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महाभारत-2019 / 2009 में जया के बिंदिया बांटने, संजय दत्त के माया को झप्पी देने के बयान पर हुआ विवाद

Dainik Bhaskar

Jan 08, 2019, 10:23 AM IST


जया प्रदा। जया प्रदा।
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जया प्रदा।जया प्रदा।

  • 52 साल में पहली बार अटलजी की सक्रियता बिना हुए थे चुनाव
  • इस चुनाव में कांग्रेस ने 206 और भाजपा 116 सीटों पर जीत दर्ज की

दिल्ली. कांग्रेस के नेतृत्व में 2004 में बने यूनाइटेड प्रोग्रेसिव अलाएंस (यूपीए) की सरकार ने मनरेगा, आरटीआई जैसे कानून बनाए। वहीं 2009 के चुनाव से ऐन पहले किसान ऋण माफी की घोषणा की। चुनाव में कांग्रेस यूपीए-1 में किए कार्यों और स्थायी सरकार के मुद्दे पर जनमत लेने पहुंची। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित किया। भाजपा ने अपने प्रचार में मनमोहन सिंह को कमजोर प्रधानमंत्री बताया। इस चुनाव में चुनाव आयोग ने निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्गठन किया। कई सीटें जो अब तक आरक्षित थीं वे सामान्य हुईं और कई सामान्य सीटों को आरक्षित किया गया।

 

2009 के चुनाव प्रचार के दौरान कुछ रोचक विवाद सामने आए। जिनमें उत्तर प्रदेश की रामपुर लोकसभा सीट खासतौर से चर्चा में आई। यहां अभिनय से राजनीति में आईं जया प्रदा समाजवादी पार्टी की ओर से उम्मीदवार थीं। वे महिला मतदाताओं को बिंदियां बांटने के आरोप में घिर गईं। चुनाव आयोग ने इसे मतदाताओं को लुभाने का प्रयास माना और जया को नोटिस भेज दिया था।

 

वहीं इन चुनावों के दौरान एक फिल्मी डायलॉग अभिनेता संजय दत्त के लिए मुसीबत बन गया था। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में चुनाव प्रचार के समय समाजवादी पार्टी की एक रैली में उन्होंने बसपा प्रमुख मायावती के लिए कहा कि वे मुख्यमंत्री को जादू की झप्पी देंगे। वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर संजय दत्त के खिलाफ थाने में केस दर्ज कर लिया गया था। संजय तब समाजवादी पार्टी के महासचिव और स्टार प्रचारक थे।

 

लहरविहीन चुनाव में भाजपा चुनाव हार गई और कांग्रेस ने दोबारा सरकार बनाई। 1984 के बाद यह पहली बार था जबकि पांच साल सरकार चलाने के बाद उसी दल की सरकार फिर बनी हो। वहीं 1991 के चुनाव के बाद यह पहली बार था जब कांग्रेस के सदस्यों की संख्या 200 के पार पहुंची। कांग्रेस को 206 सीटें मिलीं। भाजपा को 116 सीटें ही मिलीं। यूपीए ने प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की अगुआई में सरकार बनाई। इस चुनाव में तमिलनाडु में जयललिता, बिहार में लालू प्रसाद यादव और रामविलास पासवान की करारी हार हुई। हमेशा राजनीति का रुझान पहले ही भांपने वाले रामविलास पासवान पहली बार चुनाव हारे।

 

एक वोटर के लिए बनाया पोलिंग बूथ

 

  • गुजरात के बनेज गांव का एक पोलिंग बूथ भी चर्चा में रहा। यहां चुनाव आयोग को सिर्फ एक मतदाता के लिए पोलिंग बूथ बनाना पड़ा था। जूनागढ़ जिले का यह बूथ गिर नेशनल पार्क के अंदर था।
  • 1957 के बाद यह पहला चुनाव था जिसमें अटल बिहारी वाजपेयी की कोई सक्रिय भागीदारी नहीं थी। उनके निर्वाचन क्षेत्र लखनऊ से भाजपा के नेता लालजी टंडन विजयी हुए। वे अटलजी के हाथ से लिखी चिट्‌ठी दिखाकर प्रचार करते थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी रीता बहुगुणा जोशी को करीब 40 हजार वोटों से हराया।
  • चुनाव में कुल 8070 उम्मीदवार थे। जिनमें से 556 महिला उम्मीदवार थीं। इनमें से 59 महिलाएं संसद के लिए निर्वाचित हुईं। 
  • सर्वाधिक 43 उम्मीदवार चेन्नई दक्षिण और सबसे कम तीन प्रत्याशी असम की कोकराझार और नगालैंड संसदीय सीट पर थे।
  • चुनावों में सात राष्ट्रीय पार्टियों, 34 राज्य स्तरीय और 322 रजिस्टर्ड पार्टियों ने भाग लिया। पांच चरणों में हुए चुनावों में चुनाव आयोग ने 119 स्पेशल ट्रेन, 55 हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया। 
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