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10 फोटोज में देखें कोलकाता की दुर्गा पूजा:किसानों के समर्थन में सजे पंडाल; लखीमपुर खीरी से लेकर दिल्ली बॉर्डर तक की यादें, ममता को शक्ति रूप में दिखाया

कोलकाता3 महीने पहले

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा का विशेष महत्व है। राजधानी कोलकाता की दुर्गा पूजा दुनियाभर में अपनी खास मूर्तियों और पंडालों के लिए जानी जाती है। हर साल यहां माता की मूर्तियां और पंडाल के जरिए सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों को उठाकर विशेष संदेश दिए जाते हैं। इस बार भी किसान आंदोलन, उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी और कोरोना की दूसरी लहर जैसे मुद्दों के जरिए इस परम्परा को जीवित रखा गया है। आइए 10 तस्वीरों के जरिए देखते हैं इस बार के पंडालों की विशेष थीम...

कोलकाता के दमदम में एक पूजा पंडाल में किसान आंदोलन के समर्थन में विशेष आकृतियां प्रदर्शित की गई हैं। पंडाल के प्रवेश द्वार पर किसानों के ट्रैक्टर से खेत जोतने की एक विशाल प्रतिकृति लगाई गई है। उसके आसपास एक कार का एक स्केच है और उसके रास्ते में एक किसान लेटा है। नीचे बंगाली में लिखा है- मोटर गाड़ी उड़े धुलो, नीचे पोरे चासीगुलो। यानी कार धुंआ उड़ाती हुई जा रही है और किसान उसके पहिए के नीचे आ रहे हैं।
कोलकाता के दमदम में एक पूजा पंडाल में किसान आंदोलन के समर्थन में विशेष आकृतियां प्रदर्शित की गई हैं। पंडाल के प्रवेश द्वार पर किसानों के ट्रैक्टर से खेत जोतने की एक विशाल प्रतिकृति लगाई गई है। उसके आसपास एक कार का एक स्केच है और उसके रास्ते में एक किसान लेटा है। नीचे बंगाली में लिखा है- मोटर गाड़ी उड़े धुलो, नीचे पोरे चासीगुलो। यानी कार धुंआ उड़ाती हुई जा रही है और किसान उसके पहिए के नीचे आ रहे हैं।
दमदम पार्क के ही पंडाल में किसानों की व्यथा दिखाने के लिए ‘चप्पलों’ का प्रदर्शन किया गया है। इसे किसानों के संघर्ष से जोड़कर उनकी व्यथा दिखाई गई है। पंडाल में सैकड़ों चप्पल हैं जो प्रदर्शन के बाद के दृश्य को दर्शाते हैं। यहां दो पैर के निशान बनाए गए हैं जिस पर कुछ किसानों के चेहरे लगाए गए हैं। हालांकि इस पंडाल पर भाजपा ने आपत्ति जताई है। भाजपा के नेताओं का कहना है कि दुर्गा पंडाल में इस तरह चप्पल लगाना देवी-देवताओं का अपमान है।
दमदम पार्क के ही पंडाल में किसानों की व्यथा दिखाने के लिए ‘चप्पलों’ का प्रदर्शन किया गया है। इसे किसानों के संघर्ष से जोड़कर उनकी व्यथा दिखाई गई है। पंडाल में सैकड़ों चप्पल हैं जो प्रदर्शन के बाद के दृश्य को दर्शाते हैं। यहां दो पैर के निशान बनाए गए हैं जिस पर कुछ किसानों के चेहरे लगाए गए हैं। हालांकि इस पंडाल पर भाजपा ने आपत्ति जताई है। भाजपा के नेताओं का कहना है कि दुर्गा पंडाल में इस तरह चप्पल लगाना देवी-देवताओं का अपमान है।
