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जोधपुर / ट्रेन का खराब एसी ठीक करने वाले हिमांशु को फ्रांस से 50 लाख के पैकेज का ऑफर



हिमांशु शुक्ला हिमांशु शुक्ला
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हिमांशु शुक्लाहिमांशु शुक्ला

  • जोधपुर के रहने वाले हिमांशु शुक्ला अभी बीटेक फाइनल में
  • स्ट्डी के दौरान ही करने लगे फ्री लांसिंग

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2018, 04:07 AM IST

चेतना शर्मा, जोधपुर. अगर गलतियों से सीखने का जुनून हो तो मंजिल मिल ही जाती है। ऐसा ही हुआ मैकेनिकल ब्रांच में इंजीनियरिंग कर रहे हिमांशु शुक्ला के साथ। कई कंपनियों से रिजेक्ट हुए पर हार नहीं मानी और गलतियों से सीखने लगे। अब फ्रांस की कंपनी एयरबस ने उन्हें पचास लाख रुपए का पैकेज ऑफर किया है।

 

हिमांशु ने बताया, इससे पहले उन्होंने बोइंग में इंटरव्यू दिया था। जहां इंटरव्यू पैनल ने एयरोनॉटिक्स और एविएशन से जुडे कई सवाल किए जो मेरी फील्ड से अलग थे। इनके जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने इसे सीख के तौर पर लेकर एविएशन और एयरोनॉटिक्स के टॉपिक्स पर अपनी पकड़ मजबूत की।

 

इसी बीच एयरबस का इंटरव्यू दिया और सलेक्शन हो गया। जीत कॉलेज में बीटेक फाइनल इयर के स्टूडेंट हिमांशु स्टडी के दौरान ही लांसिंग करने लग गए थे। वे जापान की एनर्जी कंपनी के लिए एक प्रोजेक्ट पर काम कर चुके हैं और इसके लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया।

 

हिमांशु के पिता रमेश शुक्ला न्यू इंडिया एश्योरेंस से रिटायर्ड हैं जबकि मां राधा शुक्ला वार्ड पार्षद हैं। हिमांशु ने बताया, मैंने पढ़ाई के दौरान प्रेक्टिकल एप्लीकेशन पर जोर दिया। इसके लिए फ्री लांसिंग शुरू कर दी थी। यहां भी कई बार रिजेक्शन झेला। दर्जनों एमएनसी के साथ डीआरडीओ के लिए हायब्रिड कार, ऑटोनॉमस व्हीकल, लाॅ एटीट्यूड सर्विलांस ड्रोन और ऑटोमेटिक फार्म इरिगेशन जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर एक्सपीरियंस लिया।

 

चलती ट्रेन में 8 घंटे से खराब थे तीन जनरेटर, आधे घंटे में ठीक कर दिए :

हिमांशु को प्रेक्टिकल नॉलेज का फायदा भी मिला जब उन्होंने जुलाई में गोवा जाते समय चलती ट्रेन में खराब हुए एयरकंडीशनर ठीक करने में रेलवे के टेक्नीशियंस की मदद की। उन्होंने बताया, एक ट्रेनिंग के सिलसिले में मैं जोधपुर से गोवा जा रहा था। रास्ते में ट्रेन के सभी एसी बंद हो गए। इस वजह से मेरे कोच में कैंसर पीड़ित एक पैसेंजर काे सांस लेने में तकलीफ होने लगी। पेशेंट की हालत देख मैंने टीटी से बात की।

 

उन्हें बताया कि मैं इंजीनियरिंग स्टूडेंट हूं और एसी ठीक करने में मदद कर सकता हूं। वे मुझे टेक्नीशियंस के पास ले गए जो आठ घंटों से एयरकंडीशनर ठीक करने में लगे थे। मैंने टेक्नीशियंस से जनरेटर्स के मैकेनिज्म के बारे में जानकारी ली तो पता चला कि एयर ट्रेप होने की वजह से चार में से तीन जनरेटर्स बंद हो गए हैं। मैंने उन्हें एयर रिमूव करने को कहा। एयर रिमूव होते ही आधे घंटे में एसी ठीक हो गए।
 

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