• Hindi News
  • National
  • Hindi Language Protest; Kerala Village To Become 100% Hindi Literacy By 26 January 2023 | Kozhikode News

केरल का एक गांव बनेगा 100% हिंदी भाषी:लोग बोले- दूसरे राज्यों से जुड़ने को सीख रहे भाषा, आधिकारिक रूप से हिंदी थोपना बर्दाश्त नहीं

कोझीकोड3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

दक्षिण भारत में हिंदी भाषा के विरोध का लंबा इतिहास रहा है, लेकिन यहां एक गांव के सभी लोग हिंदी सीख रहे हैं। 26 जनवरी 2023 तक केरल के कोझीकोड जिले का चेलानुर गांव आधिकारिक रूप से शत प्रतिशत हिंदी साक्षर हो जाएगा। ग्रामीणों के मुताबिक वे दूसरे राज्यों से जुड़ने के लिए हिंदी सीख रहे हैं। अगर हम पर आधिकारिक रूप से हिंदी थोपी जाएगी तो हम इसका विरोध करेंगे। यह तस्वीर ऐसे समय में सामने आई है जब दक्षिण भारतीय राज्य केंद्र सरकार पर कथित रूप से हिंदी थोपने का आरोप लगा रहे हैं। केरल और तमिलनाडु हरसंभव हिंदी विरोध की बात कर रहे हैं। वहीं, कर्नाटक के पूर्व सीएम एचडी कुमारस्वामी केंद्र पर कन्नड़ का गला घोंटने का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने SSC की परीक्षा सिर्फ हिंदी और अंग्रेजी भाषा में कराने के लिए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। पूर्व सीएम ने कहा कि यह कन्नड़ भाषा के खिलाफ भेदभाव है, भाजपा सरकार कन्नड़ का गला घोंट रही है और उन्हें उनके भोजन से वंचित कर रही है।

गांव में चल रही हिंदी की 50 कक्षाएं
चेलानुर ग्राम पंचायत के अध्यक्ष पीपी नौशीर बताते हैं कि गांव के आसपास बड़ी संख्या में हिंदी भाषी काम करते हैं। उनसे बातचीत के लिए ग्राम पंचायत ने गांव के हर शख्स को हिंदी सिखाने की मुहिम शुरू की है। गांव के लोग धार्मिक और राजनीतिक दूरी खत्म कर एक साथ हिंदी सीख रहे हैं। पंचायत स्कूलों, स्पोर्ट्स क्लब, लाइब्रेरी यहां तक की लोगों के घरों में हिंदी सिखाने के लिए करीब 50 कक्षाएं चला रही है। यह मुहिम 20 से 70 साल के लोगों के लिए शुरू की गई थी, लेकिन अब इसमें हर उम्र के लोग शामिल हो गए हैं। अभी चल रही कक्षाओं में महिलाओं की संख्या अधिक है। जल्द ही रात में भी कक्षाएं शुरू हो जाएंगी।

7 हजार लोग सीख रहे हैं हिंदी
मुहिम के संयोजक शशिकुमार ने बताया कि पंचायत में 15,897 लोग हिंदी नहीं बोल सकते थे। इनमें से 9,618 को हिंदी पढ़नी नहीं आती थी, जबकि 9,597 हिंदी लिख नहीं पाते थे। हिंदी शिक्षकों ने गांव के लोगों के लिए कोर्स मैटेरियल तैयार किया। सभी 21 वार्ड में 15 अगस्त से कक्षाएं चल रही हैं, जिसमें 7 हजार लोग हिंदी सीख रहे हैं। हिंदी सीख रहे ग्रामीणों का कहना है कि धार्मिक यात्राओं के लिए राज्य से बाहर जाना पड़ता है। इसके लिए हिंदी भाषा आना जरूरी है।