कर्नाटक / टीपू जयंती में शामिल नहीं होंगे कुमारस्वामी, कार्यक्रम के विरोध में भाजपा का राज्यभर में प्रदर्शन



टीपू जयंती के विरोध में बेंगलुरु में शुक्रवार को हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया। टीपू जयंती के विरोध में बेंगलुरु में शुक्रवार को हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया।
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टीपू जयंती के विरोध में बेंगलुरु में शुक्रवार को हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया।टीपू जयंती के विरोध में बेंगलुरु में शुक्रवार को हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया।

  • 10 नवंबर को कर्नाटक सरकार टीपू सुल्तान की जयंती मनाएगी
  • कोडागु समेत राज्य के कुछ हिस्सों में सरकार ने 3 दिन तक धारा 144 लागू की
  • कोडागु में 2016 और 2017 में टीपू जयंती के दौरान हिंसक घटनाएं हुईं थीं

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2018, 07:25 PM IST

बेंगलुरु. कर्नाटक सरकार शनिवार को टीपू जयंती मना रही है। भाजपा राज्यभर में सरकार के इस कार्यक्रम का विरोध कर रही है। तनाव को देखते हुए कोडागु, हुबली और धारवाड़ में धारा 144 लागू कर दी गई है। कोडागु में पुलिस ने सरकार के आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में भाजपा के तीन विधायकों समेत 100 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। कोडागु में 2016 और 2017 में टीपू जयंती के दौरान हिंसा की घटनाएं हुई थीं।

 

कर्नाटक के विधानसभा भवन विधानसौदा में भी टीपू जयंती मनाई गई। मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने खराब तबीयत का हवाला देते हुए पहली ही कार्यक्रम में आने से इंकार कर दिया था। स्वामी के अलावा अन्य कोई जद(एस) का नेता कार्यक्रम में शामिल नहीं हुआ। उधर, उप मुख्यमंत्री जी परमेश्वर जिन्हें कार्यक्रम की अध्यक्षता करनी थी, वे भी इसमें शामिल नहीं हुए। कांग्रेस विधायक और राज्य सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमीर अहमद और संस्कृति मंत्री जयमाला शामिल हुए। यहां सुरक्षा के मद्देनजर 500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।

 

कर्नाटक सरकार मुस्लिम तुष्टिकरण कर रही- भाजपा
शुक्रवार को भी बेंगलुरु समेत सभी जिला मुख्यालयों में भाजपा ने टीपू जयंती का विरोध किया। पूर्व उप-मुख्यमंत्री आर अशोक ने कहा- टीपू देशद्रोही था। उसने हजारों हिंदुओं और क्रिश्चियनों की हत्या की। उसने हिंदू विरोधी भावनाओं को बल दिया और धर्मपरिवर्तन कराया। टीपू जयंती मनाने के पीछे कर्नाटक सरकार का मकसद केवल मुस्लिम तुष्टिकरण है और इसकी निंदा की जानी चाहिए।

 

दबाव में आयोजन कर रहे हैं कुमारस्वामी: भाजपा

आर अशोक ने कहा, "कुमारस्वामी ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि अगर वह मुख्यमंत्री बने तो टीपू जयंती का कार्यक्रम नहीं मनाया जाएगा। लेकिन, अब वह गठबंधन की साथी कांग्रेस के दबाव में ये आयोजन करवा रहे हैं। 

 

बैनर-पोस्टर पर प्रतिबंध लगाया
सरकार ने हिंसक घटनाओं की आशंका के मद्देनजर कोडागु, श्रीरंकापटना और मैसूर के कुछ हिस्सों में धारा 144 लागू कर दी है। रैपिड एक्शन फोर्स तैनात की गई है। कोडागु में भी भारी तादाद में पुलिस बल तैनात किया गया है। यहां जिला प्रशासन ओल्ड फोर्ट हॉल में टीपू जयंती का कार्यक्रम आयोजित करेगा। जिला प्रशासन ने चेतावनी भी जारी की है कि अगर शांति भंग करने की कोशिश की गई तो कड़े कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, प्रशासन ने टीपू जयंती के बैनर-पोस्टर लगाने पर प्रतिबंध लगा रखा है।

 

कोडागु बंद का आह्वान
बजरंगदल, विश्व हिंदू परिषद, हिंदू जागरण वेदिका के नेताओं ने लोगों से टीपू जयंती का बहिष्कार करने की अपील की है। टीपू जयंती विद्रोही होराता समिति ने 10 नवंबर को कोडागु बंद का आह्वान किया है।

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