पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Uddhav Thackeray | Maharashtra Chief Minister Uddhav Thackeray Maharashtra Council Latest News Updates

महाराष्ट्र:मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के पास नहीं है कार, दो बंगलों के मालिक; विधान परिषद चुनाव के हलफनामे में बताई 143 करोड़ की संपत्ति, 23 मुकदमे दर्ज हैं

मुंबईएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
मुख्यमंत्री बने रहने के लिए उद्धव ठाकरे को 28 मई तक विधानमंडल के किसी एक सदन का सदस्य बनना बेहद जरूरी है। - Dainik Bhaskar
मुख्यमंत्री बने रहने के लिए उद्धव ठाकरे को 28 मई तक विधानमंडल के किसी एक सदन का सदस्य बनना बेहद जरूरी है।
  • उद्धव ठाकरे ने अपने पास 24 करोड़ 14 लाख 99 हजार 593 करोड़ की चल संपत्ति घोषित की
  • पत्नी रश्मि के पास 65.9 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति है, उन पर 11 करोड़ का कर्ज भी है

(विनोद यादव). मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के पास 143 करोड़ 26 लाख 74 हजार रुपए की चल-अचल संपत्ति है। उन पर कुल 4.6 करोड़ रुपए की देनदारी भी है। यह जानकारी ठाकरे ने विधान परिषद सदस्य के लिए दाखिल नामांकन पत्र के साथ दिए गए हलफनामे में दी गई है। दो बंगलों के मालिक उद्धव ठाकरे के पास एक भी कार नहीं है। उन पर 23 आपराधिक केस दर्ज हैं। 

उद्धव ठाकरे ने अपने पास 24 करोड़ 14 लाख 99 हजार 593 करोड़ की चल और 52 करोड़ 44 लाख 57 हजार 948 रुपए की अचल संपत्ति बताई है। पत्नी रश्मि के पास 65.9 करोड़ रुपए की और चल-अचल संपत्ति है। इसके अलावा हिंदू अविभक्त परिवार (आदित्य और तेजस और अन्य सदस्यों की संयुक्त संपत्ति) के पास 1.58 करोड़ की अतिरिक्त चल संपत्ति है। मुख्यमंत्री पर 4.6 करोड़ रुपए और पत्नी रश्मि पर 11.44 करोड़ रुपए की देनदारी है।

उद्धव ठाकरे की संपत्ति 

  • 1.60 करोड़ रुपए लकी बैंक में एफडी, 21.68 करोड़ रुपए बॉन्ड्स में निवेश।
  • 3 लाख रुपए की पोस्टल सेविंग और 23 लाख 20 हजार रुपए की ज्वैलरी।
  • पत्नी रश्मि के पास 1.35 करोड़ रुपए की बुलियन ज्वैलरी है। इसके अलावा बैंक में 34.86 लाख रुपए की एफडी है।
  • रश्मि ठाकरे ने बॉन्ड्स में कुल 33.79 करोड़ रुपए का निवेश किया हुआ है।

रायगढ़ जिले में उद्धव के नाम 5 करोड़ की जमीन

  • रायगढ़ जिले के खालापुर में पांच कृषि जमीन, जिसका वर्तमान बाजार मूल्य 5.6 करोड़ रुपए बताया गया है।
  • अहमदनगर जिले में 13.64 करोड़ रुपए की अकृषि जमीन।
  • बांद्रा (पूर्व) में दो निवासी बिल्डिंग है, जिसमें मातोश्री बंगला भी शामिल।
  • 4,410 वर्ग फीट के मातोश्री बंगले का अनुमानित वर्तमान बाजार मूल्य 14.44 करोड़ रुपए बताया गया है।
  • बांद्रा में स्थित 13,235 वर्ग फीट के दूसरे निवासी बंगले की मार्केट वैलू (कीमत) 19.29 करोड़ रुपए है।

