• Hindi News
  • National
  • JNU Registration | JNU Classes Latest News Updates After Masked Mob Assaults Jawaharlal Nehru University Students

जेएनयू हिंसा / पुलिस ने छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी से पूछताछ की, एबीवीपी महासचिव बोलीं- यह छात्र आंदोलन नहीं नक्सल हमला था

दिल्ली पुलिस ने छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष से जेएनयू हिंसा मामले में पूछताछ की। दिल्ली पुलिस ने छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष से जेएनयू हिंसा मामले में पूछताछ की।
एबीवीपी महासचिव निधि त्रिपाठी ने कहा- जेएनयू हिंसा को अलग ढंग से देखने की जरूरत। एबीवीपी महासचिव निधि त्रिपाठी ने कहा- जेएनयू हिंसा को अलग ढंग से देखने की जरूरत।
जेएनयू कैंपस में छात्र कुलपति एम.जगदीश कुमार को पद से हटाए जाने की मांग पर अड़े हैं। जेएनयू कैंपस में छात्र कुलपति एम.जगदीश कुमार को पद से हटाए जाने की मांग पर अड़े हैं।
जेएनयू में 5 जनवरी को हुई हिंसा के 1 सप्ताह बाद क्लासेस शुरू होने की उम्मीद थी। जेएनयू में 5 जनवरी को हुई हिंसा के 1 सप्ताह बाद क्लासेस शुरू होने की उम्मीद थी।
X
दिल्ली पुलिस ने छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष से जेएनयू हिंसा मामले में पूछताछ की।दिल्ली पुलिस ने छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष से जेएनयू हिंसा मामले में पूछताछ की।
एबीवीपी महासचिव निधि त्रिपाठी ने कहा- जेएनयू हिंसा को अलग ढंग से देखने की जरूरत।एबीवीपी महासचिव निधि त्रिपाठी ने कहा- जेएनयू हिंसा को अलग ढंग से देखने की जरूरत।
जेएनयू कैंपस में छात्र कुलपति एम.जगदीश कुमार को पद से हटाए जाने की मांग पर अड़े हैं।जेएनयू कैंपस में छात्र कुलपति एम.जगदीश कुमार को पद से हटाए जाने की मांग पर अड़े हैं।
जेएनयू में 5 जनवरी को हुई हिंसा के 1 सप्ताह बाद क्लासेस शुरू होने की उम्मीद थी।जेएनयू में 5 जनवरी को हुई हिंसा के 1 सप्ताह बाद क्लासेस शुरू होने की उम्मीद थी।

  • दिल्ली पुलिस ने छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष, पंकज और वास्कर विजय के बयान दर्ज किए
  • महासचिव निधि ने कहा- यह कहना गलत होगा कि यह फीस वृद्धि के खिलाफ किया गया छात्र आंदोलन था
  • तीन प्रोफेसरों ने हाईकोर्ट से अपील की थी कि वह हिंसा के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने के निर्देश दे 
  • एचआरडी मंत्री पोखरियाल ने कहा- फीस का मामला सुलझा, अब छात्रों का आंदोलन न्यायसंगत नहीं

Dainik Bhaskar

Jan 13, 2020, 08:12 PM IST

नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस ने सोमवार को जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष, पंकज और वास्कर विजय से 5 जनवरी को कैंपस में हुई हिंसा के मामले में पूछताछ की। सभी के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। वहीं, एबीवीपी की राष्ट्रीय महासचिव निधि त्रिपाठी ने कहा- यह कहना गलत है कि जेएनयू में छात्रों का प्रदर्शन केवल फीस वृद्धि को लेकर किया गया छात्र आंदोलन था। दरअसल, यह जेएनयू पर नक्सल हमला था। इसकी भूमिका 20 अक्टूबर 2019 को ही लिखी जा चुकी थी, जो 5 जनवरी 2020 को हिंसा के रूप में सामने आईं। वहीं, मानव संसाधन मंत्रालय रमेश पोखरियाल ने कहा- जेएनयू का फीस से संबंधित मामला सुलझा लिया गया है। बावजूद इसके छात्रों का आंदोलन करना बिल्कुल भी न्यायसंगत नहीं है।

उन्होंने कहा- जेएनयू हिंसा को लेकर हर तरफ चर्चा हो रही है मगर इसे केवल 5 जनवरी 2020 को हुए हिंसक घटनाक्रम तक ही सीमित कर दिया गया है जबकि यह केवल उतना ही नहीं है। इस मामले को पूरी तरह से देखने के लिए यह गौर किया जाना चाहिए कि आखिर 28 अक्टूबर 2019 से लेकर 5 जनवरी 2020 तक कैंपस में क्या-क्या घटित हुआ। 

