• Hindi News
  • National
  • Kedarnath Avalanche; No Reports Of Damaged In Chorabari Glacier | Uttarakhand News

केदारनाथ मंदिर के पीछे एवलांच:कोई नुकसान नहीं हुआ; वीडियो देख लोगों को याद आया 2013 की त्रासदी का मंजर

रुद्रप्रयाग6 महीने पहले

केदारनाथ मंदिर से करीब 5 किमी पीछे बने चौराबाड़ी ग्लेशियर में गुरुवार शाम 6:30 बजे एवलांच आया। इसका वीडियो सामने आया है। हालांकि रुद्रप्रयाग के डिजास्टर मैनेजमेंट अधिकारी एनएस रजवार ने बताया कि यह काफी छोटा एवलांच था। इससे किसी तरह के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।

यह वीडियो तीर्थयात्रियों ने ही रिकॉर्ड कर लिया था, जो अब वायरल हो गया है। इसे देखकर लोगों को 10 साल पहले केदारनाथ में आई तबाही का मंजर याद आ गया।

2013 में आई थी केदारनाथ में तबाही

केदारनाथ से सिर्फ 2 किमी दूर चौराबाड़ी झील जो 400 मीटर लंबी, 200 मीटर चौड़ी और 20 मीटर गहरी थी, फटने से 10 मिनट में खाली हो गई।
केदारनाथ से सिर्फ 2 किमी दूर चौराबाड़ी झील जो 400 मीटर लंबी, 200 मीटर चौड़ी और 20 मीटर गहरी थी, फटने से 10 मिनट में खाली हो गई।

2013 में केदारनाथ में बादल फटने के कारण अचानक बाढ़ आ गई थी। इस बाढ़ से पूरे उत्तराखंड में 4190 लोगों की मौत हुई थीं। बाढ़ के दौरान केदारनाथ धाम में करीब 3 लाख श्रद्धालु फंस गए थे, जिन्हें बाद में आर्मी, एयरफोर्स और नेवी के जवानों ने रेस्क्यू कर बचा लिया था। हालांकि, उसके बाद भी 4 हजार से ज्यादा लोग लापता हो गए थे।

चार धाम यात्रा मार्ग पर कचरे के ढेर से दोबारा हादसे की आशंका बढ़ी

यह तस्वीर केदारनाथ जाने वाले रास्ते की है। यहां जगह-जगह कचरे का ढेर लगा हुआ है।
यह तस्वीर केदारनाथ जाने वाले रास्ते की है। यहां जगह-जगह कचरे का ढेर लगा हुआ है।

इस साल करीब 10 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री उत्तराखंड की चार धाम यात्रा कर चुके हैं। लेकिन इस संख्या के कुछ साइड इफेक्ट्स भी रहे हैं, जैसे कचरा, विशेष रूप से प्लास्टिक बैग और रैपर, जो पर्यावरण के लिए खतरा हैं। इससे वैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि इससे प्रदूषण और नेचुरल डिजास्टर्स का खतरा भी बढ़ सकता है।

PM मोदी ने लिया निर्माण कार्यों का जायजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वर्चुअली बद्रीनाथ और केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इस बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिस्सा लिया। पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले समय में केदारनाथ और बद्रीनाथ में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ेगी। इसलिए केदारनाथ के आसपास के स्थानों को भी टूरिस्ट के लिए डेवलप करना होगा।

मौसम से जुड़ी ये खबरें भी आप पढ़ सकते हैं...

देश के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात

मानसून अब जाने वाला है, लेकिन विदाई से पहले कहर बरपा रहा है। देशभर में बाढ़ जैसे हालात हैं। दिल्ली, UP, MP, राजस्थान समेत देश के कई हिस्सों में लगातार भारी बारिश हो रही है। दिल्ली-गुरुग्राम में बारिश के बाद जगह-जगह पानी भरा हुआ है। कई जगहों पर सड़कें भी धंस गई हैं। इससे जाम लगा हुआ है। उधर, UP के इटावा में भारी बारिश से एक मकान की दीवार गिर गई। हादसे में 4 बच्चों की मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर...

हिमालय की झीलें अब नहीं बनेंगी तबाही का कारण

केदारनाथ घाटी आपदा के बाद वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान ने उत्तराखंड के सभी ग्लेशियर और आसपास की झीलों में सेंसर रिकॉर्डर लगाने शुरू कर दिए हैं। 329 झीलों में से 70% पर काम पूरा हो चुका है। केदारनाथ घाटी आपदा की मुख्य वजह केदारनाथ मंदिर से कुछ किलोमीटर ऊपर बनी चोराबाड़ी झील थी। झील में 16 जून 2013 की रात ग्लेशियर से हिमस्खलन हुआ था। पढ़ें पूरी खबर...