शिवसेना प्रमुख के ऊपर दर्ज हैं 23 अपराधिक मामले

शिवसेना प्रमुख के ऊपर कुल 23 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 12 मामलों की जांच के बाद उनका नाम उसमें से हटा दिया गया है। इसमें से अधिकांश मामले शिवसेना के मुखपत्र सामना में लिखे लेख व खबरों से संबंधित हैं। इसके अलावा गैरकानूनी ढंग से मोर्चा निकालने, भड़काऊ भाषण देने और एक चेक बाउंस होने का भी मामला है। अन्य मामले निजी शिकायतें हैं। इनमें से एक मामला शिवसेना भवन के बाहर नारायण राणे के साथ हुए झगड़े का भी है। यह झगड़ा नारायण राणे के शिवसेना छोड़ने के बाद हुआ था।

28 मई से पहले उद्धव ठाकरे का विधान मंडल का सदस्य बनना जरूरी

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे इस वक्त विधानमंडल के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। उन्हें मुख्यमंत्री बने रहने के लिए 28 मई तक विधानमंडल के किसी एक सदन का सदस्य बनना बेहद जरूरी है। विधान परिषद की 9 सीट के लिए 21 मई को होने वाला है। मगर कोरोना महामारी की वजह से प्रमुख विपक्ष दल भाजपा व सत्तापक्ष शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस के बीच यह चुनाव निर्विरोध कराए जाने की अंदरूनी सहमति बन गई है। लिहाजा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का विधान परिषद सदस्य निर्विरोध चुना जाना अब महज औपचारिकता रह गई है। 

बेटे आदित्य ठाकरे के पास 17.69 करोड़ की संपत्ति 

विधानसभा के चुनाव के वक्त मुख्यमंत्री के बेटे आदित्य ठाकरे ने जब नामांकन दाखिल किया था तब कुल 17.69 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति घोषित की थी। इसमें 11.38 करोड़ की चल और 4.67 करोड़ की अचल संपत्ति थी। इसके अलावा हिंदू अविभक्त परिवार के पास 1.64 करोड़ की चल संपत्ति भी शामिल थी।

पिता के आदेश पर उद्धव राजनीति में सक्रिय हुए
27 जुलाई 1960 में मुंबई में जन्मे उद्धव जेजे स्कूल से ग्रेजुएट हैं। परिवार में उनकी पत्नी रश्मि ठाकरे, 2 बेटे आदित्य और तेजस हैं। आदित्य विधायक और युवा सेना के अध्यक्ष हैं, जबकि तेजस अमेरिका में पढ़ाई कर रहे हैं। उद्धव के करीबी बताते हैं कि उन्हें राजनीति से ज्यादा फोटोग्राफी का शौक रहा है। लेकिन पिता के आदेश पर राजनीति में सक्रिय हुए। बाला साहेब ने 2002 में सबसे पहले उन्हें बीएमसी चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी थी, जिसे उद्धव ने बखूबी निभाया था।

2003 में शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष बने
इसके बाद 2003 में बाला साहेब ने उद्धव की राजनीति में भागीदारी बढ़ाने के लिए उन्हें शिवसेना का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया था। फिर 2004 में बाला साहेब ने उन्हें पार्टी का अगला अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा की थी। उद्धव ने शिवसेना के प्रदेश में विस्तार में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने स्थानीय निकायों और जिला परिषद में भी शिवसेना का आधार तैयार किया।

सामना में लेख से अपनी आक्रामक छवि गढ़ी
उद्धव की छवि स्‍वभाव से अंतर्मुखी राजनेता के रूप में थी। राजनीति में सक्रिय होने से पहले वह मीडिया से भी दूर रहते थे। लेकिन पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के बाद भी उद्धव को छवि से बाहर आने में वक्‍त लगा। फिर उन्‍होंने पिता की तरह तेवर दिखाने शुरू किए। बयानों के साथ ही शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में लेख लिखकर पार्टी के उग्र तेवर को जारी रखा।