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आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन के बाद सेना, सीआरपीएफ और पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस, एजेंसियां बोली- आतंकियों की मदद करने वालों को छोड़ेंगे नहीं

4 वर्ष पहले
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श्रीनगर. पुलवामा में आतंकी हमले के बाद सेना की ओर से सोमवार को आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन में मास्टरमांइड समेत तीन आतंकी मारे गए। इसे लेकर सेना, सीआरपीएफ और पुलिस ने मंगलवार को साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों की मदद करने वालों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अगर उनकी मदद की गई तो वो सुरक्षा एजेंसियां उन्हें छोड़ेंगी नहीं। सेना ने कहा कि कश्मीर में कई गाजी आए और चले गए। इतना कहते ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद पत्रकार हंसने लगे। सेना ने कश्मीर की माताओं से अपील करते हुए कहा कि वो अपने बेटों को सरेंडर करने के लिए कहें, अगर उन्होंने बंदूक नहीं छोड़ी तो मारे जाएंगे। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में चिनार कॉर्प्स के लेफ्टिनेंट जनरल केजीएस ढिल्लन, श्रीनगर के आईजी एसपी पाणी, CRPF के आईजी जुल्फिकार हसन और GoC विक्टर फोर्स के मेजर जनरल मैथ्यू शामिल थे। बता दें कि सेना ने सोमवार को एक मुठभेड़ में पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड कामरान उर्फ गाजी समेत तीन आतंकी मार गिराए थे। इसमें मेजर समेत पांच जवान मारे गए थे।

आखिर क्या कहा सुरक्षाबलों ने

  • ढिल्लन ने कहा, "विस्फोटक को लेकर सूचनाएं मिली हैं। हम उसे यहां नहीं बता सकते। आतंकी बहुत सी घटनाओं को अंजाम देना चाहते हैं, लेकिन हम उन्हें रोक देते हैं। कश्मीर के युवाओं से कहना चाहते है कि बंदूक नहीं उठाएं। अगर आप बंदूक उठाएंगे तो मार दिए जाएंगे।"
  • सुरक्षा बलों ने कहा कि ठंड और खराब मौसम के कारण घुसपैठ की घटनाएं बढ़ी हैं, जिन्हें हम रोकने की कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तान घुसपैठ की कोशिश कर रहा है। कश्मीर घाटी में हम आतंकियों को खत्म करने में लगे हैं।
  • हाईवे और सेना के जवानों पर हमला प्लान के तहत किया गया। हम हमले से 3-4 दिन पहले भी उस रास्ते से गए थे, उस वक्त सब सामान्य था। काफिले के दौरान ट्रैफिक के नियमों को को बदला जाएगा और अमल में भी लाया जाएगा।
  • "कामरान ने पुलवामा में हमला करवाया था। उस घटना के दौरान गाड़ी में विस्फोटक था। पिछले साल हमने 250 से ज्यादा आतंकियों को मारा। वे (आतंकी) लोगों को भर्ती करने में लगे हैं। हम मुख्य रूप से आतंकियों की पहचान करने में लगे हैं। जल्द ही समस्या को खत्म कर दिया जाएगा।"

  • "हम किसी भी नागरिक को परेशान नहीं कर रहे। किसी को प्रोपेगैंडा नहीं फैलाना चाहिए। हम आतंकियों को खत्म करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे और उनकी योजनाओं को विफल कर रहे।"

  • "लोकल लोगों की भर्तियां कम हो रही है। हम सकारात्मक सोच के साथ योजना बना रहे हैं। सीआरपीएफ काफिले पर हमला पाकिस्तान और जैश के कहने पर हुआ। इसमें लोकल लोगों का कितना हाथ है, इसकी जांच की जा रही है।"

ढिल्लन ने सुनाया ब्रिगेडियर की बहादुरी का किस्सा

- लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लन ने बताया कि ब्रिगेडियर हरदीप सिंह को चोट लगी थी, वो छुट्टी पर थे। लेकिन वो अपनी छुट्टी छोड़कर वापस आए और ऑपरेशन में शामिल हुए। वहीं, रुककर अपने आदमियों को सामने से ले गए।

KJS Dhillon, Corps Commander of Chinar Corps, Indian Army on Pulwama encounter: Brigadier Hardeep Singh, who was on leave due to injury, he cut short his leave voluntarily and came to the operation site and stayed there and lead his men from the front. pic.twitter.com/QiQfxs3Nss

— ANI (@ANI) February 19, 2019

KJS Dhillon, Corps Commander of Chinar Corps, Indian Army: There is no doubt that Pakistan Army & ISI is involved. JeM is a child of the Pakistan Army. pic.twitter.com/uGhNkrimQw

— ANI (@ANI) February 19, 2019


IGP Kashmir SP Pani: There is a significant dip in recruitment, we have not see any recruitment in the last three months. The families are playing a huge role in this. We would like to urge the families and the community in curtailing recruitment. #PulwamaAttack pic.twitter.com/MtLBa0RSHB

— ANI (@ANI) February 19, 2019

KJS Dhillon, Corps Commander of Chinar Corps, Indian Army: Our focus is clear on counter-terrorism operations. We are very clear that anyone who enters Kashmir Valley will not go back alive. pic.twitter.com/hSXmPoPmwb

— ANI (@ANI) February 19, 2019