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महाराष्ट्र में 18 मंत्रियों ने ली शपथ:भाजपा और शिंदे गुट से 9-9 मंत्री बने; मंत्रिमंडल में लोढा सबसे अमीर, CM सबसे कम पढ़े-लिखे

मुंबई2 महीने पहलेलेखक: आशीष राय
राजभवन में सबसे पहले भाजपा के पांच विधायकों ने शपथ ली।

एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री बनने के 39 दिन बाद मंगलवार को महाराष्ट्र में मंत्रिमंडल का गठन हो गया। 50-50 फॉर्मूले के तहत दोनों ओर से 9-9 विधायक मंत्री बनाए गए। सबसे पहले भाजपा के राधाकृष्ण विखे पाटिल ने शपथ ली। नए मंत्रिमंडल में भाजपा के प्रभात लोढा सबसे अमीर हैं, जबकि मुख्यमंत्री खुद सबसे कम 10वीं पास हैं।

सबसे पहले जानिए एकनाथ शिंदे के नए मंत्रिमंडल के बारे में...जिस क्रम में मंत्रियों के फोटो लगे हैं, उसी क्रम में उन्होंने शपथ ली है-

नए मंत्रियों में से 70% दागी, सभी करोड़पति
शिंदे की नई टीम में सभी मंत्री करोड़पति हैं। सबसे अमीर मालाबार हिल्स से भाजपा विधायक मंगल प्रभात लोढा हैं। सबसे कम यानी 2 करोड़ की प्रॉपर्टी पैठण सीट से विधायक संदीपन भुमरे के पास है। कैबिनेट में 12 ऐसे मंत्री हैं, जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से कुछ पर गंभीर धाराएं भी लगी हैं। चुनावी हलफनामे के मुताबिक, मुख्यमंत्री शिंदे पर 18 और उप मुख्यमंत्री पर 4 क्रिमिनल केस दर्ज हैं।

मुख्यमंत्री सबसे कम पढ़े-लिखे
नई कैबिनेट में एक मंत्री 10वीं और 5 बारहवीं पास हैं। इनके अलावा एक इंजीनियर, 7 ग्रेजुएट, 2 पोस्ट ग्रेजुएट और एक डॉक्टरेट की उपाधि ले चुके हैं। बीजेपी के विधायक सुरेश खाडे सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे हैं। सीएम शिंदे भी 10वीं पास हैं और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने ग्रेजुएशन किया है।

मंगल प्रभात लोढा के पास 441 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति
मंत्री मंगल प्रभात लोढा पेशे से बिल्डर हैं। चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनके पास 441 करोड़ रुपए से अधिक की चल-अचल संपत्ति है। इनमें से 252 करोड़ रुपए से अधिक की चल संपत्ति और करीब 189 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। 14 लाख रुपए की जगुआर कार, बॉन्ड और शेयर में अन्य निवेश हैं।

लोढा के पास दक्षिण मुंबई में पांच फ्लैट हैं। राजस्थान में एक प्लॉट और उनकी पत्नी के पास मालाबार हिल्स इलाके में एक मकान है। हलफनामे के मुताबिक, लोढा पर पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। वे छह बार विधायक रहे हैं।

एक मंत्री के नाम पर विवाद भी

राकांपा का कमेंट: महिलाओं को जगह नहीं दी
शिंदे मंत्रिमंडल का गठन होने के बाद इस पर पहली प्रतिक्रिया राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) से आई है। पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा- एकनाथ शिंदे ने अपने मंत्रिमंडल में आधी आबादी यानी महिलाओं को जगह नहीं दी है। यह बहुत गलत है।

आदित्य ठाकरे के करीबी आनंद दुबे ने भी महिला को मंत्री नहीं बनाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, 'सरकार का कहना है- सबका साथ, सबका विकास, लेकिन हमारी आधी आबादी के साथ सौतेला व्यवहार करती है।'

