बिहार / झरने से अचानक आई बाढ़, सौ श्रद्धालु फंसे, स्थानीय युवकों ने मानव शृंखला बना किया रेस्क्यू



सुबह 10 बजे झरने का बहाव सामान्य था। करीब 12 बजे बहाव तेज होते ही नदी का जलस्तर छह फीट पहुंच गया। सुबह 10 बजे झरने का बहाव सामान्य था। करीब 12 बजे बहाव तेज होते ही नदी का जलस्तर छह फीट पहुंच गया।
Local youth rescued from floods in the waterfall in sasaram bihar
Local youth rescued from floods in the waterfall in sasaram bihar
Local youth rescued from floods in the waterfall in sasaram bihar
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सुबह 10 बजे झरने का बहाव सामान्य था। करीब 12 बजे बहाव तेज होते ही नदी का जलस्तर छह फीट पहुंच गया।सुबह 10 बजे झरने का बहाव सामान्य था। करीब 12 बजे बहाव तेज होते ही नदी का जलस्तर छह फीट पहुंच गया।
Local youth rescued from floods in the waterfall in sasaram bihar
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Local youth rescued from floods in the waterfall in sasaram bihar

  • बारिश के बाद मन्नत उतारने देवीजी के मंदिर पहुंचे थे श्रद्धालु
  • तुतला भवानी मंदिर की घटना, फिलसन भरे रास्ते से नदी होकर गुजरते हैं श्रद्धालु

Dainik Bhaskar

Jul 09, 2019, 10:47 AM IST

सासाराम. यहां कैमूर पहाड़ी से गिरने वाले झरने में अचानक बाढ़ आने से एक सैकड़ा जिंदगियां मुश्किल में आ गईं। सोमवार दोपहर अचानक बारिश शुरू होने से पहाड़ी पर स्थित मंदिर के ऊपर झरने से हजारों क्यूसेक पानी नीचे गिरने लगा। नदी में बाढ़ आने से 100 से अधिक श्रद्धालु फंस गए। ऐसे में स्थानीय लोग आगे आए और रस्सी का सहारा लेकर मानव श्रृंखला के जरिए सभी श्रद्धालुओं को बाहर निकाला। नदी में छह फीट से ऊपर का जलस्तर था। बाढ़ का कारण सुबह से पहाड़ी इलाके में भारी वर्षा होना बताया जा रहा है। 

 

यहां तुतला भवानी मंदिर में सोमवार की वजह से सुबह से ही सैकड़ों श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा था। पूजा अर्चना के लिए करीब 10 बजे 100 की संख्या में श्रद्धालु नदी को पार कर फिसलन भरे रास्ते से होकर पहाड़ी के बीच स्थित मंदिर पहु्ंचे थे। इस जत्थे में 35 महिलाओं समेत बच्चे और पुरुष शामिल थे। इसी बीच नदी में अचानक बाढ़ आ गई। लोगों ने नदी के बीच मौजूद बड़े-बड़े चट्टानों पर शरण ली और बचाव के लिए गुहार लगाने लगे। मंदिर कमेटी के सदस्य मददगार साबित हुए।

 

पहले भी हुई है ऐसी घटना
मंदिर विकास कमेटी ने बताया कि तेज बारिश से कभी-कभी अचानक पानी का बहाव तेज हो जाता है जिससे नदी के उस पार नहाने पहुंचने वाले पर्यटक फंस जाते हैं। ऐसी स्थिति में कमेटी के स्वयंसेवक खुद से पहल कर उन्हें निकालते हैं। हर वर्ष यहां झरनों में सैकड़ों श्रद्धालु फंस जाते हैं फिर भी इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की जाती है। 

 

फिसलन भरा है संकरा रास्ता

नदी को पार कर पहाड़ी के बीच में मंदिर में आने-जाने के लिए फिसलन भरे संकरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। झरने में पानी की बढ़ोतरी को देखकर लोगों ने शोर मचाया लेकिन किसी को अंदेशा नहीं था कि अचानक ऐसी स्थिति आ जाएगी। संकीर्ण रास्ता और पहाड़ी से झरने में गिरने के डर से वहां भगदड़ नहीं मची। लोगों ने अपने को बचा कर नदी पार ले जाने का काफी प्रयास किया लेकिन सभी को सफलता नहीं मिली। कई लोग दोनों किनारों पर फंसे रहे वहीं कुछ लोग नदी के बीच पत्थर पर फंस गए। लोगों ने बताया कि नदी में 5 से 6 फीट पानी भर गया था। 

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