दिल्ली हाईकोर्ट में जेएनयू हिंसा पर सुनवाई हुई

इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट में 5 जनवरी को जेएनयू में हुई हिंसा पर सोमवार को सुनवाई हुई। तीन प्रोफेसरों ने हाईकोर्ट से अपील की थी कि वह हिंसा के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने के निर्देश दे। इस पर कोर्ट ने पुलिस, दिल्ली सरकार, वॉट्सऐप, एपल और गूगल से मंगलवार दोपहर 3 बजे तक जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कहा- उसे अब तक जेएनयू प्रशासन से हिंसा की फुटेज सुरक्षित रखने पर जवाब नहीं मिला है। पुलिस ने यह भी बताया कि उसने वॉट्सऐप को हिंसा से जुड़े मैसेज चलाने वाले दो ग्रुप्स ‘यूनिटी अगेंस्ट लेफ्ट’ और ‘फ्रेंड्स ऑफ आरएसएस’ का डेटा सुरक्षित रखने के लिए कहा है।

जेएनयू में कक्षाएं सोमवार से शुरू नहीं हो सकीं

जेएनयू में सोमवार से कक्षाएं शुरू नहीं हो सकीं। छात्रों और शिक्षकों ने सामूहिक रूप से कक्षाओं का बहिष्कार किया। फीस बढ़ोतरी के मुद्दे पर प्रशासन के साथ छात्रों का टकराव लगातार जारी है, इसके चलते यूनिवर्सिटी की तरफ से घोषित शेड्यूल के मुताबिक अकादमिक कामकाज भी नहीं हो सका। इससे पहले, जेएनयू प्रशासन ने सोमवार को शिक्षकों को एडवाइजरी जारी कर कहा कि छात्रों के हित को देखते हुए वे क्लास दोबारा शुरू करें।

शुक्रवार को वीसी जगदीश कुमार ने कहा था कि क्लासेज 13 जनवरी से शुरू होंगी। छात्रों की सुविधा के लिए सेमेस्टर रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 12 से 15 जनवरी तक बढ़ा दी गई है।

नकाबपोश छात्रा की पहचान हुई

दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने सोमवार को कहा कि जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में 5 जनवरी को हुई हिंसा के सिलसिले में नौ लोगों को आज से जांच में शामिल होने के लिए कहा गया है। जिन लोगों को दिल्ली पुलिस ने नोटिस दिया है, उनसे जेएनयू में पूछताछ की जाएगी। पुलिस ने छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष समेत 9 पर मामला दर्ज किया था। हिंसा में शामिल दो नकाबपोश लोगों के साथ नजर आई महिला की पहचान दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा के रूप में कर ली गई है। हिंसा की जांच कर रही एसआईटी टीम सोमवार को छात्रा को नोटिस भेजेगी और उसे भी जांच में शामिल होने और दो नकाबपोशों की पहचान करने के लिए कहेगी।

बढ़ी हुई फीस का भुगतान यूजीसी करेगा

  • बीते सप्ताह छात्रसंघ के नेताओं और कुलपति के बीच बैठक हुई थी।
  • इसमें फैसला लिया गया कि अगले सेमेस्टर के लिए बढ़ी हुई फीस नहीं ली जाएगी।
  • बढ़ी हुई फीस का भुगतान यूजीसी करेगा। अमित खरे ने शुक्रवार को छात्रों से हड़ताल खत्म कर कक्षाओं में लौटने का आग्रह किया था।
  • जगदीश कुमार ने रविवार को कहा कि हॉस्टल की फीस बढ़ोतरी का फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया गया था। इसके लिए 2016 में समिति का गठन किया गया था।

फीस बढ़ोतरी के खिलाफ हिंसा हुई थी

जेएनयू में फीस बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान 5 जनवरी को हिंसा हुई थी। नकाबपोशों ने छात्र-शिक्षकों को डंडे और लोहे की रॉड से बुरी तरह पीटा। वे ढाई घंटे तक कैंपस में कोहराम मचाते रहे। हमले में छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष समेत कई घायल हो गए। आइशी ने एबीवीपी पर हमले का आरोप लगाया और कहा कि नकाबपोश गुंडों ने मुझे बुरी तरह पीटा। करीब 35 लोग जख्मी हुए थे। दिल्ली की क्राइम ब्रांच जेएनयू में हुए हिंसा मामले की जांच कर रही है।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना