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14 महीने बाद ममता कैबिनेट का विस्तार:9 कैबिनेट मंत्रियों ने शपथ ली, पूर्व भाजपा सांसद बाबुल को भी दीदी ने बनाया मंत्री

कोलकाता4 महीने पहले

पश्चिम बंगाल में 14 महीने बाद बुधवार को ममता बनर्जी कैबिनेट का दूसरी बार विस्तार हुआ। राजभवन में राज्यपाल एल गणेशन ने 9 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई। इनमें 7 कैबिनेट और 2 स्वतंत्र प्रभार मंत्री हैं। ममता ने विधानसभा चुनाव के बाद सितंबर 2021 में भाजपा छोड़ तृणमूल में आए पूर्व सांसद बाबुल सुप्रियो को भी मंंत्री बनाया है।

कैबिनेट मिनिस्टर: बाबुल सुप्रियो, स्नेहाशीष चक्रबर्ती, पार्थ भौमिक, उदयन गुहा, प्रदीप मजूमदार, तजमुल हुसैन, सत्यजीत बर्मन।

मंत्री स्वतंत्र प्रभार: बीरबाहा हंसदा, बिप्लब रॉय चौधरी।

पार्थ चटर्जी मामले में काफी किरकिरी होने के बाद ममता बनर्जी ने अपने मंत्रियों को हिदायत दी है कि गलत काम करने से बचें। उन्होंने कहा- मैं किसी गलत इंसान को नहीं बचाऊंगी।
पार्थ चटर्जी मामले में काफी किरकिरी होने के बाद ममता बनर्जी ने अपने मंत्रियों को हिदायत दी है कि गलत काम करने से बचें। उन्होंने कहा- मैं किसी गलत इंसान को नहीं बचाऊंगी।

3-4 मंत्रियों का कटेगा पत्ता, संगठन में भेजा जाएगा
ममता परफॉर्मेंस के आधार पर 3-4 मंत्रियों को हटा भी सकती हैं। खबरें हैं कि इन सभी को संगठन के कामकाज में लगाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार जिन मंत्रियों को हटाने की चर्चा है उनमें सोमेन महापात्रा, परेश अधिकारी, चंद्रकांत सिंह और मलय घटक का नाम है।

पद और गोपनीयता की शपथ लेते टीएमसी नेता।
पद और गोपनीयता की शपथ लेते टीएमसी नेता।

पार्थ के ED जांच में फंसने के बाद संगठन में भी हुआ बदलाव
सोमवार को कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि सुब्रत मुखर्जी, साधन पांडे के निधन और पार्थ के जेल जाने से सरकार का कामकाज प्रभावित हो रहा है। इसलिए कैबिनेट विस्तार किया जाएगा। ममता के इस बयान के कुछ देर बाद ही तृणमूल जिला संगठन में बड़ा बदलाव किया गया था।

ये तस्वीर सितंबर 2021 की है, जब भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो ने टीएमसी का दामन थामा था।
ये तस्वीर सितंबर 2021 की है, जब भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो ने टीएमसी का दामन थामा था।

कैबिनेट विस्तार क्यों, जानिए 2 अहम पॉइंट...

  • ममता बनर्जी कैबिनेट में टॉप-5 में से 4 मंत्री पिछले 14 महीने में हट चुके हैं। ऐसे में सरकार का कामकाज सीधे तौर पर प्रभावित हो रहा है।
  • बंगाल में 2023 में पंचायत चुनाव और 2024 में लोकसभा चुनाव होना है। ऐसे में ममता बनर्जी अभी से संगठन और सरकार को मजबूत करने में जुट गई हैं।

बड़े-बड़े विभागों में मंत्री नहीं
ममता कैबिनेट के बड़े-बड़े विभागों में अनुभवी मंत्रियों की कमी है। सुब्रत मुखर्जी और साधन पांडे के निधन की वजह से पंचायती राज, PHE, खाद्य और उपभोक्ता और सहकारिता विभाग में कोई मंत्री नहीं है, जबकि पार्थ के हटने से वाणिज्य और उद्योग का प्रभार भी ममता के पास है। ऐसे में इन विभागों की जिम्मेदारी किसे दी जाएगी, ये भी देखना होगा।