दमदम सेवा संघ पूजा पंडाल के अध्यक्ष गौतम विश्वास ने कहा, कार के नीचे आ रहे किसान की तस्वीर का विचार तीन महीने पहले आया था। हम इसे पूंजीवादी युग में मरते हुए किसान के तौर पर दिखाना चाहते थे। लेकिन आज के समय में ये व्यावहारिक हो गया। उन्होंने कहा, हम अब तक आंदोलन में शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। पंडाल से जुड़े मानब चक्रवर्ती ने कहा, हमारे पंडाल में त्योहारों के उत्साह के बीच किसानों के संघर्ष को सामने रखा है। इस पंडाल की थीम किसानों की दुर्दशा को सामने ला रही है और लोगों को यह संदेश देती है कि किसानों के दर्द को भुलाया नहीं जा सकता।
दमदम सेवा संघ पूजा पंडाल के अध्यक्ष गौतम विश्वास ने कहा, कार के नीचे आ रहे किसान की तस्वीर का विचार तीन महीने पहले आया था। हम इसे पूंजीवादी युग में मरते हुए किसान के तौर पर दिखाना चाहते थे। लेकिन आज के समय में ये व्यावहारिक हो गया। उन्होंने कहा, हम अब तक आंदोलन में शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। पंडाल से जुड़े मानब चक्रवर्ती ने कहा, हमारे पंडाल में त्योहारों के उत्साह के बीच किसानों के संघर्ष को सामने रखा है। इस पंडाल की थीम किसानों की दुर्दशा को सामने ला रही है और लोगों को यह संदेश देती है कि किसानों के दर्द को भुलाया नहीं जा सकता।
कोलकाता में शनिवार को देवी दुर्गा पूजा उत्सव से पहले लोगों में कोरोना वायरस के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक कलाकार ने दुर्गा पूजा पंडाल को स्लाइन की बोतलों से सजाया। पंडाल को सजाने के लिए मेडिकल ग्लव्स का भी इस्तेमाल किया गया है।
कोलकाता में शनिवार को देवी दुर्गा पूजा उत्सव से पहले लोगों में कोरोना वायरस के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक कलाकार ने दुर्गा पूजा पंडाल को स्लाइन की बोतलों से सजाया। पंडाल को सजाने के लिए मेडिकल ग्लव्स का भी इस्तेमाल किया गया है।
प्रसिद्ध मूर्तिकार मिंटू पाल अपने कुम्हारटोली स्टूडियो में फाइबरग्लास की मूर्ति बना रहे हैं, जिसमें 'मां दुर्गा' को तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी की पसंदीदा सफेद रंग की तांत की साड़ी पहनाई गई है और साथ ही उनकी पहचान बन चुकी फ्लिप-फ्लाप चप्पल पहनाई गई है। उन्होंने बताया कि मां दुर्गा के 10 हाथों में हथियारों के बजाय कन्याश्री, स्वास्थ्य साथी, रूपाश्री, सबुजसाथी और लक्ष्मी भंडार जैसी राज्य सरकार की परियोजनाएं दिखाई जाएंगी। दरअसल, आयोजक ममता सरकार द्वारा शुरू की गई कई विकास परियोजनाओं के बारे में लोगों को बताना चाहते हैं, जिनकी वैश्विक रूप से सराहना की गई है। भाजपा ने इसे भी हिन्दुओं की धार्मिक भावना को आहत करने वाला बताया है।
प्रसिद्ध मूर्तिकार मिंटू पाल अपने कुम्हारटोली स्टूडियो में फाइबरग्लास की मूर्ति बना रहे हैं, जिसमें 'मां दुर्गा' को तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी की पसंदीदा सफेद रंग की तांत की साड़ी पहनाई गई है और साथ ही उनकी पहचान बन चुकी फ्लिप-फ्लाप चप्पल पहनाई गई है। उन्होंने बताया कि मां दुर्गा के 10 हाथों में हथियारों के बजाय कन्याश्री, स्वास्थ्य साथी, रूपाश्री, सबुजसाथी और लक्ष्मी भंडार जैसी राज्य सरकार की परियोजनाएं दिखाई जाएंगी। दरअसल, आयोजक ममता सरकार द्वारा शुरू की गई कई विकास परियोजनाओं के बारे में लोगों को बताना चाहते हैं, जिनकी वैश्विक रूप से सराहना की गई है। भाजपा ने इसे भी हिन्दुओं की धार्मिक भावना को आहत करने वाला बताया है।
