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  • Kashmir Election Date 2020: Jammu Kashmir Panchayat Chunav Date Announcement Updates; Full Schedule, Counting Of Votes, [Jammu Kashmir Panchayat Chunav Election Dates List]

कश्मीर / अनुच्छेद 370 हटाने के बाद पंचायत के चुनाव की घोषणा, मतदान के लिए बैलेट पेपर का इस्तेमाल होगा

जम्मू-कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी शैलेंद्र कुमार। -फाइल जम्मू-कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी शैलेंद्र कुमार। -फाइल
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जम्मू-कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी शैलेंद्र कुमार। -फाइलजम्मू-कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी शैलेंद्र कुमार। -फाइल

  • चुनाव 5 मार्च से 20 मार्च तक होगा, जम्मू में 4 चरणों और कश्मीर में 8 चरणों में चुनाव होंगे
  • चुनाव सभी ब्लॉकों में पंचायत के रिक्त पदों के लिए होंगें, सभी स्थानों पर आचार संहिता लागू

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2020, 05:25 PM IST

श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने गुरुवार को राज्य में सभी ब्लॉक के रिक्त पदों के लिए पंचायत चुनाव कराने की घोषणा कर दी है। जम्मू में 4 चरणों में और कश्मीर में 8 चरणों में चुनाव होंगे। चुनाव 5 मार्च से 20 मार्च तक होगा। 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटाने और जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश में बदलने के बाद यह पहला चुनाव होगा। जम्मू-कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) शैलेंद्र कुमार ने गुरुवार को कहा- चुनाव की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लागू हो गई है। जहां-जहां चुनाव होंगे, वहां यह लागू होगी। मतदान के लिए बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाएगा।

उन्होंने कहा- पहले चरण का चुनाव 5 मार्च, दूसरे चरण का 7 मार्च, तीसरे चरण का 9 मार्च, चौथे चरण का 12 मार्च, पांचवे चरण का 14 मार्च, छठे चरण का 16 मार्च, सातवें चरण का 18 मार्च और 8वें चरण का चुनाव 20 मार्च को होगा। 

लद्दाख में फिलहाल चुनाव नहीं होगा

मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा- केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख से प्रस्ताव नहीं मिलने के कारण हमने अभी उसे शामिल नहीं किया है। अभी लद्दाख में बर्फबारी हो रही है और काफी ठंड है। फिलहाल वहां चुनाव कराना व्यावहारिक नहीं होगा। जम्मू-कश्मीर में मौजूदा समय में रिक्त पड़े पंच-सरपंचों के पद भरे जाएंगे। चुनाव राजनीतिक आधार पर होगा। इसके बाद केंद्र शासित प्रदेश में पंचायती व्यवस्था मजबूत होगी।

पिछली बार पंचायत चुनाव दिसंबर 2018 में हुए थे

जम्मू-कश्मीर में पिछली बार पंचायत चुनाव दिसंबर 2018 में हुए थे। नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस समेत कुछ अन्य पार्टियों ने चुनाव का बहिष्कार किया था। आतंकवादी संगठनों ने भी लोगों को मतदान न करने के लिए धमकाया था। इन कारणों से कई स्थानों पर मतदान नहीं हो पाया था। बीडीसी चेयरमैन का निर्वाचन होने के बाद भी कई सीटें खाली हो गई थी। रिक्त पदों पर चुनाव होने की मांग हो रही थी। जम्मू-कश्मीर के सरपंचों के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों के साथ गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात भी की थी।

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