UPSC टॉपर शाह फैसल नौकरी पर लौटे:एक्सपर्ट से जानिए जम्मू-कश्मीर के पहले टॉपर की सर्विस में वापसी कैसे हुई, नियम क्या है

नई दिल्ली2 महीने पहले

जम्मू-कश्मीर में 2010 के बैच में सिविल सर्विस में टॉप करने वाले शाह फैसल की जितनी चर्चा हुई थी, उतनी ही बहस उनकी सेवा में वापसी की हो रही है। इस्तीफे के बाद राजनीति में शामिल होने और PSA के तहत कैद किए गए किसी IAS अफसर का इस्तीफा रद्द कर सेवाएं बहाल करने का यह पहला मामला है।

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जिन हालात में फैसल ने इस्तीफा दिया, क्या उन्हें सेवा में वापस लेने का कोई आधार था?
फैसल का मामला अपवाद के तौर पर देखा जाना चाहिए। सबसे बड़ी बात यह है कि जिस अफसर का इस्तीफा स्वीकार ही नहीं किया गया हो तो उसे वापस लेने के तमाम आधार हो सकते हैं। ऐसे में केस के आधार पर कैडर कंट्रोल करने वाली कॉम्पिटेंट अथॉरिटी सेवा में वापसी का निर्णय ले सकती है।

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अगर सरकार को लगता है कि किसी उकसावे में या किसी दबाव में या फिर भावना में बहकर किसी प्रतिभाशाली अधिकारी ने इस्तीफा दिया है, तो उसके इस्तीफे को नामंजूर किया जा सकता है। होल्ड किया जा सकता है और बाद में उसे वापस भी लिया जा सकता है।

तस्वीर तब की है जब फैसल हॉवर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करते थे। उन्हें फुलब्राइट फैलोशिप मिली थी। उन्होंने MBBS किया है।
तस्वीर तब की है जब फैसल हॉवर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करते थे। उन्हें फुलब्राइट फैलोशिप मिली थी। उन्होंने MBBS किया है।

शाह फैसल के इस्तीफे की पृष्ठभूमि क्या थी
शाह ने सिविल सर्विस की परीक्षा में टॉप किया था। जम्मू-कश्मीर के किसी युवा के लिए यह बहुत गौरव की बात थी। जनवरी 2019 में उन्होंने इस्तीफा दिया, लेकिन इसे मंजूर नहीं किया गया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट पार्टी बना ली, लेकिन इसके बाद अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर का दर्जा बदल गया। इसे केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया। इसके बाद वहां कोई चुनाव भी नहीं हुआ। लिहाजा फैजल की पार्टी कभी चुनाव मैदान में उतरी ही नहीं।

'जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट' पार्टी की लॉन्चिंग में जवाहर लाल नेहरू स्टूडेंट यूनियन की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला राशिद भी शामिल हुई थीं।
'जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट' पार्टी की लॉन्चिंग में जवाहर लाल नेहरू स्टूडेंट यूनियन की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला राशिद भी शामिल हुई थीं।

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किसी IAS अफसर के इस्तीफे के बाद की क्या प्रक्रिया है?
देश की तीन अखिल भारतीय सेवाएं हैं- IAS, IPS और IRS। तीनों के इस्तीफे के मामले में आल इंडिया सर्विस रूल 1958 लागू होता हैं। इस्तीफा होने के बाद संबद्ध राज्य उसके मामले पर गौर करता है और केंद्र को सिफारिशें भेजता है। इससे पहले जांचा जाता है कि अफसर पर कोई बकाया तो नहीं है या उसके खिलाफ कोई जांच तो नहीं चल रही है। प्रधानमंत्री खुद कार्मिक विभाग के प्रभारी के नाते निर्णय लेते हैं।

जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के समय शाह फैसल को हिरासत में ले लिया गया था, तब उनकी पत्नी ने रिलीज करने के लिए ये फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था।
जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के समय शाह फैसल को हिरासत में ले लिया गया था, तब उनकी पत्नी ने रिलीज करने के लिए ये फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था।

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क्या कोई IAS अधिकारी इस्तीफा वापस ले सकता है?
एक बार इस्तीफा स्वीकार हो गया हो तो उसे वापस लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती, लेकिन इस्तीफा अगर मंजूर नहीं किया गया हो तो उसकी वापसी पर विचार किया जा सकता है।