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कांग्रेस-राकांपा के बीच न्यूनतम साझा कार्यक्रम कमेटी की बैठक, राउत ने फिर कहा- मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा

9 महीने पहले
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न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर बैठक करते कांग्रेस-राकांपा के नेता।
  • न्यूनतम साझा कार्यक्रम बनाने की कमेटी में कांग्रेस-राकांपा के 5-5 नेता शामिल, सभी ने होटल में उद्धव से मुलाकात की
  • राउत को अस्पताल से छुट्टी मिली, उन्होंने कहा- भाजपा लाख कोशिश कर ले राज्य में मध्यावधि चुनाव नहीं होंगे
  • राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मंगलवार दोपहर महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के लिए सिफारिश की थी

मुंबई. महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर कांग्रेस और राकांपा के बीच बैठक हुई। इस बैठक में न्यूनतम साझा कार्यक्रम के बिंदुओं पर विचार किया गया। बुधवार को ही इसके लिए दोनों पार्टियों के 5-5 नेताओं की एक कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी में शामिल कांग्रेस नेताओं ने अस्पताल जाकर शिवसेना नेता संजय राउत से मुलाकात की थी। बाद में इन नेताओं से मिलने, शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे होटल ट्राइडेंट पहुंचे थे। बैठक के बाद उद्धव ने कहा था कि आज हमने चर्चा की शुरुआत की है। बातचीत सही दिशा में है। समय आने पर सरकार गठन पर हम फैसला लेंगे।    

न्यूनतम साझा कार्यक्रम बनाने के लिए कांग्रेस की ओर से बनाई गई कमेटी में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, पृथ्वीराज चव्हाण, मानिकराव ठाकरे, बालासाहेब थोराट और विजय वादेत्तिवार शामिल हैं। वहीं, राकांपा की ओर से जयंत पाटिल, अजित पवार, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे और नवाब मलिक शामिल हैं। ये कमेटी सरकार में पोर्टफोलियो समेत विभिन्न मुद्दों पर सहमती बनाने का प्रयास करेगी। कमेटी में शामिल कांग्रेस नेताओं से शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने मुलाकात की।
 

राउत बोले भाजपा की कोशिशें कामयाब नहीं होंगी
बुधवार दोपहर संजय राउत से मिलने कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण, बालासाहेब थोराट, माणिकराव ठाकरे लीलावती हॉस्पिटल पहुंचे। मुलाकात के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष थोराट ने कहा कि वे सभी उनकी सेहत का हालचाल लेने के लिए यहां आए थे।कुछ ही देर बाद राउत को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया। उन्होंने कहा- राजनीति चलती रहेगी, मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा। मध्यावधि चुनाव नहीं होंगे। भाजपा इसकी लाख कोशिश कर ले, वह कामयाब नहीं होगी। कांग्रेस-राकांपा से बातचीत चल रही है। वहीं, राकांपा प्रमुख शरद पवार ने अपने 54 विधायकों के साथ मुंबई में बैठक की। इसके बाद पवार ने कहा- हमारे विधायक चाहते हैं कि जल्द नई सरकार बने। मुझे लगता है कि नए साल से पहले महाराष्ट्र को नई सरकार मिल जाएगी। 
 

उद्धव ठाकरे बोले- हमने भाजपा का साथ नहीं छोड़ा

  • शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने मंगलवार शाम को यह कहकर हैरान कर दिया था कि \'उनकी पार्टी ने भाजपा का साथ नहीं छोड़ा है\'। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि हमारी राकांपा-कांग्रेस के साथ बातचीत जारी है। उद्धव ने रांकांपा और कांग्रेस के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।
  • इस दौरान उनसे पूछा गया कि क्या भाजपा के साथ विकल्प पूरी तरह खत्म हो चुका है? उद्धव ने कहा- \'आप इतनी जल्दी में क्यों हैं? ये राजनीति है। राज्यपाल ने हमें 6 महीने का समय दिया है। अगर भाजपा-शिवसेना का रिश्ता खत्म हुआ होगा तो उन्होंने खत्म किया होगा। जो बात उस वक्त तय हुई थी, उस पर अमल करो यही हमारी मांग है।\'
  • सरकार के गठन पर उद्धव ने कहा, \'हम तीन पार्टी (शिवसेना, एनसीपी, कांग्रेस) साथ आना चाहते हैं, लेकिन हमें वक्त नहीं दिया गया। हमने राज्यपाल से कहा था कि सरकार बनाने के लिए चर्चा की जरूरत है। हमने सिर्फ 48 घंटे मांगे थे लेकिन राज्यपाल ने राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की और अब हमें 6 महीने का वक्त मिल गया।\'

भाजपा फिर सरकार बनाने की रेस में शामिल हुई 
इस बीच, भाजपा ने खुद को फिर सरकार बनाने की रेस से शामिल कर लिया है। भाजपा के राज्यसभा सांसद नारायण राणे ने दावा किया है कि बहुमत के लिए 145 सीटें जुटाकर सरकार बनाई जाएगी। राणे ने कहा, \'पार्टी राज्य में सरकार बनाने की कोशिश करेगी। इस दिशा में देवेंद्र फडणवीस प्रयास कर रहे हैं। सरकार बनाने के लिए उन्हें जो कुछ करना पड़ेगा उसके लिए तैयार हैं। शिवसेना ने ही हमें साम-दाम दंड भेद सिखाया है।\'
 

शिवसेना ने 11 नवंबर को आधिकारिक तौर पर संपर्क किया: राकांपा
राकांपा-कांग्रेस की कॉन्फ्रेंस में शरद पवार ने कहा था- पहले हम गठबंधन के दलों के बीच सभी बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करेंगे और इसके बाद शिवसेना से भी बातचीत की जाएगी। उनसे भी सभी बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट की जाएगी और उसके बाद ही सरकार बनाने के बारे में आगे कोई फैसला लिया जाएगा। शिवसेना ने पहली बार कांग्रेस और राकांपा से पहली बार 11 नवंबर से आधिकारिक तौर पर संपर्क किया था। अहम फैसला लेने से पहले जरूरी था कि सभी बिंदुओं पर स्पष्टीकरण होना चाहिए। जिस तरह से राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की गई, उसकी हम आलोचना करते हैं। ये मनमाना तरीका है और इसकी हम निंदा करते हैं। यह लोकतंत्र और संविधान का मजाक उड़ाने की कोशिश है। 
 

शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस साथ आए तो बहुमत 

कुल सीटें: 288 

बहुमत: 145 
 

दल सीटें
शिवसेना56
एनसीपी54
कांग्रेस44
कुल 154
निर्दलीय9 विधायक साथ होने का दावा
तब कुल संख्या बल 163

 

महाराष्ट्र में अन्य दलों की स्थिति 
 

पार्टीसीट
भाजपा105
बहुजन विकास अघाड़ी3
एआईएमआईएम2
निर्दलीय और अन्य दल15
कुल 125

 

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