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डाउनलोड करेंनई दिल्ली/भोपाल. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने इसकी कॉपी मंगलवार को ट्विटर पर पोस्ट की। हालांकि, इस पर तारीख 9 मार्च दर्ज है। यानी वे इसे एक दिन पहले ही लिख चुके थे। सिंधिया के इस्तीफे पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सख्त प्रतिक्रिया दी। कहा- उन्होंने भरोसा तोड़ा। ऐसे लोग जितनी जल्दी पार्टी छोड़ दें, उतना बेहतर। वहीं, भोपाल में सीएम हाउस पहुंचे दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह ने कहा- ‘अब हमें विपक्ष में बैठने की तैयारी करना चाहिए।’ कमलनाथ के करीबी माने जाने वाले मंत्री उमंग सिंघार ने कहा- ‘मध्यप्रदेश के सभी वरिष्ठ नेताओं और पार्टी से जाने का विचार कर रहे विधायकों से आग्रह है कि व्यक्तिगत हित से ऊपर उठकर पार्टी हित में सोचें। मध्य कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव ने सिंधिया परिवार की विरासत पर विवादास्पद ट्वीट किया।
गहलोत ने कहा- ऐसे नेता जितनी जल्दी जाएं, उतना ही अच्छा
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने पर खुशी और नाराजगी साथ जाहिर की। कहा, “ऐसे वक्त जबकि भाजपा देश की अर्थव्यवस्था, सामाजिक तानेबाने और न्यायपालिका को ध्वस्त करने पर तुली है, उससे हाथ मिलाना स्वार्थ की राजनीति नहीं तो और क्या है? सिंधिया ने जनता के भरोसे और विचारधारा को धोखा दिया है। ऐसे लोग सिर्फ सत्ता के भूखे होते हैं। और इस तरह के लोग जितना जल्दी पार्टी छोड़ दें, उतना बेहतर होगा।
अरुण यादव ने क्या कहा?
ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा अपनाए गए चरित्र को लेकर मुझे ज़रा भी अफसोस नहीं है ।
सिंधिया खानदान ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भी जिस अंग्रेज हुकूमत और उनका साथ देने वाली विचारधारा की पंक्ति में खड़े होकर उनकी मदद की थी।
पटवारी ने भी तंज कसा
कांग्रेस नेता केके मिश्रा का भी विवादास्पद ट्वीट
तहसीन पूनावाला ने क्या कहा
कांग्रेस नेता तहसीन पूनावाला ने सिंधिया के इस्तीफे पर ट्वीट किया। कहा, “मुझे भरोसा है कि मध्य प्रदेश का सियासी संकट जल्द खत्म होगा और कमलनाथ जी मुख्यमंत्री बने रहेंगे। सिंधिया जी ने कांग्रेस छोड़ दी है। उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं। भारत के लिए सबसे जरूरी चीज है मोदीजी और शाहजी का हारना।
अधीर रंजन बोले- लालच कहां से कहां ले जाता है
प्रशांत किशोर ने क्या कहा?
इलेक्शन स्ट्रैटजिस्ट प्रशांत किशोर ने सिंधिया के कांग्रेस से इस्तीफे पर कहा, “उन लोगों के लिए हैरान हूं जिन्हें कांग्रेस से जुड़े गांधी परिवार के सरनेम पर आपत्ति होती थी। वही लोग आज सिंधिया के पार्टी छोड़ने को बड़ा झटका बता रहे हैं। लेकिन, सच्चाई ये है कि सिंधिया जननेता और प्रशासक के तौर पर बहुत बड़े नहीं हैं।
अलका लांबा बोलीं- ड्राइविंग सीट वाले नेता बैक सीट पर बैठें
दिल्ली विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले कांग्रेस में वापसी करने वाली नेता अलका लांबा ने पार्टी नेतृत्व में बदलाव की मांग की। कहा..
शोभा ओझा का सिंधिया पर तंज
कांग्रेस प्रवक्ता शोभा ओझा का ट्वीट देखिए।
जयवर्धन सिंह ने झांसी का इतिहास याद दिलाया
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बेटे और कमलनाथ सरकार में मंत्री जयवर्धन सिंह ने भी सिंधिया के कांग्रेस से इस्तीफे पर ट्वीट किया। इसमें उन्होंने झांसी के इतिहास का जिक्र किया।
सिंधिया के बेटे ने कहा- पिता पर गर्व
ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन सिंधिया ने पिता के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने ट्वीट में कहा, “मुझे अपने पिता के फैसले पर गर्व है। लंबे वक्त तक एक पार्टी से जुड़े रहने के बाद उसे छोड़ना आसान नहीं है। इतिहास स्वयं बोलता है जब मैं ये कहता हूं कि हम सत्ता के भूखे नहीं हैं। हमने पहले ही वादा किया है कि देश में प्रभावी बदलाव लाएंगे और मध्य प्रदेश को वहां ले जाएंगे जहां इसका बेहतर भविष्य हो।
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