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\'महा\' पड़ा कमजोर: अब बंगाल की खाड़ी में बन रहा \'बुलबुल\'; झारखंड, बंगाल और ओडिशा में होगा इसका असर

2 वर्ष पहले
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अब नया खतरा \'बुलबुल\' से है। - Dainik Bhaskar
अब नया खतरा \'बुलबुल\' से है।
  • तट से टकराने से पहले ही \'महा\' ने तूफान का स्वरूप खो दिया, दीव से 40 किमी पहले ही तीव्र दबाव में बदल जाएगा
  • फिर भी इसके असर से तटीय इलाकों में 65 से 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है, ओड़िशा में भी अलर्ट
  • गुरुवार को राजकोट में भारत-बांग्लादेश टी-20 मुकाबले पर भी संशय, सीएम रूपाणी ने मैच देखने का कार्यक्रम रद्द किया

गांधीनगर/जमशेदपुर.  अरब सागर में उठा तूफान महा कुछ और कमजोर पड़ गया है। अब यह गुजरात तट से नहीं टकराएगा। दीव तट से 40 किमी की दूरी पर ही गुरुवार दोपहर तक तेज दबाव में बदलकर तूफान का स्वरूप खो देगा। महा तो मंद होने लगा, लेकिन अब बंगाल की खाड़ी में नया चक्रवाती तूफान ‘बुलबुल’ बन रहा है। भारतीय माैसम विभाग की मानें, ताे इसका असर ओडिशा, बंगाल और झारखंड के कई हिस्साें में देखने काे मिलेगा।

गुरुवार को राजकोट में भारत और बांग्लादेश के बीच होने वाले टी 20 क्रिकेट मैच में खराब मौसम का खतरा मंडरा रहा है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने मौजूदा परिस्थिति में गुरुवार को राजकोट में भारत बांग्लादेश के बीच होने वाले टी 20 क्रिकेट मैच देखने के अपने कार्यक्रम को रद्द कर दिया है। भारत और बांग्लादेश के बीच तीन मैच की टी-20 सीरीज का दूसरा मैच गुरुवार को राजकोट में खेला जाएगा। मैच शाम 7.30 बजे से शुरू होगा। पहला टी-20 मैच जीतकर बांग्लादेश सीरीज में 1-0 से आगे है। टीम इंडिया अगर यह मैच हारी तो 4 साल में दूसरी बार बांग्लादेश से सीरीज हार जाएगी।
 

तटीय इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं
अहमदाबाद मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जयंत सरकार ने बुधवार को बताया कि तूफान महा तेजी के साथ कमजोर पड़ रहा है। यह अपनी दिशा को और थोड़ा बदल सकता है और तट से टकराने से पहले ही तूफान का स्वरूप खो देगा। यह दीव तट के निकट पहुंचने से पहले ही तीव्र दबाव में बदल जाएगा। हालांकि इसके असर से राज्यभर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तटीय इलाकों में गुरुवार को लगभग 65 से 75 किमी प्रति घंटे तक की गति से हवाएं चल सकती है।
 

एनडीआरएफ की टीम तैनात
गुजरात सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि तूफान का कमजोर पड़ना राहत की बात है। फिर भी एहतियात के तौर पर तटीय इलाकों में एनडीआरएफ की 30 कंपनियां तैनात की गई हैं। राहत और बचाव केंद्र भी बनाए गए हैं। राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पंकज कुमार ने बताया कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के भी संपर्क में है। हर जरूरी एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं। एनडीआरएफ की 15 टीमें पहले से राज्य में हैं, 15 और बुलाई गई हैं। तटरक्षक बल और नौसेना के पोतों को भी तैनात किया गया है।
 

पाकिस्तान ने दिया बुलबुल नाम
बुलबुल तूफान का नाम पाकिस्तान ने दिया है। इससे पहले आए तितली तूफान का नाम भी पाकिस्तान ने ही रखा था। माैसम विभाग की मानें ताे 9 नवंबर से ओडिशा, बंगाल और झारखंड के कई शहरों के माैसम का मिजाज बदलेगा। जहां बादल छाएंगे, वहीं तेज हवा के साथ हल्की बारिश भी हाे सकती है। ठंड का असर बढ़ेगा।
 

तूफान ‘बुलबुल’ की स्थिति
माैसम विभाग की मानें ताे अगर खाड़ी में बना चक्रवाती प्रवाह तूफान का रूप लेता है ताे यह साल का सातवां चक्रवाती तूफान होगा। अभी यह पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप से 930 किलोमीटर, ओडिशा के पाराद्वीप से 820 किलोमीटर और अंडमान के माया बंदर से 370 किलोमीटर दूर है।
 

ओडिशा के 14 जिलों में भी अलर्ट
बुलबुल तूफान के मद्देनजर ओडिशा के 14 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। स्पेशल रिलीफ कमिश्नर ने बंगाल की खाड़ी से लगे इन जिलों के कलेक्टर को हालात पर निगाह बनाए रखने के लिए कहा है। मछुआरों को भी 7 नवंबर की शाम तक वापस लौटने की चेतावनी दी गई है।
 

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