कोलकाता के एक पंडाल को एनआरसी की थीम पर बनाया गया है। इसमें एक परिवार को दिखाया गया है जो दो देशों की सीमाओं पर बनी एक जेल में अपने चार बच्चों के साथ बैठी हुई है। उसकी गोद में मां दुर्गा की प्रतिमा है।
कोलकाता के एक पंडाल को एनआरसी की थीम पर बनाया गया है। इसमें एक परिवार को दिखाया गया है जो दो देशों की सीमाओं पर बनी एक जेल में अपने चार बच्चों के साथ बैठी हुई है। उसकी गोद में मां दुर्गा की प्रतिमा है।
राजधानी कोलकाता के बंधु महल क्लब ने मां दुर्गा की खास मूर्ति की तस्वीरें शेयर की हैं। क्लब के मुताबिक, दुर्गा की मूर्ति को गोल्ड डिजाइनर साड़ी से सजाया है।
राजधानी कोलकाता के बंधु महल क्लब ने मां दुर्गा की खास मूर्ति की तस्वीरें शेयर की हैं। क्लब के मुताबिक, दुर्गा की मूर्ति को गोल्ड डिजाइनर साड़ी से सजाया है।
मां दुर्गा की अनोखी मूर्ति के बारे में बंधु महल क्लब के प्रेसिडेंट कार्तिक घोष ने बताया कि, मूर्ति को सोने का मास्क, आंखें और सोने की साड़ी पहनाई गई है। जो साड़ी सोने की है। उसकी कीमत 1.50 लाख रुपए है।
मां दुर्गा की अनोखी मूर्ति के बारे में बंधु महल क्लब के प्रेसिडेंट कार्तिक घोष ने बताया कि, मूर्ति को सोने का मास्क, आंखें और सोने की साड़ी पहनाई गई है। जो साड़ी सोने की है। उसकी कीमत 1.50 लाख रुपए है।
टीएमसी नेता बाबुल सुप्रियो कोलकाता में ममता बनर्जी के साथ दिखे। सुप्रियो अपनी पार्टी के मुखपत्र 'जागो बांग्ला' के लिए आगामी दुर्गा पूजा उत्सव के लिए एक विशेष अंक के विमोचन के दौरान ममता बनर्जी को एक म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट भेंट करते हुए। ममता सरकार ने दुर्गापूजा कमेटियों को 50-50 हजार रुपए आर्थिक मदद व पूजा पंडालों में निशुल्क बिजली दे रही है।
टीएमसी नेता बाबुल सुप्रियो कोलकाता में ममता बनर्जी के साथ दिखे। सुप्रियो अपनी पार्टी के मुखपत्र 'जागो बांग्ला' के लिए आगामी दुर्गा पूजा उत्सव के लिए एक विशेष अंक के विमोचन के दौरान ममता बनर्जी को एक म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट भेंट करते हुए। ममता सरकार ने दुर्गापूजा कमेटियों को 50-50 हजार रुपए आर्थिक मदद व पूजा पंडालों में निशुल्क बिजली दे रही है।
बाबा नागेश्वर पटना के नवलखा दुर्गा मंदिर में नवरात्रि पर्व के पहले दिन देवी दुर्गा की मूर्ति के सामने अपने सीने पर 'गंगाजल' से भरे 21 कलश रखे हुए हैं।
बाबा नागेश्वर पटना के नवलखा दुर्गा मंदिर में नवरात्रि पर्व के पहले दिन देवी दुर्गा की मूर्ति के सामने अपने सीने पर 'गंगाजल' से भरे 21 कलश रखे हुए हैं।
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