बुलियन / सोने के निवेशक हाॅन्गकॉन्ग से निकल रहे, आंदोलन तेज हुआ तो कारोबारी भी ऑफिस शिफ्ट करेंगे

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  • हॉन्गकॉन्ग में पिछले 4 महीने से लोकतंत्र समर्थक आंदोलन चल रहे
  • भारतीय ज्वेलर्स के हॉन्गकॉन्ग में 500 ऑफिस, इनमें 100 राजस्थानी ज्वेलर्स 
  • निवेशक हॉन्गकॉन्ग से ज्यादातर सोना सिंगापुर भेज रहे

दैनिक भास्कर

Sep 19, 2019, 09:31 AM IST

जयपुर (प्रमोद कुमार शर्मा).  हॉन्गकॉन्ग में पिछले चार महीने से जारी लोकतंत्र समर्थक आंदोलन की वजह से निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। सोने के निवेशकों और कारोबारियों पर भी काफी असर हुआ है। आंदोलन की वजह से निवेशकों ने हॉन्गकॉन्ग से सोना सिंगापुर और स्विटजरलैंड जैसे देशों में भेजना शुरू कर दिया है।

 

स्टोरेज करने वाली कंपनियां भी निवेशकों को सलाह दे रही हैं कि वे अपना सोना हॉन्गकॉन्ग से निकालकर सुरक्षित जगह भेज दें। इस पूरे घटनाक्रम से राजस्थानी ज्वेलर्स भी चिंतित हैं। हालात और बिगड़े तो हॉन्कॉन्ग में कारोबार कर रहे राजस्थानी ज्वेलर्स सोने के अलावा अपने ऑफिस दूसरे देशों में शिफ्ट कर सकते हैं। हॉन्गकॉन्ग गोल्ड, ज्वेलरी और डायमंड का बड़ा ट्रेडिंग सेंटर है। भारत के जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट का एक-तिहाई हॉन्गकॉन्ग जाता है। राजस्थान और खासतौर से जयपुर के ज्वेलर्स की इसमें बड़ी भागीदारी है।

 

भारतीय ज्वेलर्स के हॉन्गकॉन्ग में 500 ऑफिस

इनमें से करीब 100 राजस्थानी ज्वेलर्स के हैं। कई राजस्थानी परिवार हॉन्गकॉन्ग में रह रहे हैं, लेकिन आंदोलन की वजह से असमंजस में हैं। हालांकि, किसी ज्वेलर ने अभी ऑफिस शिफ्ट या बंद नहीं किया है, लेकिन हालात और बिगड़ते हैं तो वे हॉन्गकॉन्ग छोड़ सकते हैं। हॉन्गकॉन्ग से विजय चौरड़िया ने बताया कि कई राजस्थानी परिवार 20 साल से अधिक समय से वहां ज्वेलरी का कारोबार कर रहे हैं। जयपुर के कई जेम्स एंड ज्वेलरी निर्यातकों के भी वहां ऑफिस हैं।

 

इस साल भारत का जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट 6.6% घटा

एक ज्वेलर्स ने बताया कि आंदोलन से हांगकांग में बुलियन समेत जेम्स एंड ज्वेलरी ट्रेड को झटका लगा है। मौजूदा वित्त वर्ष के पहले चार महीने के दौरान भारत से हॉन्गकॉन्ग के एक्सपोर्ट में 6.6 फीसदी कमी आई। 

 

नए निवेशक हॉन्गकॉन्ग में सोना खरीदने को तैयार नहीं

  • हॉन्गकॉन्ग की बुलियन डीलर जे रॉबर्ट एंड कंपनी के एमडी जोशुआ रॉबर्ट के मुताबिक आंदोलन की वजह से करोड़ों रुपए का सोना हॉन्गकॉन्ग से बाहर जा चुका है। नए निवेशक न तो सोना रखने को तैयार हैं न खरीद करने को राजी हैं। कोई खरीद भी रहा है, तो वह सोने को हॉन्गकॉन्ग से बाहर रख रहा है। सबसे ज्यादा सोना सिंगापुर भेजा रहा है। 
  • ज्यूरिख स्थित प्रीसियस मेटल स्टोरेज एंड सर्विस कंपनी ग्लोबल गोल्ड के एमडी स्कॉट स्केमबर के मुताबिक पिछले महीने उन्होंने क्लाइंट्स को अलर्ट जारी कर सोना सुरक्षित जगह रखने की सलाह दी थी। इसके बाद से सोना हॉन्गकॉन्ग से सिंगापुर भेजा जा रहा है। यह सोना एक-एक किलो की बार के रूप में जा रहा है। 
  • सिंगापुर बुलियन मार्केट एसोसिएशन के मुख्य कार्यकारी अल्बर्ट चेंग ने बताया कि बहुत से निवेशकों ने सिंगापुर में सोना खरीदने के लिए पूछताछ की है।

 

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