शपथ समारोह शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस एक-दूसरे से गर्मजोशी से मिले और अगल-बगल में बैठकर चर्चा करते नजर आए।
शपथ समारोह शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस एक-दूसरे से गर्मजोशी से मिले और अगल-बगल में बैठकर चर्चा करते नजर आए।

बुधवार से विधानसभा का मानसून सत्र
महाराष्ट्र विधानसभा का मानसून सत्र 10 से 18 अगस्त तक चलेगा। विधानमंडल सचिवालय ने मानसून सत्र से पहले की तैयारियों के लिए छुट्टियां कैंसिल कर दी हैं। सचिवालय की ओर से सोमवार को जारी एक आदेश के मुताबिक, 9 से 18 अगस्त के बीच कर्मचारियों की सभी छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और उन्हें कार्यालय में उपस्थित रहने को कहा गया है।

तेलंगाना में 2 महीने, तो कर्नाटक में 3 हफ्ते तक नहीं हुआ था कैबिनेट विस्तार
13 दिसंबर, 2018 को तेलंगाना के CM बनने के बाद के. चंद्रशेखर राव ने दो महीने से अधिक समय तक मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं किया था। उन्होंने गृह मंत्री मोहम्मद महमूद के साथ 68 दिनों तक सरकार चलाई थी। बाद में 19 फरवरी, 2019 को कैबिनेट विस्तार हुआ।

वहीं, कर्नाटक के तत्कालीन मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने 26 जुलाई, 2019 को सरकार बनाने के बाद 3 हफ्ते तक अकेले सरकार चलाई थी। महाराष्ट्र के डिप्टी CM फडणवीस ने कैबिनेट विस्तार में देरी पर कहा कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाविकास आघाड़ी (MVA) सरकार ने 40 दिन तक 7 सदस्यीय कैबिनेट के साथ काम किया।

'शिवसेना किसकी', सुनवाई 12 अगस्त को
शिवसेना पर अधिकार और 16 बागी विधायकों की अयोग्यता के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई टल गई है। अब इस मामले पर 12 अगस्त को सुनवाई होगी। इस मामले को 5 जजों की बेंच को सौंपना चाहिए या नहीं, इसे लेकर भी दलीलें सुनी जाएंगी।

चार दिन पहले पिछली सुनवाई पर CJI ने चुनाव आयोग के वकील से कहा था कि दोनों पक्ष चुनाव आयोग में सोमवार को हलफनामा दे सकते हैं। अगर कोई पक्ष समय की मांग करता है, तो आयोग उस पर विचार करे।

महाराष्ट्र सियासी संकट का पूरा घटनाक्रम जानिए

  • 20 जून को शिवसेना के 15 विधायक 10 निर्दलीय विधायकों के साथ पहले सूरत और फिर गुवाहाटी के लिए निकल गए।
  • 23 जून को शिंदे ने दावा किया कि उनके पास शिवसेना के 35 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। लेटर जारी किया गया।
  • 25 जून को डिप्टी स्पीकर ने 16 बागी विधायकों को सदस्यता रद्द करने का नोटिस भेजा। बागी विधायक सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।
  • 26 जून को सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना, केंद्र, महाराष्ट्र पुलिस और डिप्टी स्पीकर को नोटिस भेजा। बागी विधायकों को राहत कोर्ट से राहत मिली।
  • 28 जून को राज्यपाल ने उद्धव ठाकरे को बहुमत साबित करने के लिए कहा। देवेंद्र फडणवीस ने मांग की थी।
  • 29 जून को सुप्रीम कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
  • 30 जून को एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने। भाजपा के देवेंद्र फडणवीस उप मुख्यमंत्री बनाए गए।
  • 3 जुलाई को विधानसभा के नए स्पीकर ने शिंदे गुट को सदन में मान्यता दे दी। अगले दिन शिंदे ने विश्वास मत हासिल कर लिया।
  • 3 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा- हमने 10 दिन के लिए सुनवाई क्या टाली आपने (शिंदे) सरकार बना ली।
  • 8 अगस्त को होने वाली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने टाल दी। अब 12 अगस्त को सुनवाई होगी।