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उपलब्धि / ड्राइवर पिता और मजदूर मां की बेटी ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में किया देश का प्रतिनिधित्व

प्रेमलता तमिलसेल्वन (फाइल फोटो) प्रेमलता तमिलसेल्वन (फाइल फोटो)
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प्रेमलता तमिलसेल्वन (फाइल फोटो)प्रेमलता तमिलसेल्वन (फाइल फोटो)

  • प्रेमलता के पिता एक ट्रक ड्राइवर हैं और उनकी मां मजदूरी करती हैं
  • प्रेमलता ने जाति विभिन्नता, शिक्षा प्रणाली और एनईईटी परीक्षा पर विचार रखे

दैनिक भास्कर

Oct 06, 2019, 10:40 PM IST

मदुरै. मदुरै की छात्रा प्रेमलता ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के सोशल फोरम में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। प्रेमलता (21) के पिता एक ट्रक ड्राइवर हैं और मां मजदूरी करती हैं। रविवार को जेनेवा में आयोजित कार्यक्रम से लौटकर उन्होंने कहा- मैने समाज में व्याप्त जातिभेद, शिक्षा प्रणाली और एनईईटी परीक्षा के बारे में अपने विचार रखे।

 

प्रेमलता ने मानवाधिकार शिक्षा विषय पर साल 2012 में तैयार की गई ‘डिग्निटी: द पावर ऑफ ह्यूमन राइट्स एजूकेशन’ डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग के मौके पर फोरम को संबोधित किया। मानवाधिकार उच्चायुक्त (ओएचसीएचआर) द्वारा प्रोड्यूस इस डॉक्यूमेंट्री में प्रेमलता को फीचर किया गया था। उस समय प्रेमलता तमिलनाडु सरकार द्वारा आदिवासियों के लिए चलाए जाने वाले स्कूल में आठवीं कक्षा की छात्रा थी।

 

‘हम जातियों को बनाए रखना चाहते हैं’
डॉक्यूमेंट्री फिल्म में प्रेमलता ने भारतीय समाज में व्याप्त जाति और लिंग के आधार पर होने वाले भेदभाव के बारे में बात की थी। इस फिल्म में बच्चों को मानवाधिकार शिक्षा देने के महत्व के बारे में भी बताया गया था। प्रेमलता ने जेनेवा जाने से पहले न्यूज एजेंसी से कहा था ‘हमारे देश में बहुत जातियां हैं और हम इन जातियों को बनाए रखना चाहते हैं। इन जातियों से ताल्लुक रखने वाले लोगों को समान अधिकार प्राप्त करने में कठिनाई होती हैं। मैं इस मौके का उपयोग करुंगी और संयुक्त राष्ट्र में इस पर बोलूंगी।’

 

कानून पढ़ना चाहती है प्रेमलता

प्रेमलता इतिहास में ऑनर्स की शिक्षा पूरी कर चुकी हैं। आगे की पढ़ाई के बारे में उन्होंने कहा कि मैं कानून की पढ़ाई करना चाहती हूं, क्योंकि इससे मैं सामाजिक मुद्दों का समाधान करने में सक्षम हो पाऊंगी। लेकिन, मुझे कई बार यह मौका नहीं दिया गया। संयुक्त राष्ट्र का सोशल फोरम एक सालाना बैठक है। इसमें यूएन मानवाधिकार परिषद द्वारा चयनित किसी विषय पर खुली चर्चा की जाती है।
 

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