महाशिवरात्रि /मुंबई हमले के बाद पहली बार पाक के कटासराज मंदिर में कोई भारतीय नहीं पहुंचेगा



1000 साल से ज्यादा पुराने कटासराज मंदिर को महशिवरात्रि के लिए साफ किया गया है। 1000 साल से ज्यादा पुराने कटासराज मंदिर को महशिवरात्रि के लिए साफ किया गया है।
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1000 साल से ज्यादा पुराने कटासराज मंदिर को महशिवरात्रि के लिए साफ किया गया है।1000 साल से ज्यादा पुराने कटासराज मंदिर को महशिवरात्रि के लिए साफ किया गया है।

  • पाकिस्तान से भास्कर के लिए हारून खालिद और हाशिर अलीचकवाल की रिपोर्ट 
  • भारतीय श्रद्धालुओं ने पुलवामा हमले के कारण वीजा नहीं लिया
  • पाकिस्तान के सिंध प्रांत के चकवाल जिले में है भगवान शिव का कटासराज मंदिर

Dainik Bhaskar

Mar 04, 2019, 07:32 AM IST

चकवाल (पाकिस्तान). लाहौर से 280 किमी दूर पहाड़ी पर बने भगवान शिव के कटासराज मंदिर में आज महाशिवरात्रि पर भारत का कोई श्रद्धालु दर्शन करने नहीं पहुंचेगा। क्योंकि, पुलवामा हमले के बाद बने तनाव की वजह से श्रद्धालुओं ने पाकिस्तान का वीजा नहीं लिया है। इससे पहले ऐसा 1999 के करगिल युद्ध और 2008 के मुंबई हमले के बाद हुआ था।

 

हालांकि, 1000 साल से ज्यादा पुराने मंदिर को महशिवरात्रि के लिए साफ किया गया है। 150 फीट लंबे और 90 फीट चौड़े पवित्र सरोवर का पानी शीशे की तरह साफ दिख रहा है। कुछ समय पहले तक इसके पास लगी सीमेंट की फैक्ट्रियां बोरवेल से पानी निकाल रही थीं, जिससे जमीनी पानी का स्तर घटा और सरोवर सूखने की कगार पर पहुंच गया। फिर सिंध के हिंदुओं की याचिका पर पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने सरोवर को ठीक करने के आदेश दिए। फैक्ट्रियों पर 10 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया। साथ ही फैक्ट्रियों को वहां से हटाने के विकल्प पर भी विचार करने को कहा।

 

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद पाक सरकार मंदिर को यूनेस्को की हैरिटेज लिस्ट में लाने के प्रयास कर रही है। 36 साल से भारतीय जत्था कटासराज लेकर जाने वाले सनातन धर्म सभा के संयोजक शिवप्रताप बजाज ने बताया- ‘भारत के 141 श्रद्धालुओं ने कटासराज जाने के लिए वीजा  की अर्जी लगाई थी। लेकिन, पुलवामा हमले के बाद हमने वहां नहीं जाने का फैसला किया है। सिंध के कुछ हिंदू परिवार हमारी ओर से भी भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।’ इंडो-पाक प्रोटोकॉल 1972 के अनुसार हर साल 200 भारतीय कटासराज जा सकते हैं।

 

पौराणिक महत्व : मान्यता है कि माता सती की मृत्यु पर शिवजी रोए तो उनके आंसुओं से एक नदी बन गई। इससे दो सरोवर बने। एक कटासराज (पाकिस्तान) में और दूसरा पुष्कर (भारत) में है। यह भी मान्यता है कि पांडवों ने वनवास की अवधि के दारैान यहां कुछ समय बिताया था।

 

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  • सिलवासा: शिव मंदिर में 144 देवी-देवता स्थापित होंगे

    सिलवासा: शिव मंदिर में 144 देवी-देवता स्थापित होंगे

    सिलवासा (राहुल सूर्यवंशी). शहर से करीब 10 किमी दूर कुडाचा गांव में 15 साल से बन रहा  ॐ आकार का विशाल शिव मंदिर इस साल के अंत तक श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएगा। संघ प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली में करीब 4 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस मंदिर में 144 देवी-देवता स्थापित किए जाएंगे।

     

    सभी मूर्तियां बनकर तैयार हो चुकी हैं।  मंदिर निर्माण करवा रहे सिलवासा के श्री निखिल त्रिमूर्ति प्रणव चैरिटेबल ट्रस्ट के सचिव पीजे पटेल का दावा है कि राजस्थान के पाली के बाद ॐ आकार में बनने वाला यह देश का दूसरा और संपूर्ण वास्तु के आधार पर स्थापित होने वाला पहला शिवालय होगा।

  • महाकाल: लगातार 44 घंटे खुले रहेंगे पट

    महाकाल: लगातार 44 घंटे खुले रहेंगे पट

    उज्जैन. महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि का पर्व सोमवार को मनेगा। यहां 44 घंटे तक मंदिर के पट खुले रहेंगे। सामान्य श्रद्धालुओं को डेढ़ किमी लंबे बेरिकेड्स से होकर एक घंटे में महाकाल के दर्शन होंगे। सामान्य दर्शनार्थियों को त्रिवेणी संग्रहालय मार्ग और रविशंकर नगर से होकर बेगमबाग के पीछे रुद्रसागर किनारे पहुंचना होगा, जहां से कतार शुरू होगी। मंदिर प्रबंध समिति ने 250 रु. की रसीद से सशुल्क दर्शन सुविधा की भी व्यवस्था की है। दर्शन के लिए मंदिर में प्रवेश सुबह 6 बजे से होगा।

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