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कुमारस्वामी आज विश्वास मत साबित करेंगे, 16 बागी विधायक सदन में गैर-मौजूद रह सकते हैं

एक वर्ष पहले
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  • कर्नाटक विधानसभा में गुरुवार को फ्लोर टेस्ट से पहले सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया
  • सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बागी विधायक पार्टी का व्हिप मानने के लिए बाध्य नहीं
  • विधानसभा में 224 सदस्य, 15 विधायकों पर व्हिप लागू नहीं होगा, इसी स्थिति में बहुमत साबित करना होगा

बेंगलुरु. कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी को विधानसभा में विश्वास मत साबित करने के लिए एक दिन का वक्त और मिल गया है। विधानसभा में गुरुवार को विश्वास मत पर साढ़े सात घंटे चली बहस के बाद स्पीकर रमेश कुमार ने सदन की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी। बहस के दौरान सदन से अनुपस्थित कांग्रेस विधायक श्रीमंत पाटिल का मुद्दा उठा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा ने हमारे विधायक को अगवा कर लिया। उधर, विश्वास मत पर सत्ता पक्ष के भाषणों पर भाजपा ने सवाल उठाया। बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि स्पीकर रमेश कुमार विश्वास मत को टालना चाहते हैं। विधायकों ने इस संबंध में राज्यपाल वजूभाई वाला को ज्ञापन भी सौंपा। राज्यपाल ने स्पीकर से कहा कि वे आज ही विश्वास मत कराए जाने पर विचार करें। उन्होंने सीएम कुमारस्वामी से भी कहा कि वे शुक्रवार दोपहर 1.30 बजे तक बहुमत साबित करें। कार्यवाही स्थगित होने के बाद भाजपा विधायकों ने रातभर सदन में ही धरना देने का फैसला किया। 

 

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बागी विधायक मुंबई से नहीं लौटे
विधानसभा की कार्यवाही 11 बजे शुरू हुई। इस दौरान कुमारस्वामी को विश्वास मत साबित करना था। सत्ता पक्ष के भाषणों के दौरान भाजपा विधायकों ने सवाल उठाया कि इतने लंबे-लंबे भाषण किसलिए दिए जा रहे हैं। इस तरह के भाषण तो चुनावी रैलियों में दिए जाते हैं। भाजपा का आरोप था कि राज्यपाल खुद विश्वास मत को टालना चाहते हैं। वे अल्पमत की सरकार चलते रहने देना चाहते हैं। 

 

5 विधायक सदन से गैर-हाजिर रहे
विश्वास मत के दौरान सदन से 5 विधायक गैर-हाजिर रहे। इनमें 2 कांग्रेस, 1 बसपा और और 2 निर्दलीय विधायक थे। 15 गैर-हाजिर, 15 बागी विधायकों के अलावा स्पीकर को हटाकर सदन की संख्या 203 हो गई। इस स्थिति में बहुमत साबित करने का आंकड़ा 102 हो गया। लेकिन, कांग्रेस-जेडीएस के पास 116 के मुकाबले विधायकों का आंकड़ा 98 रह गया था, जबकि भाजपा के पास 105। 

 

कांग्रेस विधायक की अनुपस्थिति पर हंगामा
कांग्रेस ने अपने विधायक श्रीमंत पाटिल की अनुपस्थिति पर सवाल उठाया। दरअसल, पाटिल ने अस्वस्थ होने और इलाज के लिए मुंबई जाने से संबंधित पत्र स्पीकर को सौंपा था। कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुंडु राव ने कहा- जिस रिजॉर्ट में हमने अपने विधायकों को ठहराया, वहां पास ही अस्पताल है। ऐसे में मुंबई क्यों गए? कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा ने हमारे एक विधायक को अगवा कर लिया। इसके कुछ ही देर बाद पाटिल की मुंबई के एक अस्पताल में इलाज कराते हुए तस्वीरें सामने आईं। 


राज्यपाल ने स्पीकर को विश्वास मत पर विचार को कहा
विश्वास मत साबित करने में देरी को देखते हुए भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल वजूभाई वाला से मुलाकात की। उन्होंने राज्यपाल से अपील की कि विश्वास मत गुरुवार को ही साबित किया जाए। सदन में भी येदियुरप्पा ने कहा कि भले ही रात में 12 बज जाएं, लेकिन कुमारस्वामी को विश्वास मत आज ही साबित करना चाहिए। राज्यपाल ने स्पीकर से कहा कि वे शुक्रवार को ही विश्वास मत कराए जाने पर विचार करें। 


सदन में ही धरने पर भाजपा विधायक
करीब साढ़े सात घंटे की बहस और आरोपों-प्रत्यारोपों के दौरान के बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी। इसके बाद भाजपा विधायकों ने विरोध स्वरूप सदन में ही धरना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि वे रात विधानसभा के भीतर ही बिताएंगे।

 

राज्यपाल ने कुमारस्वामी को पत्र लिखा

रात करीब 9 बजे राज्यपाल वजुभाई वाला ने सीएम कुमारस्वामी को एक पत्र लिखा। उन्होंने सीएम से कहा कि वे शुक्रवार दोपहर 1.30 बजे तक विधानसभा में बहुमत साबित करें।

 

 

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बागी विधायकों पर व्हिप लागू नहीं: सुप्रीम कोर्ट

मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने जेडीएस के सभी 37 विधायकों को सदन में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया था। इनमें उनकी पार्टी के तीन बागी विधायक नारायण गौड़ा, गोपालैया और एच विश्वनाथ भी शामिल हैं। जेडीएस ने कहा है कि अगर विधायक गैर-मौजूद रहते हैं या विश्वास मत के खिलाफ वोटिंग करते हैं तो दल बदल कानून के तहत उन्हें अयोग्य ठहराने की कार्रवाई की जाएगी। जबकि, इस्तीफा देने वाले कांग्रेस विधायक रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि वह पार्टी में हैं और सरकार के पक्ष में वोटिंग करेंगे।

 

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के 15 बागी विधायकों की याचिका पर बुधवार को फैसला सुनाया था। कोर्ट ने कहा कि हमें इस मामले में संवैधानिक संतुलन बनाए रखना है। स्पीकर 15 बागी विधायकों के इस्तीफों पर अपने अनुसार विचार करें, वे खुद फैसला लेने के लिए स्वतंत्र हैं। 

 

कांग्रेस के 13 और जेडीएस के 3 विधायकों ने दिया इस्तीफा
उमेश कामतल्ली, बीसी पाटिल, रमेश जारकिहोली, शिवाराम हेब्बर, एच विश्वनाथ, गोपालैया, बी बस्वराज, नारायण गौड़ा, मुनिरत्ना, एसटी सोमाशेखरा, प्रताप गौड़ा पाटिल, मुनिरत्ना और आनंद सिंह इस्तीफा सौंप चुके हैं। वहीं, कांग्रेस के निलंबित विधायक रोशन बेग ने भी इस्तीफा दे दिया। 10 जून को के सुधाकर, एमटीबी नागराज ने इस्तीफा दे दिया था।

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