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सम्मान / लता मंगेशकर को 90वें जन्मदिन पर डॉटर ऑफ द नेशन का खिताब देगी केंद्र सरकार

लता मंगेशकर और प्रधानमंत्री मोदी। -फाइल लता मंगेशकर और प्रधानमंत्री मोदी। -फाइल
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लता मंगेशकर और प्रधानमंत्री मोदी। -फाइललता मंगेशकर और प्रधानमंत्री मोदी। -फाइल

  • लताजी ने 1940 के दशक में फिल्मों में गायिकी की शुरुआत की थी
  • लताजी को 2001 में भारत रत्न, 1989 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार भी मिला

दैनिक भास्कर

Sep 06, 2019, 03:13 PM IST

बॉलीवुड डेस्क. भारतीय फिल्म संगीत में सात दशक के अभूतपूर्व योगदान के लिए स्वर कोकिला लता मंगेशकर को डॉटर ऑफ द नेशन का खिताब दिया जाएगा। केंद्र सरकार 28 सितंबर को 90वें जन्मदिन पर उन्हें यह सम्मान देगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस खास मौके के लिए गीतकार और कवि प्रसून जोशी ने खास गीत लिखा है।

लताजी के फैन हैं प्रधानमंत्री मोदी

सूत्रों ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लता मंगेशकर के बड़े प्रशंसक हैं। वे भारत की सभी आवाजों का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्हें सम्मानित करना देश की बेटी को सम्मान देना है। उन्हें 90वें जन्मदिन पर खिताब देने का फैसला लिया गया है।

मध्य प्रदेश के इंदौर में जन्मी लता मंगेशकर ने गाने की शुरुआत 40 के दशक में कर दी थी। तब वो महज 13 साल की थीं। उन्होंने पहला गाना मराठी फिल्म 'किती हसाल' (1942) के लिए रिकॉर्ड किया था, जिसे फाइनल कट से पहले हटा दिया गया था। 1943 में आई मराठी फिल्म 'गजाभाऊ' में उन्होंने हिंदी सॉन्ग 'माता एक सपूत की दुनिया बदल दे' को आवाज दी। इसे उनका पहला सॉन्ग माना जाता है। तब से लगातार गाने गा रही हैं।

लताजी को गायकी की दुनिया में अहम योगदान के लिए अब तक तीन नेशनल अवॉर्ड (फिल्म 'परिचय' के लिए 1972 में, 'कोरा कागज़' के लिए 1974 में और 'लेकिन' के लिए 1990 में) मिल चुके हैं। भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण (1969), दादा साहब फाल्के (1989), पद्म विभूषण (1999) और भारत रत्न (2001) से भी सम्मानित किया था।

पिछले दिनों इंटरनेट सेंसेशन रानू मंडल को लेकर लताजी ने प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था, "अगर मेरे नाम और काम से किसी का भला होता है तो मैं अपने आपको खुश किस्मत समझती हूं। लेकिन मुझे यह भी लगता है कि नकल सफलता का विश्वसनीय और टिकाऊ साथी नहीं हो सकती। मेरे या किशोर (कुमार) दा या (मोहम्मद) रफी साब या मुकेश भैया या आशा (भोसले) के गानों से एस्पायरिंग सिंगर्स कम वक्त के लिए ध्यान खींच सकते हैं। लेकिन ये आखिरी नहीं है।''

रानू मंडल प. बंगाल के रानाघाट रेलवे स्टेशन के जिस वायरल वीडियो के बाद सुर्खियों में आईं, उसमें वो फिल्म 'शोर' (1972) का गाना 'एक प्यार का नगमा है' गा रही थीं, जिसकी असली सिंगर लता मंगेशकर हैं। वायरल वीडियो के बाद संगीतकार हिमेश रेशमिया ने रानू को अपनी फिल्म 'हैप्पी हार्डी एंड हीर' में गाने का मौका दिया।

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