• Hindi News
  • National
  • Kidney Racket: Coordinator of Faridabad’s Fortis Hospital arrested, 14 nabbed so far

किडनी रैकेट / फरीदाबाद के फोर्टिस अस्पताल की कोऑर्डिनेटर गिरफ्तार, अब तक 12 लोग पकड़े गए



Kidney Racket: Coordinator of Faridabad’s Fortis Hospital arrested, 14 nabbed so far
X
Kidney Racket: Coordinator of Faridabad’s Fortis Hospital arrested, 14 nabbed so far

  • उत्तर प्रदेश पुलिस ने फोर्टिस की महिला कर्मचारी को पूछताछ के लिए कानपुर बुलाया था
  • पुलिस ने फरवरी में किडनी और लिवर की खरीद-फरोख्त के रैकेट का भंडाफोड़ किया था
  • 8 मई को रैकेट में शामिल दिल्ली के पीएसआरआई अस्पताल का सीईओ भी गिरफ्तार हुआ
  • गिरोह गरीबों को नौकरी का झांसा देकर दिल्ली लाता था, 7-8 लाख रु के लालच में अंग बेचने के लिए राजी करता था

Dainik Bhaskar

Jun 12, 2019, 11:41 AM IST

नई दिल्ली/कानपुर. उत्तर प्रदेश पुलिस ने इंटरनेशनल किडनी रैकेट में शामिल होने के आरोप में फरीदाबाद के फोर्टिस अस्पताल में काम करने वाली सोनिका नाम की महिला कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। वह कुछ साल से हॉस्पिटल में अंग प्रत्यारोपण की कोऑर्डिनेटर है। मामले की जांच कर रही पुलिस ने पिछले हफ्ते उसे नोटिस देकर पूछताछ के लिए कानपुर बुलाया था। मंगलवार को बयान दर्ज करने के बाद सोनिका की गिरफ्तारी हुई। इस इंटरनेशनल किडनी रैकेट का खुलासा फरवरी में हुआ था। गिरोह के सरगना गौरव मिश्रा समेत अब तक 12 लोग पकड़े जा चुके हैं।

 

पिछले शनिवार को दिल्ली के पुष्पावती सिंहानिया रिसर्च इंस्टीट्यूट (पीएसआरआई) के सीईओ डॉ. दीपक शुक्ला की भी गिरफ्तारी हुई थी। डॉ. शुक्ला ने मानव अंगों की खरीद-फरोख्त की बात कबूली थी। एसपी (कानपुर) राजेश यादव के मुताबिक- जांच के दौरान पीएसआरआई में अवैध तरीके से किडनी प्रत्यारोपण के सबूत मिले थे। बिचौलियों की मदद से यहां गरीब लोग लाए जाते थे और फर्जी पैथोलॉजी रिपोर्ट तैयार कर कागज बनाए जाते थे। इसके एवज में रिसीवर से मोटी रकम वसूलने का खेल लंबे समय से जारी था। किडनी रैकेट श्रीलंका, तुर्की तक फैला है।

 

फरवरी में महिला ने कानपुर में केस दर्ज कराया था
गिरोह के सदस्य जनवरी में कानपुर की एक महिला को काम दिलाने के बहाने गाजियाबाद ले गए थे। महिला को किडनी और लिवर बेचने के बदले पैसों का लालच दिया गया। इसके बाद महिला किसी तरह कानपुर लौटी और फरवरी में उसने एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने लंबी जांच के दौरान 10 लोगों को गिरफ्तार किया था। अमीरों से किडनी बदलवाने के एवज में 30 लाख और लिवर के हिस्से के बदले 80 लाख रुपए लिए जाते थे, लेकिन किडनी देने वाले गरीबों को सिर्फ 7-8 लाख रुपए देते थे।

 

गिरोह के सरगना समेत 12 लोग पकड़े गए
इंटरनेशनल किडनी रैकेट की जांच के दौरान कानपुर पुलिस ने 12 लोगों को पकड़ा है। इनमें रैकेट के सरगना गौरव मिश्रा (लखीमपुर खीरी), पीएसआरआई के सीईओ डॉ. दीपक शुक्ला (दिल्ली), टी राजकुमार राव (कोलकाता), शैलेष सक्सेना (दिल्ली), सबूर अहमद और शमशाद अली (लखनऊ), विक्की सिंह (कानपुर), श्याम तिवारी और रामू पांडे समेत अन्य शामिल हैं।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना