने जेट एयरवेज की समस्याओं पर चर्चा के लिए मीटिंग बुलाई है। कंपनी इन दिनों आर्थिक तंगी से गुजर रही है।

 

उडड्डयन मंत्री प्रभु ने कहा- यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो

उडड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने उड्डयन सचिव प्रदीप सिंह खरोला को निर्देश दिए हैं कि जेट एयरवेज से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की जाए। सुरेश प्रभु ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने उड्डयन सचिव से कहा है कि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए। इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।

 

 

जेट में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए साझीदार कंपनी एतिहाद ने बोली लगाई

  1. जेट एयरवेज की नीलामी को लेकर गुरुवार को देर रात तक अलग-अलग खबरें आती रहीं। पहले सूत्रों के हवाले से खबर आई कि एयरलाइन के संस्थापक नरेश गोयल ने अमेरिका की डेल्टा एयरलाइंस के साथ मिलकर बोली लगाई है। बाद में कहा गया कि उन्होंने बोली के दस्तावेज जमा नहीं किए हैं। फिर साझीदार कंपनी एतिहाद के बोली लगाने की खबर आई। अबूधाबी की यह कंपनी जेट में अपनी होल्डिंग बढ़ाना चाहती है। सरकारी कंपनी नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड के भी बोली में भाग लेने की चर्चा रही। इस बारे में आधिकारिक रूप से कोई बयान नहीं आया।

  2. जेट में गोयल की 51% हिस्सेदारी है। इसका ज्यादातर हिस्सा वह बैंकों के पास गिरवी रख चुके हैं। पिछले महीने बैंकों से 1,500 करोड़ रुपए के इमरजेंसी फंड के लिए वह अपनी हिस्सेदारी घटाकर 25.5% करने पर राजी हो गए थे। एतिहाद को हिस्सेदारी 24% से घटाकर 12% करनी है। जेट को कर्ज देने वाले बैंकों को इसमें 50.1% हिस्सा लेना था। लेकिन रिजर्व बैंक के निर्देश के इंतजार में प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो सकी है।

  3. जेट का ऑपरेशन धीरे-धीरे पूरी तरह बंद होने के करीब पहुंच गया है। एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए के सूत्रों के अनुसार इसके पास अब सिर्फ 14 विमान रह गए हैं। पिछले हफ्ते 26 विमान थे। लीज नहीं चुकाने से 12 और विमान खड़े हो गए हैं। हालांकि जेट ने 10 विमान खड़े होने की जानकारी दी है।

  4. फ्लाइट लगातार रद्द होने के कारण जेट को यात्रियों के 3,500 करोड़ रुपए लौटाने हैं 

    विमान नहीं होने के कारण इसने 12 अप्रैल को सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दीं। इसके अलावा पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए फ्लाइट भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित की गई हैं। एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों को पैसे लौटाए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक जेट को यात्रियों के 3,500 करोड़ रुपए लौटाने हैं। एविएशन सचिव प्रदीप सिंह खरोला ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की समीक्षा के लिए डीजीसीए की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। नियम के मुताबिक घरेलू रूट पर कम से कम 20 विमान होने पर ही एयरलाइन को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की अनुमति दी जा सकती है। दिसंबर में जेट के पास 124 विमान थे।

  5. एसबीआई चेयरमैन ने कहा था- गोयल भी बोली लगा सकते हैं

    नरेश गोयल ने बैंकों के दबाव में 25 मार्च को जेट के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया था। इसे कर्ज देने वाले बैंकों की बैठक के बाद एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा था कि जेट की नीलामी में कोई भी हिस्सा ले सकता है। उन्होंने कहा था कि नीलामी नरेश गोयल और जेट की साझीदार एतिहाद एयरवेज के लिए भी खुली है।

  6. गोयल ने पीएनबी के पास 26% शेयर गिरवी रखकर कर्ज लिया

    जेट के प्रमोटर नरेश गोयल ने एयरलाइन में अपने 26% शेयर पीएनबी के पास गिरवी रखकर कर्ज लिया है। इन शेयरों की वैल्यू 800 करोड़ रु. है। जेट की तरफ से स्टॉक एक्सचेंज को यह जानकारी दी गई। गोयल और उनकी पत्नी ने कंपनी के बोर्ड से पिछले महीने इस्तीफा दे दिया था।

  7. खरीदारों की बोली पर ही जेट को बैंकों की मदद निर्भर

    बैंकों ने जेट एयरवेज की 75% तक हिस्सेदारी बेचने के लिए 8 अप्रैल को बोली प्रक्रिया शुरू की थी। इच्छुक कंपनियां शुक्रवार तक बोली जमा करवा सकती हैं। बैंकों को कम से कम 10 बोली मिलने की उम्मीद है। शेयर खरीदने में रुचि पर ही एयरलाइन को बैंकों की 1,500 करोड़ रुपए की मदद निर्भर है।

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